चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी पर गरमाई CG में सियासत: कांग्रेस की राज्यव्यापी आर्थिक नाकाबंदी पर BJP का तीखा प्रहार

Politics in CG heats up over Chaitanya Baghel arrest BJP launches sharp attack on Congress statewide economic blockade

चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी पर गरमाई CG में सियासत: कांग्रेस की राज्यव्यापी आर्थिक नाकाबंदी पर BJP का तीखा प्रहार

**छत्तीसगढ़ में चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस ने 22 जुलाई को पूरे राज्य में आर्थिक नाकाबंदी करने का ऐलान किया है। वहीं, बीजेपी और राज्य सरकार ने इस कदम को असंवैधानिक और जनविरोधी करार देते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा है।

शराब घोटाले की जांच बनी राजनीति की जड़

कथित छत्तीसगढ़ शराब नीति घोटाले में ईडी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को हिरासत में लिया है। इसके बाद कांग्रेस ने इसे राजनीति से प्रेरित कार्रवाई बताया है और पूरे प्रदेश में आर्थिक नाकाबंदी का ऐलान कर दिया है। कांग्रेस का कहना है कि जनहित से जुड़े मुद्दे उठाने के कारण विपक्ष को केंद्र सरकार एजेंसियों के जरिये निशाना बना रही है।

व्यापक प्रदर्शन की तैयारी

बलौदा बाजार जिले के सकरी बाईपास पर चक्का जाम कर आर्थिक नाकाबंदी करने की रणनीति तैयार की गई है। सोमवार 22 जुलाई 2025 को कांग्रेस भवन में जिला अध्यक्ष सुमित्रा घृतलहरे की अध्यक्षता में बैठक हुई, जिसमें पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया। कसडोल विधायक संदीप साहू, प्रदेश प्रवक्ता सुरेंद्र शर्मा, पूर्व विधायक जनकराम वर्मा, पूर्व जिला अध्यक्ष विद्या भूषण शुक्ला, शैलेश नितिन त्रिवेदी, दिनेश यदु, हितेंद्र ठाकुर, नगर पंचायत पलारी अध्यक्ष गोपी साहू, शहर अध्यक्ष रूपेंद्र ठाकुर और ग्रामीण अध्यक्ष विक्रम गिरी समेत अन्य नेता मौजूद रहे।

बैठक में तय किया गया कि सभी ब्लॉकों से कांग्रेस कार्यकर्ता जुटाकर आंदोलन को व्यापक बनाया जाएगा। नेताओं ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर चक्का जाम को सफल बनाएं।

भाजपा और राज्य सरकार ने जताया विरोध

कांग्रेस की इस घोषणा पर राज्य सरकार ने कड़ा ऐतराज जताया है। कवर्धा में मौजूद उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कांग्रेस की आर्थिक नाकाबंदी को “असंवैधानिक और तर्कहीन” बताया। उन्होंने सवाल किया कि अगर कोई भ्रष्टाचार के आरोप में जांच के घेरे में आता है तो क्या उस पर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए?

डिप्टी cm विजय शर्मा ने कहा, “क्या कांग्रेस यह कहना चाहती है कि पूर्व cm भूपेश बघेल के बेटे को देश के कानून के दायरे से बाहर रखा जाए? क्या पूर्व मंत्री कवासी लखमा और देवेंद्र यादव जैसे कांग्रेस नेताओं का कोई मतलब नहीं रह गया? यह कांग्रेस का दोहरा मापदंड अब जनता के सामने उजागर हो गया है।

राजनीति में गिरफ्तारी बनी केंद्र बिंदु

पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटेचैतन्य बघेल की गिरफ्तारी को लेकर cgकांग्रेस जहां इसे राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बता रही है, वहीं bjp इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ एक जरूरी कार्रवाई करार देती नजर आ रही है। कांग्रेस के कई नेताओं का कहना है कि यह सिर्फ एक परिवार नहीं, बल्कि पूरी विपक्षी राजनीति को दबाने का प्रयास है। जिसे सफल नहीं होने दिया जायगआ।

कांग्रेस की रणनीति और आगे की राह

कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि जब तक चैतन्य बघेल को रिहा नहीं किया जाता और ईडी की कार्रवाई पर स्पष्टता नहीं आती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। पार्टी यह मुद्दा दिल्ली तक ले जाने की तैयारी में है। आने वाले दिनों में कांग्रेस सड़कों से लेकर संसद तक इसका विरोध करेगी। छत्तीसगढ़ में चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी ने प्रदेश की राजनीति को गरमा दिया है। कांग्रेस इसे लोकतंत्र पर हमला बता रही है, जबकि भाजपा इसे कानून का पालन कह रही है। अब देखना यह होगा कि कांग्रेस की आर्थिक नाकाबंदी कितना असर डालती है और क्या यह सियासी लड़ाई आने वाले समय में और तीखी होती है।

Exit mobile version