रायबरेली लिंचिंग कांड : ‘ड्रोन चोर’ बताकर युवक की पीट-पीटकर हत्या, राहुल गांधी ने पीड़ित परिवार से की बात, पांच गिरफ्तार

drone thief Rahul Gandhi speaks to victim family

रायबरेली लिंचिंग कांड : ‘ड्रोन चोर’ बताकर युवक की पीट-पीटकर हत्या, राहुल गांधी ने पीड़ित परिवार से की बात, पांच गिरफ्तार

ड्रोन चोर समझकर की हत्या

उत्तर प्रदेश के रायबरेली में शनिवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां भीड़ ने फतेहपुर के युवक को ‘ड्रोन चोर’ समझकर पीट-पीटकर मार डाला। मृतक की पहचान हरिओम के रूप में हुई है, जो कथित रूप से मानसिक रूप से विक्षिप्त था और अपने ससुराल दांडेपुर जमुनापुर जा रहा था। रास्ते में भीड़ ने अफवाहों के चलते उसे रोक लिया और चोरी के इरादे से ड्रोन उड़ाने वाले गिरोह का सदस्य समझकर बेरहमी से पिटाई की। घायल अवस्था में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसने दम तोड़ दिया।

पुलिस ने पांच लोगों को पकड़ा

घटना के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। रायबरेली के एसपी यशवीर सिंह ने गिरफ्तारी की पुष्टि की और बताया कि जांच जारी है। उन्होंने कहा कि ऊंचाहार थाने के प्रभारी संजय कुमार को लापरवाही के आरोप में हटा दिया गया है, क्योंकि स्थानीय पुलिस को पहले से पता था कि इलाके में अफवाहें फैल रही हैं, लेकिन समय रहते कदम नहीं उठाए गए।

ड्रोन उड़ाने से फैली अफवाह

पुलिस के अनुसार, हत्या से एक दिन पहले ही दो लोगों को बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। लखनऊ के मोहम्मद जुनैद और सीतापुर के मोहम्मद ओवैश फर्नीचर के कारोबार से जुड़े हैं और मनोरंजन के लिए वीडियो शूट कर रहे थे। लेकिन उनकी गतिविधियों को लेकर आस-पास के ग्रामीणों में ड्रोन गिरोह की अफवाहें फैल गईं। इन्हीं अफवाहों ने अगले दिन हरिओम की जान ले ली।

कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना

इस घटना ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। कांग्रेस ने यूपी सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि यह कानून व्यवस्था की विफलता और सामाजिक असहिष्णुता की भयावह तस्वीर है। कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर बताया कि रायबरेली सांसद राहुल गांधी ने मृतक के पिता और भाई से बात की और न्याय की लड़ाई में हर संभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने लिखा, “दलितों के साथ यह दरिंदगी किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बाबा के लोग यह बात ध्यान से सुन लें।”

राहुल गांधी ने जताया शोक

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पीड़ित परिवार से बात कर गहरा दुख जताया और कहा कि ऐसी घटनाएं समाज की आत्मा को झकझोर देती हैं। उन्होंने कहा, “रायबरेली मेरा परिवार है, और यह दर्द असहनीय है। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए मैं हर स्तर पर प्रयास करूंगा।” राहुल ने लिंचिंग की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जताते हुए कहा कि “भारत में नफरत और अफवाह की राजनीति ने इंसानियत को खतरे में डाल दिया है। अब वक्त है कि ऐसे हिंसक तत्वों पर कठोर कानूनी कार्रवाई हो।”

पवन खेड़ा बोले- “हृदयविदारक त्रासदी”

कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने एक्स पर लिखा कि “रायबरेली में दलित युवक की लिंचिंग की भयावह घटना हृदयविदारक और आक्रोशित करने वाली है।” उन्होंने कहा कि “अपने अंतिम क्षणों में, जब युवक को लाठियों और बेल्टों से बेरहमी से पीटा जा रहा था, उसे अपनी आखिरी उम्मीद — राहुल गांधी — की याद आई।” खेड़ा ने कहा कि राहुल गांधी ने परिवार को सांत्वना दी है और वादा किया है कि न्याय में कोई समझौता नहीं होगा।

प्रशासन पर सवाल, जांच शुरू

घटना के बाद प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं कि अफवाहों के बावजूद रोकथाम क्यों नहीं की गई। एसपी रायबरेली ने कहा कि पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। गिरफ्तार पांच आरोपियों से पूछताछ चल रही है और बाकी की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज व मोबाइल वीडियो खंगाले जा रहे हैं। राज्य सरकार ने फिलहाल घटना की रिपोर्ट लखनऊ मुख्यालय को भेज दी है। सूत्रों के मुताबिक, विभागीय जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित पुलिस अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

समाज में डर और सवाल

यह घटना न केवल रायबरेली बल्कि पूरे प्रदेश में भीड़ हिंसा और अफवाहों की संस्कृति पर गहरा सवाल खड़ा करती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से ड्रोन गिरोह की अफवाहें सोशल मीडिया पर फैल रही थीं, लेकिन प्रशासन ने उसे गंभीरता से नहीं लिया। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इसे दलित उत्पीड़न और अफवाह-जनित हिंसा का संगम बताया है। उन्होंने मांग की है कि आरोपियों को फास्ट-ट्रैक कोर्ट में सजा दी जाए और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए।

न्याय की मांग तेज

रायबरेली में हुई यह दर्दनाक लिंचिंग एक बार फिर अफवाह और भीड़तंत्र के खतरनाक मेल को उजागर करती है। राहुल गांधी का हस्तक्षेप और कांग्रेस का आक्रामक रुख इस मामले को राष्ट्रीय स्तर पर उठा चुका है। पुलिस कार्रवाई जारी है, लेकिन अब सवाल सिर्फ गिरफ्तारी का नहीं — बल्कि सिस्टम की जवाबदेही और समाज की संवेदनशीलता का है। न्याय की उम्मीद में परिवार रो रहा है, और देश पूछ रहा है — “क्या अफवाहों पर इंसानियत की हत्या अब सामान्य हो चुकी है?”। ( प्रकाश कुमार पांडेय )

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