जम्मू कश्मीर सरकार और केंद्र का त्वरित एक्शन…अमित शाह ने की राज्य के सीएम और एलजी से बात..जानें हालात!
जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह ने जम्मू में बाढ़ नियंत्रण उपायों की समीक्षा के लिए आपात बैठक बुलाई। उन्होंने अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने और राहत कार्यों के लिए अतिरिक्त फंड जारी करने के निर्देश दिए। अब्दुल्लाह ने ट्वीट कर कहा, “जम्मू प्रांत के कई हिस्सों में स्थिति गंभीर है। मैं श्रीनगर से जम्मू के लिए उड़ान लेने वाला था, लेकिन हवाई अड्डा बंद होने से यात्रा संभव नहीं हो सकी।”
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से बात की। उन्होंने वैष्णो देवी हादसे पर शोक जताया और एनडीआरएफ व स्थानीय प्रशासन को राहत-बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए।
राहत और बचाव कार्य जारी
भारतीय सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें लगातार राहत कार्य में लगी हुई हैं।
कठुआ: रावी नदी से चार लोगों को सुरक्षित निकाला गया।
जम्मू: सीएसआईआर-आईआईआईएम के 45 छात्रों को बाढ़ग्रस्त हॉस्टल से सुरक्षित बाहर लाया गया।
कटरा और डोडा: प्रभावित इलाकों में सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने वैष्णो देवी मार्ग पर हादसे पर गहरा दुख जताया और घायलों को तुरंत चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
प्रशासन की अपील और चेतावनी
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदियों और भूस्खलन संभावित इलाकों के पास न जाएं। भारी बारिश के कारण घरों में रहने और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की सलाह दी गई है। साथ ही बिजली गिरने और तेज हवाओं को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने को कहा गया है।
जम्मू-कश्मीर इस समय प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है। भारी बारिश, भूस्खलन और नदियों के उफान ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। 11 लोगों की मौत और सैकड़ों प्रभावित परिवार इस आपदा की गंभीरता को दिखाते हैं। रेल, सड़क और हवाई यातायात प्रभावित होने से राज्य लगभग बाहरी दुनिया से कट गया है। हालांकि, प्रशासन और राहत एजेंसियां युद्धस्तर पर काम कर रही हैं। आने वाले दो दिन बेहद अहम हैं, क्योंकि मौसम विभाग ने और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। प्रकाश कुमार पांडेय