छत्तीसगढ़ में किसानों का संबल बनी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना…24.52 लाख किसानों के खाते में पहुंच रही सम्मान निधि
रायपुर। छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना खेती-किसानी के खर्चों में महत्वपूर्ण आर्थिक सहारा बन रही है। राज्य के 24 लाख 52 हजार से अधिक किसान इस योजना के दायरे में हैं। पात्र किसानों को सालभर में 6 हजार रुपये की सीधी आर्थिक सहायता दी जाती है, जो 2-2 हजार रुपये की तीन किस्तों में बैंक खातों में ट्रांसफर होती है।
छोटे किसानों के लिए बड़ा सहारा
छत्तीसगढ़ की कृषि व्यवस्था में छोटे और सीमांत किसानों की बड़ी हिस्सेदारी है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, राज्य के करीब 80 प्रतिशत किसानों के पास 5 एकड़ से कम जमीन है। ऐसे में खेती के लिए बीज, खाद, दवाइयों और दूसरी जरूरी कृषि सामग्री की खरीद में पीएम किसान की राशि उपयोगी साबित हो रही है।
खेती के शुरुआती खर्च में मदद
फसल की बुआई से लेकर उसके रखरखाव तक किसानों को लगातार नकदी की जरूरत होती है। पीएम किसान सम्मान निधि की किस्त सीधे बैंक खाते में आने से किसानों को खेती के शुरुआती खर्चों के लिए अतिरिक्त संसाधन मिलते हैं। खास तौर पर छोटे किसानों के लिए 2 हजार रुपये की किस्त बीज और खाद जैसी जरूरी चीजों की खरीद में तत्काल मदद कर सकती है।
सीधे खाते में पहुंचता है पैसा
योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि पात्र किसानों को राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से बैंक खाते में दी जाती है। इससे बिचौलियों की भूमिका कम होती है और सहायता सीधे लाभार्थी तक पहुंचती है।
24 लाख से ज्यादा किसानों तक पहुंच
छत्तीसगढ़ में 24.52 लाख से अधिक किसानों तक योजना का पहुंचना राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए भी अहम है। किसानों के हाथ में सीधे पहुंचने वाली यह राशि कृषि जरूरतों पर खर्च होती है, जिससे ग्रामीण बाजार में भी आर्थिक गतिविधियों को सहारा मिलता है।
यानी पीएम किसान सम्मान निधि सिर्फ 6 हजार रुपये की सालाना मदद नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के लाखों छोटे किसानों के लिए खेती की लागत संभालने वाला एक अतिरिक्त आर्थिक सहारा बनकर सामने आई है।