मुंबई: महाराष्ट्र के खारघर के सेंट्रल पार्क में राज्य सरकार की ओर से आयोजित महाराष्ट्र भूषण पुरस्कार कार्यक्रम के दौरान 11 लोगों की मौत हो गई। जबकि 120 लोग बीमार पड़ गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। मौत की वजह गर्मी बताई जा रही है। वहीं जगह-जगह बदइंतजामी पर भी सवाल उठ रहे हैं। इस पर सियासी बयानबाजी भी होने लगी है। बता दें लाखों लोग कई घंटों तक कड़ी धूप में खड़े रहे। कई लोगों ने डिहाइड्रेशन और बेहोशी की शिकायत की। बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र के दूर-दराज के इलाकों से लोग मौके पर पहुंचे। इसके अलावा मध्य प्रदेश, कर्नाटक और गुजरात से भी लोग आए थे।
- खारघर के सेंट्रल पार्क में था आयोजन
- जगह-जगह बदइंतजामी पर उठ रहे सवाल
- डिहाईड्रेशन और बेहोशी की शिकायत
- कड़ी धूप से 120 लोग बीमार
- धूप से बचने के नहीं थे पर्याप्त इंतजाम
- घायलों से मिलने पहुंचे नेता
नहीं थे पर्याप्त इंतजाम, भीड़ अधिक जगह कम
नवी मुंबई के मैदान में बड़ी संख्या में लोग जमा थे। कार्यक्रम के दौरान हजारों की संख्या में लोग खड़े रहे। बैठने की व्यवस्था तो थी लेकिन भीड़ के सामने अब भी बहुत कम जगह थी। कार्यक्रम को देखने के लिए ऑडियो और वीडियो प्लेयर भी लगाए गए थे। भीड़ को धूप से बचाने के लिए आयोजक पर्याप्त नहीं कर सके। सीधी धूप के संपर्क में आने से 120 से अधिक लोग बीमार हो गए। जबकि 11 लोगों की जान चली गई।
मुख्यमंत्री शिंदे पहुंचे अस्पताल
भूषण पुरस्कार समारोह के दौरान बीमार पड़े लोगों से मिलने के बाद राज्य के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि कार्यक्रम खत्म हो गया लेकिन घटना अंत में हुई। शिंदे ने कहा कि प्रत्येक मृतक के परिजन को पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि घटना के बाद अस्पताल में भर्ती लोगों का नि:शुल्क इलाज किया जाएगा। उनके इलाज का खर्च राज्य सरकार अपने खजाने से वहन करेगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि यदि मरीजों को अतिरिक्त उपचार की आवश्यकता हो तो उन्हें विशेष अस्पतालों में रेफर किया जाए। वहीं खारघर में महाराष्ट्र भूषण पुरस्कार समारोह के दौरान उद्धव ठाकरे, आदित्य ठाकरे और राकांपा नेता अजित पवार एमजीएम कामोठे अस्पताल पहुंचे और बीमार पड़ने के बाद इलाज करा रहे लोगों से मिले। एनसीपी नेता अजीत पवार ने कहा कि कहा कि पुरस्कार देने के लिए दोपहर का समय निर्धारित किया गया है। सभी जानते हैं कि अप्रैल की दोपहर में कितनी गर्मी होती है। यह एक बड़ा हादसा है।
उद्धव का सवाल कौन करेगा जांच?
वहीं राज्य के पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा कि हमने इलाज करा रहे लोगों से मुलाकात की है। 4-5 लोगों से बात की। जिनमें से दो की हालत गंभीर है। घटना की योजना ठीक से नहीं बनाई गई थी। उन्होंने पूछा कि घटना की जांच कौन करेगा?