अयोध्या शोक में डूबी: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी राजा विमलेंद्र मोहन मिश्रा का निधन
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वरिष्ठ ट्रस्टी और अयोध्या राजपरिवार के मुखिया राजा विमलेंद्र मोहन मिश्रा का शनिवार की रात निधन हो गया। 71 वर्षीय मिश्रा बीते लंबे समय से बीमार चल रहे थे। बताया जाता है कि उन्होंने रात करीब 12 बजे अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही अयोध्या में शोक की लहर दौड़ गई। रविवार सुबह से ही राज सदन में उन्हें श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लग गया।
पीएम मोदी ने किया था ट्रस्ट का स्थायी सदस्य नामित
राजा विमलेंद्र मोहन मिश्रा को 5 फरवरी 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के गठन के समय स्थायी सदस्य के रूप में नामित किया था। वे न सिर्फ ट्रस्ट की गतिविधियों से जुड़े रहे, बल्कि समाज सेवा और विभिन्न धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजनों में भी सक्रिय भूमिका निभाते रहे।
ट्रस्ट और राजनीतिक जगत में शोक
मिश्रा के निधन की सूचना मिलते ही श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास, महासचिव चंपतराय, कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी, ट्रस्टी डॉ.अनिल मिश्रा के साथ गोपालजी राव सहित दूसरे अन्य पदाधिकारियों ने भी गहरा दुख व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की है। राजनीतिक गलियारों से भी संवेदनाएं व्यक्त की गईं। पूर्व सांसद विनय कटियार, सांसद अवधेश प्रसाद, विधायक प्रकाश गुप्ता, विधायक अभय सिंह, अयोध्या के महापौर गिरीशपति त्रिपाठी, पूर्व महापौर ऋषिकेश उपाध्याय समेत कई जनप्रतिनिधियों ने कहा कि मिश्रा का जाना अयोध्या के लिए अपूरणीय क्षति है।
संत समाज की गहरी पीड़ा
अयोध्या के प्रमुख संतों और महंतों ने भी इस क्षति पर शोक जताया। दशरथ महल के महंत बिंदुगद्दाचार्य देवेंद्र प्रसाद आचार्य मंगल भवन के महंत राम भूषण दास कृपालु जगद्गुरु राम दिनेशाचार्य महंत कमलनयन दास
महंत गिरीश दास महंत रामशरण दास महंत अवधेश दास महंत शशिकांत दास महंत राघवाचार्य महंत मिथिलेश नंदनी शरण महंत रामशंकर दास रामायणी सभी ने कहा कि राजा विमलेंद्र मोहन मिश्रा ने हमेशा धर्म और समाज सेवा को अपना जीवन समर्पित किया। उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता।
दूसरी बड़ी क्षति.. कामेश्वर चौपाल का निधन
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को कुछ ही महीने पहले दूसरी बड़ी क्षति हुई थी। ट्रस्ट के स्थायी सदस्य कामेश्वर चौपाल का इस वर्ष 6 फरवरी को दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में निधन हो गया था। वे किडनी की बीमारी से लंबे समय से जूझ रहे थे। लगातार दो वरिष्ठ सदस्यों की मौत ने ट्रस्ट और राम मंदिर आंदोलन से जुड़े लोगों को गहरे दुख में डाल दिया है।
श्रद्धांजलि और स्मरण
राजा विमलेंद्र मोहन मिश्रा के निधन पर लोगों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। अयोध्या के संत समाज का कहना है कि उन्होंने धर्म, समाज और राम मंदिर आंदोलन में अमूल्य योगदान दिया। वे हमेशा सहज, सरल और सेवा भाव से जुड़े रहे। स्थानीय लोगों ने भी कहा कि मिश्रा का जीवन एक आदर्श राजपरिवार के मुखिया का रहा। उन्होंने सदैव धर्म, समाज और गरीबों के लिए कार्य किए।
अपूरणीय क्षति
मिश्रा के निधन से न केवल श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को बल्कि पूरे अयोध्या और राम भक्त समाज को अपूरणीय क्षति हुई है। संत-महंतों का कहना है कि उनका जाना एक युगांतकारी क्षण है, क्योंकि वे मंदिर आंदोलन से लेकर अयोध्या की धार्मिक परंपरा तक के जीवंत प्रतीक थे। अंतिम संस्कार की तैयारी राजपरिवार और ट्रस्ट की ओर से की जा रही है। देशभर से श्रद्धालु और संत उनके अंतिम दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। (प्रकाश कुमार पांडेय)