1. योजनाओं का लाभ अब सीधे पात्र हितग्राहियों तक
मध्यप्रदेश सरकार आमजन को सरकारी योजनाओं का लाभ घर के नजदीक उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर 12 से 18 जून तक प्रदेश के सभी विकासखंड और नगरीय निकाय मुख्यालयों में तीन दिवसीय जनकल्याण शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों का उद्देश्य ऐसे पात्र लोगों की पहचान करना है जो अब तक विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हैं और उन्हें मौके पर ही लाभ उपलब्ध कराना है।
2. शिकायतों के त्वरित निराकरण पर विशेष फोकस
जनकल्याण शिविर केवल योजनाओं के लाभ वितरण तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि आमजन की समस्याओं के समाधान का भी प्रमुख केंद्र बनेंगे। सीएम हेल्पलाइन, लोक सेवा गारंटी अधिनियम, राजस्व मामलों और अन्य लंबित शिकायतों के निराकरण के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अधिकतम मामलों का समाधान शिविर स्थल पर ही किया जाए, ताकि लोगों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
3. एक ही स्थान पर मिलेगी सभी सेवाएं
शिविरों में विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां नागरिकों को आवेदन, पंजीयन, सत्यापन और लाभ वितरण जैसी सभी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत व्यक्तिगत शौचालय निर्माण, सामाजिक सुरक्षा योजनाएं, पेंशन, आवास, स्वास्थ्य, कृषि और अन्य कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित आवेदन भी स्वीकार किए जाएंगे। इससे प्रशासनिक प्रक्रिया सरल और पारदर्शी बनेगी।
4. तकनीक से होगी हर आवेदन की निगरानी
अभियान को प्रभावी बनाने के लिए सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर एक विशेष मॉड्यूल विकसित किया गया है। प्राप्त सभी आवेदनों का ऑनलाइन पंजीयन और निराकरण इसी प्लेटफॉर्म के माध्यम से होगा। जिन मामलों का तत्काल समाधान संभव नहीं होगा, उनके लिए समय-सीमा तय कर आवेदकों को जानकारी दी जाएगी। इससे जवाबदेही बढ़ेगी और शिकायतों के लंबित रहने की संभावना कम होगी।
5. जनभागीदारी से मजबूत होगा सुशासन
जनकल्याण शिविरों में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों पर आधारित प्रदर्शनी, हितग्राही संवाद, सफलता की कहानियां और जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित होंगे। यह पहल केवल योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं है, बल्कि सुशासन, पारदर्शिता और जनविश्वास को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।





