ठंड के बीच बारिश की चेतावनी…21 से 26 नवंबर तक कई राज्यों में भारी बरसात – IMD ने जारी किया बड़ा अलर्ट
देश के कई राज्यों में बीते कुछ दिनों से जारी वर्षा का दौर अब और तेज होने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले 48 घंटों के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश (Heavy to Very Heavy Rainfall) का रेड अलर्ट जारी किया है। 21 नवंबर से 26 नवंबर तक दक्षिण भारत के कई राज्यों—तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह—में गरज के साथ भारी बारिश और हवा चलने की संभावना जताई गई है।
IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में 22 नवंबर के आसपास एक लो-प्रेशर एरिया (Low Pressure Area) बन सकता है, जो 24 नवंबर के आसपास डिप्रेशन में बदलकर दक्षिण भारत के तटीय इलाकों को प्रभावित करेगा। इस सिस्टम के सक्रिय होने के बाद हवाओं की रफ्तार में बढ़ोतरी और समुद्र में उथल-पुथल की स्थिति बन सकती है। मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी जारी की है।
बंगाल की खाड़ी में बनेगा डिप्रेशन – तटीय राज्य रहेंगे सबसे अधिक प्रभावित
मौसम विभाग के अनुसार, 22 नवंबर को बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्व हिस्से में निम्न दबाव का क्षेत्र विकसित होना शुरू होगा, जो 24 नवंबर तक डिप्रेशन का रूप ले सकता है। इसके बाद यह सिस्टम उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ेगा और तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, केरल और अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह के मौसम को प्रभावित करेगा।
IMD के अनुसार, डिप्रेशन के कारण इन राज्यों में भारी से अत्यंत भारी वर्षा, बिजली गिरने की घटनाएं और स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसी परिस्थितियां बनने का खतरा है।
21 से 26 नवंबर तक किन राज्यों में कैसी बारिश?
अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह
21 और 22 नवंबर को भारी से बहुत भारी बारिश
23 से 24 नवंबर को फिर से भारी बारिश
20 और 24 नवंबर को तेज हवा 40–50 किमी/घंटा की रफ्तार से चलने की चेतावनी
समुद्री क्षेत्रों में उथल-पुथल, मछुआरों को समुद्र में प्रवेश से मना
तमिलनाडु
21 से 26 नवंबर तक लगातार भारी बारिश
तटीय जिलों जैसे चेन्नई, नागपट्टिनम, कुड्डालोर, तूतीकोरिन में बारिश का सबसे ज्यादा प्रभाव
कई जगह जलभराव, स्थानीय प्रशासन अलर्ट मोड पर
केरल व माहे
21 से 23 नवंबर के बीच भयंकर बारिश
इडुक्की, एर्नाकुलम, कोट्टायम, तिरुवनंतपुरम में रेड अलर्ट की संभावना
कुछ जगहों पर भूस्खलन (Landslide) का खतरा
तटीय आंध्र प्रदेश और यनम
26 नवंबर को भारी बारिश का पूर्वानुमान
22 से 24 नवंबर के बीच 40–50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवा चलने की चेतावनी
रायलसीमा
26 नवंबर को बारिश
कुछ जगहों पर तेज हवा
तेज हवा का बड़ा अलर्ट – IMD ने जारी की चेतावनी
IMD ने कहा है कि बंगाल की खाड़ी से उठने वाला सिस्टम न केवल भारी बारिश लाएगा, बल्कि कई तटीय क्षेत्रों में तूफानी हवाएं (Squally Winds) भी चलेंगी।
22–24 नवंबर: तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 40–50 किमी/घंटा की तेज हवा
20 और 24 नवंबर: अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह में 40–50 किमी/घंटा हवा
21–23 नवंबर: तटीय तमिलनाडु और केरल के समुद्री इलाकों में 50–60 किमी/घंटा की रफ्तार
इन क्षेत्रों में समुद्र उफान पर रहने की संभावना है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की हिदायत दी गई है।
उत्तर, मध्य और पूर्वोत्तर भारत में शीतलहर का खतरा
दक्षिण भारत में जहां बारिश का असर रहेगा, वहीं उत्तर भारत में ठंड और शीतलहर (Cold Wave) की स्थिति बन रही है।
IMD के अनुसार 21 और 22 नवंबर को पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में शीतलहर।
अगले 4 दिनों में मध्य भारत में रात के तापमान में 2–4°C की बढ़ोतरी, फिर स्थिरता।
उत्तर पश्चिम भारत—दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान—में अगले 24 घंटे तापमान स्थिर रहेगा। इसके बाद अगले 6 दिनों में न्यूनतम तापमान 2–3°C तक गिर सकता है।
पूर्वोत्तर राज्यों असम, मेघालय, नागालैंड में भी तापमान में गिरावट और हल्की बारिश के संकेत हैं।
बारिश का असर – किन चीजों पर पड़ेगा प्रभाव?
1. सड़क और रेल यातायात में बाधा
तटीय इलाकों में जलभराव से यातायात प्रभावित हो सकता है।
2. फसलों पर असर
केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में धान, नारियल, केले की फसलों को नुकसान की आशंका।
3. बिजली कटौती
तूफानी हवाओं और पेड़ गिरने की घटनाओं से कई इलाकों में बिजली बाधित हो सकती है।
4. नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने की संभावना
बाढ़ जैसी स्थिति बनने के आसार, खासकर केरल और तमिलनाडु में।
लोगों के लिए IMD की सलाह
समुद्र किनारे जाने से बचें
मछुआरे 20 से 26 नवंबर के बीच समुद्र में न जाएं
बिजली गिरने की स्थिति में पेड़ों और टावरों से दूरी रखें
जलभराव वाले इलाकों से दूर रहें
स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें
दक्षिण भारत के लिए यह सप्ताह मौसम के लिहाज से काफी चुनौतीपूर्ण रहने वाला है। बंगाल की खाड़ी में बन रहे सिस्टम का असर 26 नवंबर तक जारी रह सकता है। ऐसे में लोगों से सावधानी बरतने और मौसम विभाग के अपडेट पर नजर बनाए रखने की अपील की गई है।





