विभिन्न राज्यों में बारिश का मौसम : बारिश फिर मचाने आ रही तबाही….मौसम विभाग ने इन राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया

#Rainy season in various states

विभिन्न राज्यों में बारिश का मौसम : बारिश फिर मचाने आ रही तबाही….मौसम विभाग ने इन राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने देशभर के लिए अगले सात दिनों का पूर्वानुमान जारी किया है। मानसून की विदाई के बावजूद कई राज्यों में बारिश और तूफानी हवाओं का कहर देखने को मिल सकता है। महाराष्ट्र, गुजरात, गोवा, कोंकण से लेकर बिहार, ओडिशा और पूर्वोत्तर राज्यों तक कई हिस्सों में भारी से अति भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है।

पश्चिमी भारत में भारी तबाही की आशंका

महाराष्ट्र और गुजरात में 28 सितंबर से 1 अक्टूबर तक भारी बारिश का अलर्ट।

मुंबई, पालघर, ठाणे, रायगढ़ और नासिक में रेड अलर्ट जारी।

सौराष्ट्र-कच्छ और उत्तरी कोंकण में 28-30 सितंबर को अति भारी वर्षा संभावित।

कई जगह बाढ़ और भूस्खलन का खतरा।

पूर्वी-मध्य भारत में तूफानी हवाएं और वर्षा

बिहार, झारखंड, ओडिशा और मध्य प्रदेश में लगातार बारिश की संभावना।

1 से 4 अक्टूबर के बीच बिहार और ओडिशा में भारी वर्षा की चेतावनी।

अंडमान-निकोबार में अगले 5 दिन 40-50 किमी/घंटा की तेज हवाएं।

मध्य प्रदेश के धार, खरगोन, बड़वानी जैसे जिलों में 2.5-4.5 इंच तक बारिश।

पूर्वोत्तर भारत में लगातार बारिश

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम-त्रिपुरा में 29 सितंबर से 3 अक्टूबर तक भारी बारिश।

2 अक्टूबर को नागालैंड और मणिपुर में बहुत भारी वर्षा का अलर्ट।

असम-मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में 3-4 अक्टूबर को भीषण बारिश की संभावना।

दक्षिण भारत में हवाओं का प्रकोप

तमिलनाडु और केरल में 28 सितंबर को भारी वर्षा।

कर्नाटक में 28 सितंबर और 4 अक्टूबर को बरसात।

तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में 28-29 सितंबर को 40-50 किमी/घंटा की हवाएं।

तेलंगाना में 28 सितंबर और 3-4 अक्टूबर को भारी वर्षा।

उत्तर-पश्चिम भारत में तूफान का खतरा

दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में 28 सितंबर को भारी बारिश।

पश्चिमी राजस्थान में 29-30 सितंबर को वर्षा और तूफान की संभावना।

पूर्वी राजस्थान में अगले 5 दिनों तक बिजली-तूफान का अलर्ट।

मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने, नदियों और नालों के पास न जाने, तथा यात्रा करते समय अलर्ट रहने की सलाह दी है। लगातार हो रही बारिश से बाढ़, भूस्खलन और बिजली गिरने का खतरा बढ़ सकता है। (प्रकाश कुमार पांडेय)

Exit mobile version