राज्यसभा की 56 सीटों में से 15 सीटों के लिए आज मंगलवार 27 फरवरी को मतदान की प्रक्रिया जारी है। 56 में से 41 सीटों पहले ही उम्मीदवार निर्विरोध चुन लिये गये हैं। इस चुनाव से पहले ही एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। दरअसल जो रिपोर्ट सामने आई है वो कम चौकाने वाली नहीं है। इन 15 राज्यों के राज्यसभा उम्मीदवारों के बारे में मिली एडीआर की यह रिपोर्ट में चौंकाने वाले आंकड़े उजागर हुए हैं।
- 15 राज्यों की 56 सीटों पर चुनाव
- एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स की रिपोर्ट
- 36 प्रतिशत प्रत्याशियों के खिलाफ दर्ज हैं आपराधिक मामले
- 17 प्रतिशत प्रत्याशियों पर गंभीर किस्म के आपराधिक आरोप
- एक उम्मीदवार के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज
रिपोर्ट के अनुसार राज्यसभा के चुनाव मैदान में उतरे 36 फीसदी प्रत्याशी ऐसे हैं जिनके खिलाफ पुलिस थानों में आपराधिक मामले दर्ज हैं। ऐसे में लोगों के मन में कई सवाल खड़े हो रहे हैं। देश की सबसे बड़ी पंचायत यानी संसद में लाखों करोड़ों लोगों के प्रतिनिधि बनकर पहुंचने वाले यह सांसद भी बेदाग नहीं हैं। इन पर भी आपराधिक मामले दर्ज होते हैं। एडीआर की इस नई रिपोर्ट में बड़ी बात यह सामने आई है कि राज्यसभा के लिए चुने जाने की उम्मीद में उम्मीदवार बने करीब 36 फीसदी प्रत्याशियों के खिलाफ थानों में आपराधिक मामले दर्ज किये गये हैं।
15 राज्यों की 56 सीटों पर चुनाव
- उत्तर प्रदेश से राज्यसभा की 10 सीट
- महाराष्ट्र और बिहार से 6-6 सीट
- पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश से 5-5 सीट हैं
- गुजरात और कर्नाटक से 4-4 सीट हैं
- आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में तीन तीन सीट
- राजस्थान और ओडिशा से तीन-तीन सीट
- 1-1 सीट उत्तराखंड, छत्तीसगढ़
- एक एक सीट हरियाणा और हिमाचल प्रदेश से है
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स यानी एडीआर की ओर से 15 राज्यों के इन 58 उम्मीदवारों की ओर से पेश किये गये शपथ पत्र का विश्लेषण किया गया। इसके बाद यह बात सामने आई है कि राज्यसभा के जिन उम्मीदवारों के शपथ पत्र का विश्लेषण किया है इनकी औसत संपत्ति करीब 127 करोड़ रुपये से अधिक है। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स की रिपोर्ट पर भरोसा करें तो कुल 56 सीटों पर 59 प्रत्याशी चुनावी मैदान में डटे हैं। हालांकि इसमें कर्नाटक से राज्यसभा के लिए कांग्रेस उम्मीदवार जी सी चन्द्रशेखर के शपथ पत्र का विश्लेषण नहीं किया जा सका। दरअसल स्कैन किए गए दस्तावेज का अध्ययन नहीं जा सका है। इसके चलते विश्लेषण में केवल 58 प्रत्याशी ही गिने गए हैं।
एक उम्मीदवार के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज
रिपोर्ट के अनुसार जिन 36 प्रतिशत प्रत्याशियों की ओर से अपने खिलाफ आपराधिक मामलों की जानकारी दी गई है। उनमें से 17 प्रतिशत लोगों पर गंभीर किस्म के आपराधिक आरोप हैं। इतना ही नहीं एक उम्मीदवार के खिलाफ तो हत्या के प्रयास का मामला दर्ज है। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स की ओर से किये गये विश्लेषण के अनुसार बीजेपी के 30 प्रत्याशियों में से 8 यानी 27 प्रतिशत, कांग्रेस की ओर से 9 उम्मीदवारों में से 6 यानी 67 प्रतिशत, पश्चिम बंगाल की सत्तारुढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस के 4 उम्मीदवारों में से 1 यानी 25 प्रतिशत, वहीं तीन में से दो यानी 67 प्रतिशत सपा उम्मीदवारों में से 1यानी 33 प्रतिशत है। इसी तरह आंध्र प्रदेश में सत्तारूढ़ वाईएसआर कांग्रेस के 3 उम्मीदवारों में से 1 यानी 33 प्रतिशत और राष्ट्रीय जनता दल के 2 उम्मीदवारों में से 1 यानी 50 प्रतिशत उम्मीदवारों के खिलाफ विभिन्न थानों में आपराधिक केस दर्ज किये गये हैं।





