कर्नाटक में सियासी नाटक थमने का नाम नहीं ले रहा है। सरकार के आधा कार्यकाल पूरा होने के बाद बगावत के सुर एक बार फिर तेज होने लगे हैं। हालात ऐसे हैं कि अब मुख्यमंत्री सिद्दरमैया के समर्थक भी पाला बदलते दिख रहे हैं। कर्नाटक के गृहमंत्री जी. परमेश्वर सिद्दरमैया के समर्थक माने जाते हैं, लेकिन उनका कहना है कि वे खुद भी मुख्यमंत्री बनने की रेस में हैं। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि अगर पार्टी डी.के. शिवकुमार को नेता बनाती है, तो वह भी उन्हें स्वीकार है। बड़ी बात यह है कि सिद्दरमैया के करीबी माने जाने वाले जी. परमेश्वर ऐसे बयान क्यों दे रहे हैं। दरअसल, कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद से ही कुर्सी का नाटक शुरू हो गया था। उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार लगातार मुख्यमंत्री सिद्दरमैया पर हमलावर रहे—कभी विभागीय फाइलों को लेकर, तो कभी ट्रांसफर–पोस्टिंग को लेकर। बीच में विवाद इतना बढ़ गया कि दिल्ली से आलाकमान को सुलह के लिए दखल देना पड़ा। इसके बाद भी समय-समय पर कुर्सी की खींचतान जारी रही। ताजा मामला सरकार के ढाई साल पूरे होने के बाद का है। खबर है कि मुख्यमंत्री सिद्दरमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के बीच सत्ता को लेकर कोई साझेदारी हुई थी। अटकलें हैं कि ‘ढाई-ढाई साल मुख्यमंत्री’ बनने जैसा कोई समझौता हुआ था। यही कारण है कि सरकार के ढाई साल पूरा होते ही नेतृत्व परिवर्तन की मांग फिर से तेज हो गई। डी.के. शिवकुमार के समर्थक उन्हें मुख्यमंत्री बनाने के लिए एक बार फिर सक्रिय हो गए हैं। वहीं, विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कांग्रेस आलाकमान 1 दिसंबर तक इस पर कोई बड़ा फैसला ले सकता है




