पटना में राहुल-तेजस्वी की वोटर अधिकार यात्रा का समापन, गांधी से अंबेडकर प्रतिमा तक पदयात्रा से विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन

Rahul Tejashwi Voter Rights Yatra concludes in Patna

पटना में राहुल-तेजस्वी की वोटर अधिकार यात्रा का समापन, गांधी से अंबेडकर प्रतिमा तक पदयात्रा से विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन

बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले का सियासी तापमान तेज़ हो गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव की अगुवाई में 17 अगस्त को सासाराम से शुरू हुई ‘वोटर अधिकार यात्रा’ आज पटना में समाप्त हो रही है।

दो हफ्ते और 1300 किमी लंबी पदयात्रा के बाद यह काफ़िला गांधी मैदान पहुँचेगा, जहाँ शक्ति प्रदर्शन के साथ इसका समापन होगा। खास बात यह कि समापन कार्यक्रम को इंडिया ब्लॉक ने ‘गांधी से अंबेडकर मार्च’ का नाम दिया है। यह मार्च गांधी प्रतिमा से शुरू होकर अंबेडकर प्रतिमा तक जाएगा।

समापन कार्यक्रम और ताकत का प्रदर्शन
पटना के गांधी मैदान से गांधी प्रतिमा तक विपक्षी नेता एकजुट होंगे। इसके बाद जुलूस एसपी वर्मा रोड–डाक बंगला चौक–नेहरू पथ से होता हुआ अंबेडकर प्रतिमा तक जाएगा। दोपहर 12:30 बजे अंबेडकर पार्क में समापन सभा होगी। मंच पर राहुल गांधी, तेजस्वी यादव, लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, शरद पवार, दीपांकर भट्टाचार्य और मुकेश सहनी मौजूद रहेंगे। झारखंड सीएम हेमंत सोरेन, शिवसेना (उद्धव गुट) के संजय राउत, एनसीपी की सुप्रिया सुले और अन्य इंडिया ब्लॉक नेता भी शामिल होंगे।

वोटर अधिकार यात्रा—सियासी मायने

कांग्रेस और आरजेडी ने गांधी-अंबेडकर दोनों की विरासत को जोड़कर बीजेपी को चुनौती देने की रणनीति बनाई है। दलित वोट बैंक साधने की कोशिश – बिहार की लगभग 18% दलित आबादी पर विपक्ष की नज़र। राहुल-तेजस्वी की जोड़ी ने यात्रा के दौरान बीजेपी, जेडीयू, चिराग पासवान और मांझी के गढ़ों से होते हुए विपक्षी एकजुटता का संदेश दिया। सीमांचल और मिथिलांचल जैसे मुस्लिम-बहुल इलाकों से गुजरकर यह यात्रा विपक्ष के सामाजिक समीकरण को साधने का प्रयास रही।

कांग्रेस-आरजेडी की रणनीति

कांग्रेस खुद को अंबेडकर का सच्चा अनुयायी बताने की कोशिश में है, वहीं आरजेडी भी दलितों और पिछड़ों के हितैषी होने का दावा कर रही है। गांधी की विरासत और अंबेडकर की सियासत को साथ लेकर विपक्ष बिहार में नया नैरेटिव सेट करना चाहता है। 2024 में संविधान और आरक्षण मुद्दे पर विपक्ष को आंशिक सफलता मिली थी, अब उसे और आगे बढ़ाने का दांव।
इस तरह पटना में आज का यह शक्ति प्रदर्शन सिर्फ यात्रा का समापन नहीं, बल्कि आने वाले विधानसभा चुनाव के लिए इंडिया ब्लॉक की ताकत और संदेश दोनों का इज़हार है। प्रकाश कुमार पांडेय

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