राबड़ी देवी ने हीरे का कंगन देकर किया सम्मानित…कौन हैं भोजपुरी लोकगायक छोटू छलिया?

Rabri Devi honored

लालू यादव के जन्मदिन में छाए छोटू छलिया

राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख Lalu Prasad Yadav के जन्मदिन समारोह में भोजपुरी लोकगायक Chhotu Chhaliya ने अपनी गायकी से ऐसा माहौल बनाया कि पूर्व मुख्यमंत्री Rabri Devi भी मंत्रमुग्ध हो गईं। कार्यक्रम के दौरान राबड़ी देवी ने अपने हाथ में पहना हुआ हीरे का कंगन उतारकर छोटू छलिया को भेंट कर दिया। इस घटना का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।

कार्यक्रम में मौजूद लोगों के अनुसार छोटू छलिया के गीतों पर न सिर्फ राबड़ी देवी बल्कि पूरा यादव परिवार झूमता नजर आया। समारोह में कलाकारों पर नोट उड़ाए गए और कई कलाकारों को सम्मानित भी किया गया।

रामशरण यादव से बने छोटू छलिया

छोटू छलिया का वास्तविक नाम Ramsharan Yadav है। उनका जन्म 25 नवंबर 1991 को बिहार में हुआ था। वे भोजपुर (आरा) क्षेत्र से संबंध रखते हैं और भोजपुरी तथा मगही लोकसंगीत की दुनिया का एक चर्चित नाम हैं। गांव की मिट्टी से जुड़े उनके गीत और सहज शैली ने उन्हें आम लोगों के बीच लोकप्रिय बनाया है। लोक संस्कृति की खुशबू से भरपूर उनके गीत ग्रामीण समाज की भावनाओं को सीधे अभिव्यक्त करते हैं। यही वजह है कि उनकी पहचान केवल गायक के रूप में नहीं, बल्कि लोक संस्कृति के प्रतिनिधि कलाकार के रूप में भी बनी है।

लालू के जन्मदिन पर छोटू छलिया की धूम, राबड़ी देवी ने उतारकर दे दिया हीरे का कंगन

संघर्ष से मिली पहचान

छोटू छलिया का सफर आसान नहीं रहा। बचपन से ही उन्हें लोकसंगीत में रुचि थी और उन्होंने चैता, सोहर, कजरी तथा पारंपरिक भोजपुरी गीतों के माध्यम से अपनी पहचान बनाई। उनका चर्चित गीत “हाय रे होठ लाली” उनके करियर का टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ। इस गीत ने उन्हें रातोंरात लोकप्रियता दिलाई और भोजपुरी संगीत जगत में एक अलग पहचान स्थापित कर दी।

इसके अलावा “सुनी अरजिया हे छठी माई”, “बाबा चिलम चरयबो हो”, “रंगे तो निचवा खोल के” और कई भक्ति व लोकगीतों ने भी उन्हें भोजपुरी श्रोताओं के बीच खास स्थान दिलाया। वे कई भोजपुरी एल्बमों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का प्रमुख चेहरा रहे हैं।

राबड़ी देवी से पहले भी मिल चुके हैं उपहार

छोटू छलिया ने कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में बताया कि राबड़ी देवी उन्हें पहले भी कई बार सम्मानित कर चुकी हैं। उनके अनुसार उन्हें पहले सोने की चेन और सोने की अंगूठी भी भेंट की जा चुकी है।

उन्होंने कहा कि राबड़ी देवी उन्हें बेटे की तरह स्नेह देती हैं और यह हीरे का कंगन भी उसी स्नेह का प्रतीक है। छोटू छलिया ने भावुक होकर कहा कि यह उनके लिए किसी पुरस्कार से कम नहीं है क्योंकि यह उन्हें “मां” के हाथों से मिला है। उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें कार्यक्रमों में सम्मान राशि और अन्य उपहार भी मिलते रहे हैं, लेकिन हीरे का कंगन उनके जीवन की सबसे यादगार उपलब्धियों में से एक रहेगा।

भोजपुरी संगीत का लोकप्रिय चेहरा

आज छोटू छलिया बिहार और पूर्वांचल के सबसे लोकप्रिय लोकगायकों में गिने जाते हैं। उनकी विशेषता यह है कि वे आधुनिक भोजपुरी संगीत के साथ-साथ पारंपरिक लोकगीतों को भी बराबर महत्व देते हैं। उनकी मंचीय प्रस्तुति, दमदार आवाज और दर्शकों से सीधा जुड़ाव उन्हें अन्य गायकों से अलग बनाता है। यही कारण है कि राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों में उनकी मांग लगातार बनी रहती है।

लालू यादव के जन्मदिन समारोह में मिली इस विशेष पहचान ने एक बार फिर साबित कर दिया कि छोटू छलिया की लोकप्रियता केवल भोजपुरी संगीत प्रेमियों तक सीमित नहीं है, बल्कि वे समाज और राजनीति के बड़े मंचों पर भी लोगों का दिल जीतने में सफल रहे हैं। राबड़ी देवी द्वारा भेंट किया गया हीरे का कंगन उनके करियर की एक और यादगार उपलब्धि बन गया है।

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