देशभर में मौसम का मिज़ाज बदला
उत्तर भारत में बारिश–बर्फ़बारी, मैदानी इलाकों में कोहरा, मध्य भारत में तूफानी हालात
देश के कई हिस्सों में फरवरी की शुरुआत के साथ ही मौसम ने करवट ले ली है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तर भारत से लेकर मध्य और पश्चिमी राज्यों तक मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। पहाड़ी राज्यों में पश्चिमी विक्षोभ के असर से बारिश और बर्फ़बारी जारी है, जबकि मैदानी इलाकों में घना कोहरा और हल्की बूंदाबांदी लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। वहीं, दक्षिण भारत के अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ और शुष्क बना हुआ है।
हिमालयी राज्यों में बारिश और बर्फ़बारी का दौर
उत्तर भारत के हिमालयी क्षेत्र—हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर—में पश्चिमी विक्षोभ का असर साफ दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग ने इन राज्यों में कई जगहों पर बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ़बारी की संभावना जताई है।
इसके साथ ही कुछ क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने का अलर्ट भी जारी किया गया है। तापमान में गिरावट के कारण ठंड एक बार फिर बढ़ गई है, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हो रहा है। पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वालों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, क्योंकि फिसलन और दृश्यता कम होने की आशंका बनी हुई है।
दिल्ली-NCR और उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में कोहरा
दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में मौसम का मिज़ाज अलग नजर आ रहा है। यहां सुबह और रात के समय घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। कई इलाकों में हल्की बूंदाबांदी और बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार, कहीं-कहीं हल्की बारिश और थंडरस्टॉर्म की भी संभावना है। हालांकि दिन के समय तापमान सामान्य से थोड़ा ऊपर रह सकता है, लेकिन सुबह-शाम ठंडी हवाओं और कोहरे के कारण ठिठुरन बनी रहेगी। कोहरे के चलते सड़क और रेल यातायात पर असर पड़ सकता है।
ठंड का असर बरकरार
हालांकि तापमान औसत के आसपास बना हुआ है, लेकिन सुबह और शाम के समय ठंड का असर लगातार महसूस किया जा रहा है। खासतौर पर बुजुर्गों और बच्चों को ठंड से बचाव की सलाह दी गई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों तक उत्तर भारत में मौसम पूरी तरह स्थिर होने की संभावना कम है।
पश्चिम और मध्य भारत में बदला मौसम
पश्चिम भारत के राजस्थान में मौसम अस्थिर बना हुआ है। राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश के साथ ओले गिरने की संभावना जताई गई है। इससे फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी बनी हुई है। तापमान सामान्य से नीचे रह सकता है, जिससे ठंड का असर महसूस किया जाएगा।
वहीं, मध्य प्रदेश में मौसम और भी ज्यादा सक्रिय दिखाई दे रहा है। राज्य के कई जिलों में बारिश, गरज-चमक और तेज तूफानी हवाओं का अनुमान है। कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और कोहरा भी देखने को मिल सकता है। प्रशासन ने किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।
पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में आंशिक बदलाव
पूर्व भारत के बिहार, झारखंड और रांची समेत आसपास के इलाकों में बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है। कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या छींटे पड़ने की संभावना है, हालांकि अधिकांश क्षेत्रों में मौसम अपेक्षाकृत स्थिर रहने का अनुमान है। तापमान में बड़े बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है।
दक्षिण भारत में गर्म और शुष्क मौसम
दक्षिण भारत के अधिकांश राज्यों—केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश—में मौसम गर्म और शुष्क बना हुआ है। इन इलाकों में तेज धूप देखने को मिलेगी और बारिश की संभावना बेहद कम है। दिन का तापमान सामान्य से थोड़ा अधिक रह सकता है, जिससे गर्मी का अहसास बढ़ेगा।
बड़े शहरों का मौसम
देश के प्रमुख शहरों की बात करें तो राजधानी दिल्ली में बादल छाए रहेंगे और हल्का कोहरा देखने को मिल सकता है। मुंबई में मौसम साफ और धूप वाला रहेगा। कोलकाता में हल्की गर्मी के साथ मौसम सामान्य रहेगा, जबकि चेन्नई में तेज धूप और गर्मी का असर बना रहेगा।
लखनऊ, पटना, भोपाल और जयपुर जैसे शहरों में बादलों की आवाजाही रहेगी। वहीं, शिमला और नैनीताल जैसे पहाड़ी शहरों में ठंडी हवाएं और ठंड का असर बना रहेगा।
राष्ट्रीय मौसम का सार
कुल मिलाकर, उत्तर भारत और पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फ़बारी का सिलसिला जारी है। मैदानी इलाकों में कोहरा और हल्की बूंदाबांदी लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर रही है। पश्चिम और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में तूफानी बदलाव की संभावना बनी हुई है, जबकि दक्षिण भारत में मौसम ज्यादातर साफ और गर्म रहेगा।
सावधानी बेहद ज़रूरी
मौसम विभाग ने लोगों को सावधान रहने की सलाह दी है। कोहरे के कारण दृश्यता कम हो सकती है, खासकर सुबह और शाम के समय। पहाड़ी इलाकों में अचानक बारिश और बर्फ़बारी से फिसलन का खतरा बना हुआ है। वहीं, मध्य भारत में गरज-चमक और तेज हवाओं के दौरान खुले स्थानों से बचने की अपील की गई है।