राज्यसभा सांसद रजनीश अग्रवाल को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान यानी AIIMS भोपाल के लिए राज्यसभा के एक सदस्य के रूप में निर्वाचित किया गया है। राज्यसभा सचिवालय की ओर से 14 अगस्त 2026 को जारी ऑफिस मेमोरेंडम में इसकी औपचारिक जानकारी दी गई है। दस्तावेज के मुताबिक AIIMS भोपाल समेत देश के सात AIIMS संस्थानों के लिए राज्यसभा से एक-एक सदस्य का निर्वाचन किया गया है। राज्यसभा में 4 अगस्त 2026 को पारित प्रस्ताव और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से भेजे गए निर्वाचन संबंधी नोटिस के आधार पर चुनाव प्रक्रिया शुरू की गई थी। इसके बाद 13 अगस्त 2026 को रजनीश कुमार अग्रवाल को AIIMS भोपाल का सदस्य निर्वाचित किया गया।
सात AIIMS के लिए सदस्यों का निर्वाचन
निर्वाचन प्रक्रिया के तहत AIIMS अवंतीपोरा के लिए गुलाम अली, AIIMS बठिंडा के लिए डॉ. अशोक कुमार मित्तल, AIIMS भोपाल के लिए रजनीश अग्रवाल, AIIMS गुवाहाटी के लिए बीरेन्द्र प्रसाद बैश्य, AIIMS विजयपुर के लिए सत पॉल शर्मा, AIIMS मदुरै के लिए आई.एस. इनबदुरई और AIIMS जोधपुर के लिए मदन राठौड़ को राज्यसभा की ओर से सदस्य चुना गया है। रजनीश अग्रवाल ने जून 2026 में मध्यप्रदेश से राज्यसभा के लिए चुनाव जीता था और 15 जुलाई 2026 को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली थी।
AIIMS भोपाल से जुड़ी जिम्मेदारी अहम
AIIMS अधिनियम के प्रावधानों के तहत संसद के दोनों सदनों से सदस्यों को संबंधित AIIMS के निकायों में प्रतिनिधित्व दिया जाता है। इससे संस्थान के प्रशासन, नीतिगत मुद्दों और मरीजों से जुड़े विषयों पर संसदीय स्तर की निगरानी और संवाद को मजबूती मिल सकती है। AIIMS भोपाल को लेकर संसद में पहले भी मानव संसाधन और पदों से जुड़े मुद्दे सामने आते रहे हैं। केंद्र सरकार के आंकड़ों के मुताबिक मार्च 2026 में AIIMS भोपाल में 312 स्वीकृत फैकल्टी पदों में 241 पद भरे हुए और 71 पद रिक्त थे। वहीं 3,874 स्वीकृत गैर-फैकल्टी पदों में 2,920 पद भरे और 954 पद रिक्त थे।
ऐसे में रजनीश अग्रवाल के सामने AIIMS भोपाल से जुड़े स्टाफ की कमी, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, मरीजों की सुविधाएं, चिकित्सा शिक्षा और शोध जैसे मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी।
राजनीतिक और क्षेत्रीय नजरिए से भी अहम
रजनीश कुमार अग्रवाल का AIIMS भोपाल के बोर्ड में प्रतिनिधित्व मध्यप्रदेश के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा सकता है। राज्यसभा सांसद के तौर पर उन्हें अब प्रदेश के इस प्रमुख चिकित्सा संस्थान से जुड़े विषयों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का अवसर मिलेगा। AIIMS भोपाल मध्यप्रदेश ही नहीं, बल्कि आसपास के राज्यों के मरीजों के लिए भी प्रमुख चिकित्सा केंद्र है। ऐसे में संस्थान की सुविधाओं का विस्तार और विशेषज्ञ सेवाओं को मजबूत करना क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है। राज्यसभा सचिवालय ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय से नवनिर्वाचित सदस्यों को उनके अधिकारों, कार्यों और जिम्मेदारियों से जुड़ी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने तथा उनके कामकाज के समन्वय के लिए उचित अधिकारी नियुक्त करने को भी कहा है। अब देखना होगा कि AIIMS भोपाल के सदस्य के रूप में रजनीश कुमार अग्रवाल किन मुद्दों को प्राथमिकता देते हैं और संस्थान की स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने में उनकी भूमिका किस तरह सामने आती है।