India–US ट्रेड डील पर सियासी घमासान, कांग्रेस ने मांगी पूरी पारदर्शिता
कांग्रेस ने उठाए सवाल
भारत–अमेरिका ट्रेड डील को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस ने मांग की है कि मोदी सरकार इस समझौते के सभी पहलुओं पर संसद और पूरे देश को भरोसे में ले। पार्टी का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जिस तरह सार्वजनिक रूप से इस डील की घोषणा की और उसके प्रमुख बिंदु बताए, उसके बाद भारतीय नागरिकों को भी यह जानने का पूरा हक है कि आखिर समझौते की शर्तें क्या हैं और इससे देश पर क्या असर पड़ेगा।
ट्रंप के ऐलान पर आपत्ति
कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि जैसे पहले युद्धविराम की घोषणा अमेरिका के राष्ट्रपति ने की थी, वैसे ही ट्रेड डील का ऐलान भी डोनाल्ड ट्रंप ने किया। पोस्ट में दावा किया गया कि ट्रंप ने कहा है कि यह डील “प्रधानमंत्री मोदी के अनुरोध पर” की गई। कांग्रेस का सवाल है कि अगर यह भारत के हित में इतनी बड़ी उपलब्धि है, तो इसकी आधिकारिक घोषणा भारत सरकार की ओर से क्यों नहीं की गई और संसद में अब तक इस पर स्पष्ट बयान क्यों नहीं आया।
टैरिफ और बाजार खुला
कांग्रेस का सबसे बड़ा सवाल टैरिफ और बाजार पहुंच को लेकर है। ट्रंप के बयान के मुताबिक, भारत अमेरिका के लिए अपने टैरिफ और नॉन-टैरिफ बैरियर को लगभग शून्य तक लाने पर सहमत हो गया है। इसके बदले अमेरिका भारत पर लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करेगा। कांग्रेस ने कहा कि इससे ऐसा लगता है कि भारत ने अपना बाजार अमेरिका के लिए पूरी तरह खोलने पर सहमति दे दी है। पार्टी ने सवाल उठाया कि इसका असर भारतीय उद्योग, छोटे व्यापारियों और किसानों पर क्या पड़ेगा और सरकार ने उनके हितों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की है।
किसान और खेती चिंता
कांग्रेस ने कृषि क्षेत्र को लेकर भी गंभीर चिंता जताई है। ट्रंप के बयान में भारतीय कृषि बाजार को अमेरिकी उत्पादों के लिए खोलने की बात कही गई है। कांग्रेस का कहना है कि खेती भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और करोड़ों किसानों की आजीविका इससे जुड़ी है। ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी है कि कृषि क्षेत्र को लेकर डील में क्या शर्तें तय की गई हैं। क्या सरकार ने किसानों की सुरक्षा, न्यूनतम समर्थन मूल्य और घरेलू उत्पादन पर पड़ने वाले असर को ध्यान में रखा है? कांग्रेस ने स्पष्ट जवाब की मांग की है।
तेल और मेक इन इंडिया
तेल खरीद और ‘मेक इन इंडिया’ को लेकर भी कांग्रेस ने सरकार से सवाल पूछे हैं। ट्रंप के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने रूस से तेल खरीद बंद करने और अमेरिका व वेनेजुएला से ज्यादा तेल खरीदने पर सहमति जताई है। कांग्रेस ने पूछा है कि क्या वाकई भारत सरकार ने इस शर्त को स्वीकार कर लिया है। इसके अलावा ट्रंप के बयान में भारत द्वारा 500 अरब डॉलर से ज्यादा के अमेरिकी सामान खरीदने की बात भी कही गई है, जिसमें ऊर्जा, तकनीक और कृषि उत्पाद शामिल हैं। कांग्रेस ने सवाल किया कि अगर भारत इतना बड़ा आयात करेगा, तो ‘मेक इन इंडिया’ अभियान का क्या होगा और घरेलू उत्पादन को कैसे बढ़ावा मिलेगा। कांग्रेस ने चार बड़े सवालों के जरिए सरकार से पूरी पारदर्शिता की मांग की है—टैरिफ और बाजार पहुंच, कृषि क्षेत्र की सुरक्षा, तेल आयात की शर्तें और अमेरिकी उत्पादों की खरीद का असर। पार्टी का कहना है कि यह सिर्फ व्यापार समझौता नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था, किसानों, उद्योग और रणनीतिक स्वतंत्रता से जुड़ा मुद्दा है। इसलिए मोदी सरकार को संसद और देश के सामने ट्रेड डील की पूरी शर्तें रखनी चाहिए, ताकि किसी भी तरह का भ्रम या संदेह न रहे।





