प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना: मध्यप्रदेश में 8 IAS अधिकारी बने नोडल अधिकारी
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने 8 आईएएस अधिकारियों को जिला नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार ये अधिकारी अपने-अपने जिलों में कृषि संबंधी कार्ययोजनाओं को भारत सरकार द्वारा निर्धारित टेम्पलेट्स के अनुसार तैयार कराकर पोर्टल (Dashboard) पर अपलोड करेंगे। साथ ही वे योजना के जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन की नियमित निगरानी भी करेंगे।
सरकार का कहना है कि योजना के तहत कृषि उत्पादन बढ़ाने, संसाधनों के बेहतर उपयोग, और किसानों की आय में वृद्धि को सुनिश्चित करने के लिए इन अधिकारियों की जिम्मेदारी बेहद महत्वपूर्ण होगी। योजना की प्रगति पर हर स्तर पर सघन अनुश्रवण किया जाएगा, ताकि जिलेवार कार्ययोजना प्रभावी रूप से लागू हो सके। मध्यप्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के सुचारू और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रदेश के चयनित जिलों में 8 भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों को जिला नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। यह निर्णय राज्य शासन द्वारा सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के माध्यम से जारी आदेश के तहत लिया गया है। नोडल अधिकारियों का दायित्व होगा कि वे अपने-अपने आवंटित जिलों में योजना के सभी मानकों, दिशा-निर्देशों और निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार क्रियान्वयन को सुनिश्चित करें।
क्या करेंगे नोडल अधिकारी?
आदेश के अनुसार प्रत्येक नोडल अधिकारी को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके जिले की कार्ययोजना भारत सरकार के तय प्रारूप (Templates) के अनुरूप तैयार की जाए। जिला स्तर पर बनी यह कार्ययोजना राज्य के विकसित डैशबोर्ड पर अपलोड होगी, जहां से उसकी निरंतर मॉनिटरिंग संभव होगी। इसके अलावा नोडल अधिकारी समय-समय पर जिले में जाकर निरीक्षण करेंगे, अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठकें करेंगे और योजना के लक्ष्य समय पर पूर्ण हों, इसकी निगरानी करेंगे।
- जिले की District Action Plan तैयार कराना
- तैयार योजना को पोर्टल पर अपलोड कराना
- योजना की नियमित मॉनिटरिंग
- जमीनी स्तर पर सघन अनुश्रवण (Field Monitoring)
- प्रगति रिपोर्ट राज्य शासन को भेजना
- कृषि संबंधी अवरोधों और स्थानीय आवश्यकताओं की पहचान कर समाधान सुझाना
कौन-कौन अधिकारी किस जिले में नियुक्त?
राज्य शासन ने जिन आठ अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया है, उनके विभाग और आवंटित जिले इस प्रकार हैं।
अजय गुप्ता — संचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विकास
नोडल जिला : उमरिया
मनोज पुष्प — उप सचिव (वि.क.अ.), सह आयुक्त सह पंजीयक, सहकारी समिति
नोडल जिला : डिंडौरी
सुश्री निधि निवेदिता — प्रबंध संचालक, मत्स्य महासंघ
नोडल जिला : अलीराजपुर
कुमार पुरुषोत्तम — प्रबंध संचालक, कृषि विपणन बोर्ड सह आयुक्त मंडी
नोडल जिला : शहडोल
संतोष कुमार वर्मा — उप सचिव, किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग
नोडल जिला : सीधी
ऋषि गर्ग — सदस्य सचिव, नीति आयोग
नोडल जिला : निवाड़ी
अवि प्रसाद — मुख्य कार्यपालन अधिकारी, रोजगार गारंटी परिषद
नोडल जिला : टीकमगढ़
राहुल धोटे — उप सचिव, नर्मदा घाटी विकास
नोडल जिला : अनूपपुर
योजना का उद्देश्य
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना का प्राथमिक उद्देश्य कृषि उत्पादकता बढ़ाना, बेहतर कृषि प्रबंधन को बढ़ावा देना, किसानों को आधुनिक तकनीक आधारित खेती के लिए प्रोत्साहित करना और कृषि-बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करना है। योजना के तहत कृषि वैज्ञानिकों की सलाह को गांव-गांव तक पहुंचाना। खेतों में जल प्रबंधन सुधारना। फसल उत्पादन बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाना। किसानों को आवश्यक संसाधन और प्रशिक्षण उपलब्ध कराना शामिल है।
राज्य सरकार की अपेक्षाएं
सरकार का कहना है कि नोडल अधिकारियों की नियुक्ति से योजना की निगरानी अधिक संगठित तरीके से हो सकेगी। जिला स्तर पर किसी भी तरह की बाधा या देरी होने पर वह तुरंत चिन्हित कर उसका समाधान किया जा सकेगा। योजना के सफल क्रियान्वयन से न केवल जिले स्तर पर कृषि के एकीकृत विकास को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने में भी सहायता मिलेगी। राज्य सरकार का मानना है कि यह व्यवस्था कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था वाले जिलों में सकारात्मक परिवर्तन लाएगी। इस कदम के साथ मध्यप्रदेश सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि वह प्रदेश में कृषि क्षेत्र के विकास और किसानों की बेहतरी को लेकर गंभीर है, और योजनाओं को कागजों तक सीमित न रखकर मैदान में प्रभावी रूप से लागू करना उसका प्रमुख लक्ष्य है।





