प्रेमानंद महाराज की तबियत बिगड़ी….!लाल मुंह हो रहा और कांपने लगी आवाज… भक्त प्रेमानंद जी का Video देख रोने लगे
वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद जी महाराज इन दिनों गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। उनका एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वे बहुत कमजोर नजर आ रहे हैं — आंखें सूजी हुईं, चेहरा लाल, और आवाज कांपती हुई। यह दृश्य देखकर उनके लाखों भक्तों की आंखें नम हो गईं। प्रेमानंद जी महाराज के इंस्टाग्राम अकाउंट @bhajanmarg_official पर हाल ही में एक वीडियो शेयर किया गया। इसमें महाराज प्रवचन दे रहे हैं, पर उनकी आंखें मुश्किल से खुल रही हैं। बावजूद इसके, वे अपने आराध्य का नाम ले रहे हैं और कह रहे हैं — “यह हमारा अभ्यास है, चाहे कितना भी कष्ट हो, भक्ति नहीं छूटनी चाहिए।” सूजी आंखें, लाल चेहरा, कांपती आवाज… प्रेमानंद जी का वीडियो देख भावुक हुए भक्त, जानिए क्या है बीमारी की पूरी सच्चाई!
- प्रेमानंद जी की हालत नाजुक
- प्रेमानंद जी की हालत देख भावुक भक्त
- सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
- वायरल वीडियो ने भावुक किया
- सूजी आंखें, कांपती आवाज देखी
- भक्तों ने मांगी दुआएं संग
- डॉक्टर बोले दो साल बाकी
- दो दशक से डायलिसिस जारी
- बीमारी के बावजूद अडिग विश्वास
- पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज क्या है
- भक्तों से मिली विश्राम की अपील
- संघर्ष में भी भक्ति का प्रकाश
भक्तों ने की दुआ, बोले – ‘महाराज विश्राम लें’
वीडियो के बाद भक्तों में चिंता बढ़ गई है। किसी ने लिखा, “आपको इस हालत में देखकर दिल टूट गया,” तो किसी ने कहा, “भगवान आपको जल्द स्वस्थ करें।” हजारों लोगों ने कमेंट में महाराज के लिए प्रार्थना की और उन्हें विश्राम करने की सलाह दी।
जानें आखिर क्या हुआ है प्रेमानंद जी महाराज को?
वृंदावन के इस पूजनीय संत को पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज (Polycystic Kidney Disease) है — यह एक गंभीर जेनेटिक बीमारी है, जिसमें किडनियों में पानी भरे थैले (सिस्ट) बनने लगते हैं। धीरे-धीरे ये इतने बढ़ जाते हैं कि किडनी खून साफ करने की क्षमता खो देती है।
डॉक्टर ने दी थी सिर्फ दो साल की मोहलत
प्रोफेसर डॉ. बीपीएस त्यागी के अनुसार, एक बार प्रेमानंद जी को तेज पेट दर्द हुआ तो वे जांच के लिए दिल्ली पहुंचे। जांच में सामने आया कि उनकी दोनों किडनियां खराब हो चुकी हैं। डॉक्टरों ने साफ कहा — “आपके पास केवल दो से ढाई साल का समय बचा है।” महाराज ने इसे ईश्वर की इच्छा मानते हुए कहा — “जो होगा, वही प्रभु का प्रसाद है।” प्रेमानंद जी करीब 20 वर्षों से डायलिसिस पर हैं, फिर भी वे अपनी दिनचर्या और भक्ति कार्यों को जारी रखे हुए हैं। उन्होंने अपनी दोनों किडनियों के नाम रखे हैं — ‘राधा’ और ‘कृष्ण’। वे कहते हैं — “जब तक राधा-कृष्ण मेरे भीतर हैं, जीवन चलता रहेगा।”
डॉ. त्यागी का कहना है कि महाराज की सकारात्मक सोच ही उनकी सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने कभी हार नहीं मानी। जब डॉक्टरों ने कहा कि वे ज्यादा दिन नहीं जी पाएंगे, तब भी उन्होंने कहा — “जीवन उतना ही, जितना भगवान चाहे।” उनकी यही भक्ति और संतुलन आज लाखों लोगों के लिए प्रेरणा बन गई है।
क्या है पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज?
यह एक अनुवांशिक (Genetic) रोग है, जिसमें किडनियों में धीरे-धीरे सिस्ट्स (थैले) बनते जाते हैं। समय के साथ किडनियां फूल जाती हैं, जिससे उनका आकार बढ़ जाता है और खून फिल्टर करने की क्षमता कम हो जाती है। यह बीमारी परिवारों में पीढ़ी दर पीढ़ी फैल सकती है — यदि माता-पिता में से किसी एक को है, तो बच्चे को इसके होने की 50% संभावना रहती है।
बीमारी के प्रमुख लक्षण
- लगातार हाई ब्लड प्रेशर रहना।
- कमर या पीठ के किनारों में दर्द महसूस होना।
- पेट फूलना या भारीपन का एहसास।
- पेशाब में खून या बार-बार यूरिन इन्फेक्शन।
- थकान और कमजोरी।
- किडनी स्टोन बनने की संभावना।
- जैसे-जैसे बीमारी बढ़ती है, किडनी की कार्यक्षमता घटती जाती है और डायलिसिस या ट्रांसप्लांट की जरूरत पड़ती है।
भक्तों से अपील — महाराज को दें विश्राम
भक्तों ने सोशल मीडिया पर आग्रह किया है कि महाराज जी कुछ समय प्रवचन से विराम लेकर अपना इलाज कराएं। वे कहते हैं — “आपका स्वास्थ्य ही हमारी भक्ति का आधार है। आपकी मुस्कान ही हमारा आशीर्वाद है।”प्रेमानंद जी महाराज का जीवन इस बात का उदाहरण है कि आस्था, धैर्य और सकारात्मक सोच किसी भी कठिनाई को मात दे सकती है। बीमारी ने उनके शरीर को कमजोर किया, लेकिन आत्मबल को नहीं। उनकी बातें आज भी भक्तों के जीवन में प्रकाश बनकर उतर रही हैं —“कष्ट में भी भक्ति मत छोड़ो, क्योंकि वही तुम्हें ईश्वर तक ले जाएगी।” प्रेमानंद जी महाराज केवल एक संत नहीं, बल्कि जीवंत प्रेरणा हैं। वे सिखाते हैं कि चाहे परिस्थितियां कैसी भी हों, मन को ईश्वर में स्थिर रखो। भक्त अब उनकी दीर्घायु और शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं। वृंदावन से लेकर विदेशों तक, हर जगह यही पुकार है — “राधे-राधे… प्रेमानंद महाराज जी जल्द स्वस्थ हों। (प्रकाश कुमार पांडेय)





