कांग्रेस सांसद राहुल गांधी आज मध्य प्रदेश के इंदौर दौरे पर रहेंगे, जहां वे दूषित पेयजल से प्रभावित भागीरथपुरा इलाके में पीड़ित परिवारों से मुलाकात करेंगे। यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब शहर में पानी की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं और मृतकों की संख्या पर सरकार व स्थानीय लोगों के दावों में विरोधाभास सामने आया है।
राहुल गांधी का यह दौरा केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि मानवीय सरोकार से भी जुड़ा माना जा रहा है। वे सबसे पहले निजी क्षेत्र के बॉम्बे हॉस्पिटल जाएंगे, जहां उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद भर्ती मरीजों से मुलाकात कर उनकी स्थिति की जानकारी लेंगे। इसके बाद वे भागीरथपुरा पहुंचकर उन परिवारों से मिलेंगे, जिन्होंने बीते दिनों अपने परिजनों को खोया है।
भागीरथपुरा इलाके में दिसंबर के अंतिम सप्ताह से दूषित पेयजल के कारण लोगों के बीमार पड़ने का सिलसिला शुरू हुआ था। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि गंदे पानी की सप्लाई से उल्टी-दस्त की गंभीर स्थिति बनी और कई लोगों की जान चली गई।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने दावा किया है कि अब तक इस प्रकोप में 24 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 8 से 10 मरीजों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।
मौतों के आंकड़ों पर टकराव, हाईकोर्ट में अलग तस्वीर
हालांकि, मृतकों की संख्या को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
राज्य सरकार ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ में पेश की गई स्थिति रिपोर्ट में दावा किया है कि इस प्रकोप के दौरान पांच माह के एक शिशु समेत सात लोगों की मौत हुई है।
सरकार और स्थानीय नागरिकों के आंकड़ों में इस बड़े अंतर ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है।
सम्मेलन की अनुमति नहीं, कांग्रेस ने उठाए सवाल
जीतू पटवारी ने यह भी बताया कि कांग्रेस दूषित पेयजल की समस्या के स्थायी समाधान को लेकर बुद्धिजीवियों, पर्यावरण विशेषज्ञों और नगर निगम पार्षदों का सम्मेलन आयोजित करना चाहती थी।
हालांकि, प्रशासन ने इस आयोजन की अनुमति नहीं दी, जिसके चलते यह कार्यक्रम फिलहाल टाल दिया गया है। पटवारी ने कहा कि पार्टी भविष्य में यह सम्मेलन जरूर आयोजित करेगी।





