राजस्थान विधानसभा चुनाव:संजीवनी घोटाले के सहारे संजीवनी की तलाश,गहलोत ने लगाए शेखावत पर आरोप

sanjeevani scam CM Gehlot

राजस्थान में विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी कांग्रेस ने अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है। इस चुनावी तैयारी के बीच राजस्थान का बहुचर्चित संजीवनी घोटाला एक बार​ फिर सुर्खियों में है। इसे लेकर सियासत तेज हो गई है। राज्य के मुख्यमंत्री अशोक ग​हलोत ने बीजेपी के कद्दवर नेता केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत पर गंभीर आरोप लगाए है। बता दें वसुंधरा राजे के बाद गजेन्द्र सिंह को राजस्थान बीजेपी का बड़ा चेहरा माना जाता है। वहीं चुनाव में गहलोत को सचिन पायलट की अदावत के चलते खासा नुकसान उठाना पड़ सकता है। ऐसे में अशोक गहलोत इस संवीजवी घोटाले के जरिए संजीवनी की तलाश है।

इथियोपिया और आस्ट्रेलिया में किया निवेश

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का कहना है संजीवनी कॉ-ऑपरेटिव सोसायटी के घोटाले में शेखावत का परिवार जुड़ा हुआ है। इतना ही नहीं घोटालों से कमाए करोड़ों रुपए को इथियोपिया और आस्ट्रेलिया सहित दूसरे देशों में इंवेस्ट किया गया है। गहलोत ने यह दावा भी किया है कि राजपूत समाज के अध्यक्ष भगवान सिंह रोलसाबसर ने भी इस घोटाले की शिकायत करते हुए गरीब जनता का पैसा वापस दिलाने की बात कही थी। लेकिन गजेन्द्र सिंह शेखावत ने किसी की नहीं सुनीं। अशोक गहलोत ने कहा शेखावत ​के खिलाफ गंभीर आरोप हैं उन्हें मंत्री कैसे बनाया जा सकता है। प्रधानमंत्री को इसकी जांच करानी चाहिए। गहलोत का कहना है घोटाले में केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिहं के परिवार के सदस्य सहित 50 लोग आरोपी हैं।

पीड़ितों की आंख में अब भी हैं आंसू

अशोक गहलोत का कहना है ये हजार पांच हजार रुपये का घोटाला नहीं..पूरे एक हजार करोड़ रुपये का घोटाला है। संजीवनी घोटाले में एक हजार करोड़ रुपये के आसपास की राशि लूटी गई। जिनके साथ ये धांधली हुई उनकी आंखों में आंसू आ जाते हैं। गहलोत ने कहा वे स्वयं उनसे मिलकर भावुक हो गए। बीजेपी नेताओं में इंसानियत होती तो यह खुद बुलाकर बात करते। बता दें राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत दोनों ही जोधपुर से आते हैं। हालांकि दोनों ही अलग अलग पार्टियों के नेता है और मौका लगते ही एक दूसरे पर निशाना साधने से भी नहीं चूकते हैं। चुनाव सामने हैं ऐसे में एक बार फिर सीएम गहलोत ने गजेंद्र सिंह शेखावत पर प्रहार किया है।

क्या है संजीवनी घोटाला मामला

राजस्थान में संजीवनी क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी के नाम से इस संस्था का पंजीयन 2008 में किया गया था। इसके बाद साल 2010 में सासाइटी मल्टी स्टेट कोऑपरेटिव सोसाइटी के रूप में परिवर्तित हो गई। बताय जाता है कि सोसाइटी के पहले मैनेजिंग डायरेक्टर विक्रम सिंह थे। ये घोटाले की जांच में प्रमुख नाम भी हैं। विक्रम सिंह को ही इस पूरे घोटाले का मास्टरमाइंड माना जाता है जिनकी गिरफ्तारी भी हो चुकी है। राज्य हाई कोर्ट में इसे लेकर याचिका दायर की गई है। याचिका में कहा गया है कि संजीवनी क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी ने लोगों से भारी निवेश कराया। निवेशकों को फर्जी रिकॉर्ड पोस्टर दिखाए गए और धोखा दिया। लोगों ने जो पैसा सोसाइटी में निवेश किया था वो लौटाया नहीं गया। इस घोटाले की राशि करीब 900 करोड़ के आसपास बताई जा रही है। यह राशि हजारों लोगों ने बतौर निवेश के रुप में ली गई थी।
आरोप ये भी हैं कि निवेशकों के पैसे को गलत तरीके से लोन पर दिया गया और लोन पर ब्याज भी नहीं वसूला गया।

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