प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो भारत को सम्मान दिलाया है वो शायद इस देश के इतिहास में कभी मिला हो। पीएम मोदी जहां जाते हैं वहां उनकी लोकप्रियता का डंका बजने लगता है। आस्ट्रेलिया भी इससे अछूता नहीं है। सिडनी पहुंचने भारतीय समुदाय द्वारा आयोजित किए गए एक विशेष स्वागत कार्यक्रम में शिरकत की। जहां ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीस ने पीएम मोदी की जमकर तारीफ की और कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ‘बॉस’ हैं। उनका स्वागत करना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। आखिरी बार मैंने इस मंच पर ब्रूस स्प्रिंगस्टीन को देखा था। मगर उन्हें ऐसा स्वागत नहीं मिला, जो प्रधानमंत्री मोदी को मिला है। पीएम मोदी बॉस हैं,जहां जाते हैं रॉकस्टार रिसेप्शन पाते हैं।
यहां की ऊर्जा, गर्मजोशी किसी से कम नहीं
प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री अल्बनीस सिडनी के ओलंपिक पार्क स्टेडियम में आयोजित द लिटिल इंडिया गेटवे कार्यक्रम में शामिल हुए। पीएम के स्टेडियम में आते ही भारतीय समुदाय ने मोदी-मोदी के नारे लगाए और उनका खड़े होकर स्वागत किया। इस मौके पर ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीस ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में प्रधानमंत्री का स्वागत करते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है। प्रधानमंत्री के रूप में मेरा यह पहला साल है। जिसके पूरा होने की खुशी मैं आज मना रहा हूं। मैं अपने मित्र प्रधानमंत्री मोदी से छह बार मिल चुका हूं। लेकिन इस तरह से उनके साथ मंच पर साथ खड़े होने से बेहतर कुछ नहीं है। पीएम मोदी का स्वागत करना मेरी लिए खुशी की बात है। लेकिन मुझे कहना होगा कि आज रात जो गर्मजोशी और ऊर्जा है। वह किसी से कम नहीं है। उन्होंने कहा, जब मार्च महीने में मैं भारत की यात्रा पर था। वह एक अविस्मरणीय क्षणों से भरी एक यात्रा थी। गुजरात में होली मनाना और दिल्ली में महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित करना। मैं जहां भी गया मुझे भारत और ऑस्ट्रेलिया के लोगों के बीच गहरा संबंध महसूस हुआ। अगर आप भारत को समझना चाहते हैं तो बस या ट्रेन से यात्रा करें।
द्विपक्षीय बैठक में मिलेंगे दोनों प्रधानमंत्री
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीन देशों की यात्रा का तीसरा और अंतिम पड़ाव ऑस्ट्रेलिया है। यहां भारतीय समुदाय से मुलाकात के बाद उनकी बुधवार को ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री के साथ एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक होगी। इसी के साथ पीएम मोदी के ऑस्ट्रेलिया दौरे का समापन हो जाएगा। इससे पहले उन्होंने जी-7 की बैठक में भाग लेने के लिए जापान की यात्रा की थी और उसके बाद तीसरे भारत-प्रशांत द्वीप सहयोग शिखर सम्मेलन में शिरकत करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी पापुआ न्यू गिनी पहुंचे थे।
मोदी है तो मुमकिन है
भले ही ‘मोदी है तो मुमकिन’ को लेकर भाजपा के विरोधी कुछ भी बयानबाजी करते रहे हों लेकन जिस तरह से दुनिया में मोदी की लोकप्रियता बढ़ी है वो भारत को गौरावान्वित करने वाली है। आज हर एक भारतीय पीएम मोदी पर गर्व महसूस करता है। एक समय था जब टाइम मैगजीन ने अपने जुलाई 2012 अंक में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को ‘अंडरअचिवर’ बताया था। मतलब पत्रिका ने प्रधानमंत्री की उपलब्धि को नाकाफी बताया है। भारत से जलस रखने वाले कुछ देशों को छोड़ दें तो आज पूरी दुनिया में भारत के पीएम मोदी की लोकप्रियता काफी बढ़ी है।





