बिहार चुनावी रण में गरमाई सियासत.. पप्पू यादव का तेजस्वी और एनडीए पर तीखा हमला

Politics heats up in Bihar elections

बिहार विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच जन अधिकार पार्टी (JAP) के प्रमुख पप्पू यादव ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और उसके नेता तेजस्वी यादव पर सीट बंटवारे को लेकर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने लोकसभा चुनाव में राजद के प्रदर्शन को आधार बनाकर विधानसभा की सीटों के बंटवारे को “गलत और गैर-जिम्मेदाराना” करार दिया। पप्पू यादव ने याद दिलाया कि जब राजद अकेले चुनाव लड़ती थी, तब उसका क्या हाल था। उन्होंने बड़ा सवाल करते हुए कहा जो राजनीतिक पार्टी बिहार के सीमांचल जैसे इलाकों में भी अपने प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित नहीं कर सकी, वह अब कांग्रेस जैसी पार्टी को आंख दिखा रही है।

तेजस्वी यादव पर हमला
सीट बंटवारे को लेकर नाराजगी
कांग्रेस के समर्थन में खुलकर आए पप्पू यादव

पप्पू यादव ने कांग्रेस को गठबंधन का मजबूत स्तंभ बताते हुए उसके समर्थन में खुलकर बयान दिया। उन्होंने कांग्रेस के स्ट्राइक रेट और उसके संगठनात्मक आधार की तारीफ करते हुए कहा कि अगर कांग्रेस नहीं होती, तो कई दलों की जमानत जब्त हो जाती। उन्होंने कहा, “हमारी बिल्ली हमसे ही म्याऊं करेगी?” यह तंज सीधा तेजस्वी यादव और राजद पर था। पप्पू यादव ने कांग्रेस को एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यकों का सबसे बड़ा भरोसा बताया और कहा कि कांग्रेस ही वास्तविक सामाजिक न्याय की राजनीति करती है।

राहुल गांधी की तारीफ, गठबंधन धर्म की सीख

पप्पू यादव ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि “देश में अगर कोई नफरत के खिलाफ सबसे आगे खड़ा है, तो वह राहुल गांधी हैं।” साथ ही उन्होंने राजद को गठबंधन धर्म निभाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा गठबंधन के साथ खड़ी रही है, और उसे बड़े भाई जैसा सम्मान मिलना चाहिए। पप्पू यादव ने कहा कि सीट बंटवारे को लेकर खींचतान के बजाय असली लड़ाई प्रशासनिक भ्रष्टाचार, अपराध और निष्पक्ष चुनाव के लिए होनी चाहिए।

बिहार की कानून व्यवस्था पर चिंता

पप्पू यादव ने बिहार में बढ़ते अपराध को लेकर सरकार और प्रशासन दोनों पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि राज्य में हत्याएं आम हो गई हैं और अपराधियों को खुली छूट मिल गई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासन और अपराधियों की मिलीभगत से आम जनता भयभीत है। पप्पू यादव ने चुनाव आयोग से मांग की कि वह स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने की दिशा में सख्त कदम उठाए। उनका मानना है कि वोट के अधिकार को बचाने की लड़ाई आज सबसे ज्यादा जरूरी है।

एनडीए और चिराग पासवान पर भी बरसे

पप्पू यादव ने सिर्फ राजद ही नहीं, बल्कि एनडीए और खासकर चिराग पासवान को भी अपने निशाने पर लिया। उन्होंने चिराग पासवान के “बिहार बुला रहा है” नारे पर तंज कसते हुए पूछा, “लेकिन भगाया किसने?” उन्होंने चिराग को “सांकेतिक विपक्ष” बताते हुए कहा कि ऐसे नेता बिहार के भविष्य को लेकर गंभीर नहीं हैं। पप्पू यादव ने कहा कि अब “चित भी मेरी, पट भी मेरी” वाली राजनीति नहीं चलेगी। उन्होंने साफ कहा कि बिहार को बचाने के लिए जनसंपर्क, जनांदोलन और ईमानदारी की जरूरत है, न कि वंशवादी और दिखावटी राजनीति की।

विपक्ष की नई धुरी बनना चाहते हैं पप्पू यादव

पप्पू यादव का यह आक्रामक रुख इस बात का संकेत है कि वह खुद को विपक्ष की नई धुरी के रूप में स्थापित करना चाहते हैं। कांग्रेस के पक्ष में खुलकर बोलना और तेजस्वी यादव पर निशाना साधना यह दर्शाता है कि वह महागठबंधन के भीतर अपनी प्रासंगिकता और शक्ति को दिखाना चाहते हैं। बिहार की राजनीति में आने वाले दिनों में सीट बंटवारे और रणनीतिक तालमेल को लेकर अभी और सियासी उथल-पुथल देखने को मिल सकती है। ऐसे में पप्पू यादव की भूमिका निर्णायक हो सकती है — खासकर तब, जब जनता के मुद्दे और गठबंधन की एकजुटता दोनों कसौटी पर हों। …(प्रकाश कुमार पांडेय)

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