राज्यसभा चुनाव में क्रास वोटिंग का ‘खेला’,खतरे में हिमाचल की सुक्खू सरकार, राज्यपाल से मिले नेता प्रतिपक्ष

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राज्यसभा चुनाव में यूपी और हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस विधायकों पर क्रास वोटिंग के आरोप लगे हैं। बता दें राज्यसभा की 15 सीटों के लिए यूपी, हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक में मंगलवार 27 फरवरी को हुए चुनाव में जमकर क्रॉस वोटिंग हुई। इसके बाद राजनीतिक दल एक-दूसरे पर जमकर आरोप लगाते देखे गए। बात करें यूपी और हिमाचल प्रदेश के सियासी संग्राम की जिसने पूरे देश का ध्यान खींचा है।

हिमाचल प्रदेश में ऑपरेशन लोटस की आहट

यूपी की सत्तारूढ़ बीजेपी जहां विपक्षी दल सपा को बड़ा झटका देने में कामयाब रही तो वहीं हिमाचल प्रदेश में सत्ताधारी कांग्रेस के किले में बीजेपी ने सेंध लगा दी। यहां हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस के उम्मीदवार रहे अभिषेक मनु सिंघवी को बीजेपी के उम्मीदवार हर्ष महाजन के सामने हार का सामना करना पड़ा। अब दूसरे दिन बुधवार 28 फरवरी को बीजेपी नेता और राज्य के पूर्व सीएम जयराम ठाकुर ने राजभवन की राह पकड़ी और राज्यपाल से मिलकर कहा हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार अल्पमत मे आ गई है। सीएम के पास अपने पद पर बने रहने का अब नैतिक अधिकार नहीं रह गया है। दरअसल राज्यसभा चुनाव के बाद हिमाचल प्रदेश में सियासी उबाल आ गया है। यहां कांग्रेस विधायकों ने राज्यसभा चुनाव में भाजपा के पक्ष में वोटिंग की थी। इसके बाद हिमाचल में कांग्रेस की सुक्खू सरकार खतरे में आ गई है। एक राज्यसभा सीट के लिए चुनाव के दौरान कांग्रेस के 6 और तीन निर्दलीय विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की थी। इसके बाद आज बुधवार को हिमाचल प्रदेश में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने गवर्नर से मुलाकात की। उन्होंने कांग्रेस की सुक्खू सरकार को अल्पमत में बताते हुए बजट सत्र के दौरान राज्यपाल से डिवीजन की मांग की है। उन्होंने कहा अब यह सरकार लंबे समय तक नहीं चल सकती।

सीएम का आरोप- विधायकों ने बेच दिया ईमान

हिमाचल प्रदेश के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कांग्रेस विधायकों के इस कदम पर हैरानी जताई ओर कहा कांग्रेस के आधा दर्जन विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की है। मीडिया से चर्चा के दौरान सीएम ने कहा जब किसी ने अपना ईमान ही बेच दिया तो उसे लेकर क्या कहे। सीएम ने कहा जो विधायक कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीते और चुनकर आए वे बीजेपी को अपने विधानसभा क्षेत्रों में हराकर आए थे।

राज्यसभा चुनाव के दौरान यूपी में समाजवादी पार्टी के सात विधायक बीजेपी के पाले चले गए थे। उन्होंने बीजेपी प्रत्याशियों के पक्ष में वोटिंग की। वहीं गायत्री प्रजापति की पत्नी राज्यसभा के लिए मतदान करने के लिए नहीं पहुंचीं। बता दें राज्यसभा की 56 सीटों में से 15 सीटों के लिए मंगलवार 27 फरवरी को मतदान की प्रक्रिया पूरी कराई गई। 56 में से 41 सीटों पहले ही उम्मीदवारों को निर्विरोध चुन लिया गया था। ऐसे में राज्यसभा चुनावों को लेकर पिछले कई दिनों से जारी गहमा-गहमी के बीच मंगलवार को तीन राज्यों की इन 15 सीटों पर वोटिंग कराई गई। यूपी में राज्यसभा चुनाव के दौरान बड़ी संख्या में क्रास वोटिंग के नजार दिखाई दिए। जिसके दम पर बीजेपी ने 8 सीट जीती हैं। वहीं सपा के खाते में महज दो सीट ही गईं। यूपी में सपा उम्मीदवार जया बच्चन को सबसे ज्यादा 41 वोट मिले हैं। इस बार भी क्रॉस वोटिंग का लाभ बीजेपी को स्पष्ट मिला। जिसने क्रास वोटिंग के दम पर आठवें उम्मीदवार को भी चुनाव में जीत दिलाई।

सपा की जया बच्चन को सबसे अधिक 41 वोट मिले

बता दें उत्तर प्रदेश में 10, हिमाचल प्रदेश की एक और कर्नाटक की 4 सीटों को लेकर मंगलवार को वोटिंग संपन्न हुई। इसके बाद शाम को जब परिणाम आए तो यूपी में समाजवादी पार्टी को तगड़ा झटका लगा। वहां सपा के 7 विधायकों ने बीजेपी के लिए क्रांस वोटिंग की। इस दौरान अमरपाल मौर्य को 38 वोट मिले। आलोक रंजन को 19 वोट मिले। सपा की जया बच्चन को सबसे अधिक 41 वोट मिले। तेजवीर को 38 वोट, नवीन को 38 वोट और आरपीएन सिंह को 37 वोट हासिल हुए। इसी प्रकार रामजी लाल को 37 वोट और साधना को 38 वोट मिले तो
सुधांशु को 38 वोट मिले और संगीता को 38 वोट हासिल हुए।

यूपी में बसपा ने दिया बीजेपी का साथ

उत्तरप्रदेश में मायावती की पार्टी बसपा ने राज्यसभा चुनाव में बीजेपी का साथ दिया है। बसपा के एकमात्र विधायक उमा शंकर पांडेय ने राज्यसभा चुनाव में बीजेपी प्रत्याशी के पक्ष वोटिंग की। वोटिंग के बाद बसपा विधायक पांडेय कहा कि विपक्ष के लोगों ने उनसे वोट देने की अपील ही नहीं की थी। इसलिए उन्होंने बीजेपी प्रत्याशी के पक्ष में वोटिंग की है। बसपा विधायक ने बताया बीजेपी के राज्यसभा प्रत्याशी संजय सेठ ने उझसे समर्थन मांगा था।

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