प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्रा…2 से 9 जुलाई तक इन 5 देशों की ऐतिहासिक यात्रा रहेंगे पीएम

Prime Minister Narendra Modi

PM मोदी की पांच देशों की विदेश यात्रा…भारत के लिए रणनीतिक अवसर

जुलाई 2025 की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक महत्वपूर्ण विदेश यात्रा से होने जा रही है। वे घाना, त्रिनिदाद और टोबैगो, अर्जेंटीना, ब्राजील और नामीबिया की यात्रा पर जाने वाले हैं। इस यात्रा का सबसे अहम पड़ाव होगा ब्राजील में 6-7 जुलाई को होने वाला 17वां BRICS सम्मेलन, जिसकी थीम है। “ग्लोबल साउथ का सहयोग” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पांच देशों की विदेश यात्रा न केवल भारत की वैश्विक साख को मज़बूत करने का अवसर है, बल्कि इससे भारत को रणनीतिक, आर्थिक और तकनीकी क्षेत्रों में कई लाभ मिलने की उम्मीद है। आइए विस्तार से समझते हैं इस यात्रा के महत्व को…।

घाना (2 जुलाई)

महत्वपूर्ण पहल…भारत घाना में वैक्सीन हब स्थापित करेगा, जिससे अफ्रीका के हेल्थकेयर में भारत की भागीदारी बढ़ेगी।….द्विपक्षीय वार्ता और संसद को संबोधन।…15,000 भारतीयों से संवाद – प्रवासी भारतीयों से कनेक्ट का प्रयास।…IMF शर्तें पूरी करने के बाद घाना का आर्थिक पुनर्निर्माण, जिसमें भारत सहभागी बनेगा।

PM मोदी यात्रा की शुरुआत अफ्रीकी देश घाना से करेंगे। भारत यहां एक वैक्सीन हब स्थापित करेगा, जिसका उद्देश्य घाना और आसपास के देशों की स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाना है। PM मोदी घाना के राष्ट्रपति जॉन महामा से मुलाकात करेंगे और संसद को संबोधित करेंगे। लगभग 15,000 भारतीय प्रवासियों के साथ संवाद भी यात्रा का हिस्सा होगा।

त्रिनिदाद और टोबैगो

त्रिनिदाद और टोबैगो यात्रा का महत्व
कैरेबियन में रणनीतिक सहयोग बढ़ेगा। सांस्कृतिक संबंध गहरे होंगे, क्योंकि यहां भारतीय मूल के लोगों की बड़ी आबादी है। संभावित सहयोग: कृषि, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (DPI), और स्वास्थ्य क्षेत्र।

घाना कैरेबियन देश भारतीय मूल के लोगों की बड़ी आबादी वाला है। यहां सांस्कृतिक और रणनीतिक सहयोग को गहराई देने की कोशिश होगी। भारत यहां डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (DPI), कृषि तकनीक और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सहयोग बढ़ा सकता है।

अर्जेंटीना (4-5 जुलाई)

महत्व…महत्वपूर्ण खनिज (लिथियम जैसे) संसाधनों में सहयोग की उम्मीद। भारत की ऊर्जा और EV (इलेक्ट्रिक वाहन) रणनीति के लिए आवश्यक सहयोग। खाद्य प्रसंस्करण, टेक्नोलॉजी और कृषि में साझेदारी बढ़ेगी।

यह यात्रा रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि अर्जेंटीना लिथियम जैसे महत्वपूर्ण खनिजों का बड़ा स्रोत है, जो भारत की इलेक्ट्रिक वाहन और बैटरी रणनीति के लिए अहम है। साथ ही कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग की उम्मीद है।

ब्राजील (6-7 जुलाई): BRICS सम्मेलन

ब्राजील (BRICS सम्मेलन – 6-7 जुलाई)
उद्देश्य.. 17वां BRICS शिखर सम्मेलन, थीम: “ग्लोबल साउथ का सहयोग”
महत्व…उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग का मंच। व्यापार, निवेश, बहुपक्षीय संस्थानों में सुधार, और वैश्विक दक्षिण की आवाज़ को मज़बूती देने पर चर्चा। नई BRICS मुद्रा, BRICS+ विस्तार, और वैश्विक भू-राजनीति पर भी विचार।

ब्राजील में 17वां BRICS सम्मेलन होने वाला है। यह pm के इस दौरे का मुख्य आकर्षण है। BRICS देश ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका – के बीच आर्थिक, राजनीतिक और वैश्विक मुद्दों इस दौरान पर चर्चा होगी। ‘ग्लोबल साउथ’ कंट्री के लिए सहयोग बढ़ाना ब्रिक्स सम्मेलन में भारत की प्राथमिकता होगी। यह भारत को विकासशील देशों के नेतृत्वकर्ता के रूप में स्थापित करने का एक बड़ा अवसर भी है।

पहली बार चीतों के देश जाएंगे पीएम

नामीबिया (9 जुलाई)

PM मोदी की पहली यात्रा नामीबिया में नामीबिया में UPI (यूपीआई) सिस्टम का विस्तार – डिजिटल इंडिया का वैश्विक प्रभाव। NPCI और नामीबिया के सेंट्रल बैंक के बीच समझौता। द्विपक्षीय वार्ता और संसद को संबोधन करेंगे। यह प्रधानमंत्री मोदी की पहली नामीबिया यात्रा होगी। वे वहां की संसद को संबोधित करेंगे और UPI (यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस) को वहां शुरू करने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। नामीबिया के सेंट्रल बैंक और भारत की NPCI इंटरनेशनल के बीच यह ऐतिहासिक करार डिजिटल इंडिया को वैश्विक मंच पर विस्तार देगा। ..PM मोदी की यह यात्रा भारत को अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और कैरेबियन देशों के साथ गहरे रणनीतिक, आर्थिक और तकनीकी संबंध स्थापित करने का अवसर प्रदान करती है। डिजिटल भुगतान, हेल्थकेयर, खनिज संसाधन और वैश्विक नेतृत्व जैसे क्षेत्रों में भारत की स्थिति और सशक्त होगी।…( प्रकाश कुमार पांडेय)

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