Saturday, March 7, 2026
  • Contact
India News
  • मुख्य समाचार
  • राजनीति
  • संपादक की पसंद
  • शहर और राज्य
    • उत्तर प्रदेश
      • आगरा
      • कानपुर
      • लखनऊ
      • मेरठ
    • छत्तीसगढ
      • जगदलपुर
      • बिलासपुर
      • भिलाई
      • रायपुर
    • दिल्ली
    • बिहार
      • पटना
    • मध्य प्रदेश
      • इंदौर
      • ग्वालियर
      • जबलपुर
      • भोपाल
    • महाराष्ट्र
      • नागपुर
      • नासिको
      • पुणे
      • मुंबई
    • राजस्थान
      • अजमेर
      • कोटा
      • जयपुर
      • जैसलमेर
      • जोधपुर
  • स्टार्टअप
  • कृषि
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • धर्म
  • ऑटो
  • सरकारी नौकरी
  • वीडियो
No Result
View All Result
India News
Home शहर और राज्य दिल्ली

संविधान को लेकर राहुल और सिंधिया आमने-सामने…जानें राजघरानों को लेकर क्यों छिड़ी है जंग…!…

DigitalDesk by DigitalDesk
January 28, 2025
in दिल्ली, मुख्य समाचार, राजनीति, स्पेशल
0
Political rhetoric continues regarding the Constitution Rahul Gandhi Jyotiraditya Scindia counterattacks
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterWhatsapp

राहुल गांधी ने सोमवार को बाबा साहेब अंबेडकर की जन्मस्थली इंदौर के महू में बीजेपी पर जमकर निशाना साधा। राहुल गांधी ने कहा कि आजादी से पहले भारत में गरीब, दलित, आदिवासी और पिछड़ों के कोई अधिकार नहीं थे। अधिकार थे तो केवल राजा महाराजाओं के थे। आजादी के बाद संविधान ने गरीबों दलितों को उनका अधिकार दिलाया। राहुल गांधी के इस बयान पर केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की ओर से ट्वीट करते हुए पलटवार किया गया है।

  • राहुल गांधी संविधान को समझते हैं पॉकेट डायरी
  • राजघरानों को लेकर राहुल गांधी ने कही थी बड़ी बात
  • महू में राहुल गांधी ने साधा था राज घरानों पर निशाना
  • कहा था आजादी के बाद राजा महाराओं के ही थे अधिकार
  • संविधान ने गरीब दलित और पिछड़ों को दिलाये उनके अधिकार

सोशल मीडिया पर केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने लिखा है कि संविधान को अपनी ‘पॉकेट डायरी’ समझने वाले नेता राहुल गांधी की ओर से आजादी से पहले भारत के राजपरिवारों की भूमिका को लेकर दिया गया बयान राहुल गांधी की संकीर्ण सोच और समझ को उजागर करता है। सिंधिया ने लिखा है कि सत्ता और कुर्सी की भूख में वे यह भूल गए हैं कि वर्षों पहले भारत में समानता और समावेशी विकास की नींव इन राजपरिवारों ने ही रखी थी।

Related posts

Jan Aushadhi Day 2026: सस्ती दवाइयों से करोड़ों लोगों को राहत, 12 साल में 80 से बढ़कर 18,000 तक पहुंचे जन औषधि केंद्र

Jan Aushadhi Day 2026: सस्ती दवाइयों से करोड़ों लोगों को राहत, 12 साल में 80 से बढ़कर 18,000 तक पहुंचे जन औषधि केंद्र

March 7, 2026
Gold-Silver Price Today: हफ्ते के आखिरी दिन सोना-चांदी में तेज उछाल, MCX और ग्लोबल मार्केट दोनों में चमके भाव

Gold Price Outlook: सोना-चांदी में बड़ी गिरावट: 5 दिन में सोना ₹4,440 टूटा, चांदी भी लुढ़की

March 7, 2026

 

बयानबाजी से पहले इतिहास को पढ़ लें राहुल गांधी

सिंधिया ने लिखा है कि यह भूल गये हैं कि बड़ौदा महाराज सयाजीराव गायकवाड़ ने संविधान निर्माता बाबा साहेब अंबेडकर को शिक्षा हासिल करने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई थी। यह भूल गये कि ⁠छत्रपति साहूजी महाराज ने 1902 में पहली बार देश के बहुजनों को अपने शासन व्यवस्था में 50 प्रतिशत आरक्षण देकर सामाजिक न्याय की बुनियाद को रखा था। यह भूल गये कि ओबीसी को शैक्षणिक रूप से मजबूत बनाने के लिए ग्वालियर के माधव महाराज प्रथम की ओर से पूरे ग्वालियर और चंबल में शिक्षा के साथ रोजगार के केंद्र खुलवाये थे।
सिंधिया ने राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि तानाशाही विचारधारा को जन्म देने वाली कांग्रेस थी। जिन्होंने दलित, वंचित और ओबीसी के अधिकारों पर कुठाराघात करने का काम किया था। राहुल गांधी, पहले इतिहास पढ़ लें फिर बयानबाजी करें।

ग्वालियर राजघराने को दिये जाते थे करोड़ों रुपये

वहीं इसे लेकर कांग्रेस पार्टी की ओर से भी केंद्रीय मंत्री और पूर्व कांग्रेसी ज्योतिरादित्य सिंधिया पर तीखा हमला किया गया है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने ज्योतिरादित्य सिंधिया पर तंज कसते हुए कहा अगर संविधान का 26 वां संशोधन नहीं किया गया होता तो आज भी भारत सरकार की ओर से ग्वालियर राजघराने को करोड़ों रुपए टैक्स फ्री दिए जा रहे होते।

क्या था प्रिवी पर्स, जो रियासतों के शासकों को दिया जाता था

दरअसल आजादी के बाद भारत के संविधान में रियासतों के शासकों, नरेशों और राजप्रमुखों के लिए अपनी शक्तियां छोड़ने के बदले भारत सरकार के कोष से प्रिवी पर्स के रुप में एक निश्चित राशि हर साल देने का प्रावधान किया गया था। भारत सरकार के राज्यों के मंत्रालय की ओर से जारी श्वेत पत्र के अनुसार 284 शासकों के लिए प्रिवी पर्स के रूप में सालाना 5.65 करोड़ रुपए की राशि की व्यवस्था रखी गई थी। इसमें काटोडिया शासक के लिए 192 रुपए से लेकर मैसूर के राजा के लिए 26 लाख रुपए दिये जाते थे। वहीं ग्वालियर महाराज के लिए 25 लाख रुपए तो भोपाल के नवाब के लिए 11 लाख रुपए और हैदराबाद के शासक के लिए 50 लाख रूपए के प्रिवी पर्स का प्रावधान किया गया था।

Post Views: 516
Tags: #counterattack #Rahul Gandhi#Jyotiraditya Scindia #election campaign#Political rhetoric continues #Constitution
LIVE India News

लाइव इंडिया न्यूज 2016 से आप तक खबरें पंहुचा रहा है। लाइव इंडिया वेबसाइट का मकसद ब्रेकिंग, नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, बिजनेस और अर्थतंत्र से जुड़े हर अपडेट्स सही समय पर देना है। देश के हिंदी भाषी राज्यों से रोजमर्रा की खबरों से लेकर राजनीति नेशनल व इंटरनेशनल मुद्दों से जुडी खबरें और उनके पीछे छुपे सवालों को बेधड़क सामने लाना, देश-विदेश के राजनैतिक, आर्थिक और सामाजिक मुद्दों का विश्लेषण बेबाकी से करना हमारा मकसद है।

Vihan Limelite Event & Entertainment Pvt Ltd
Regd Office Flat No 1
Mig 3 E 6
Arera Colony Bhopal

Branch Office
Main Road. Tikraparaa
Raipur CG

Director Deepti Chaurasia
Mobile No 7725016291

Email id - liveindianewsandviews@gmail.com

Currently Playing

West Bengal: ममता का ‘चुनावी मास्टरस्ट्रोक’, आचार संहिता से पहले दो बड़ी योजनाओं का एलान, आज से ही बंगाल में लागू

West Bengal: ममता का ‘चुनावी मास्टरस्ट्रोक’, आचार संहिता से पहले दो बड़ी योजनाओं का एलान, आज से ही बंगाल में लागू

West Bengal: ममता का ‘चुनावी मास्टरस्ट्रोक’, आचार संहिता से पहले दो बड़ी योजनाओं का एलान, आज से ही बंगाल में लागू

मुख्य समाचार
T20 World Cup : इंग्लैंड को हराकर भारत फाइनल में, धोनी-साक्षी का मजेदार रिएक्शन वायरल

T20 World Cup : इंग्लैंड को हराकर भारत फाइनल में, धोनी-साक्षी का मजेदार रिएक्शन वायरल

मनोरंजन
बिहार में बड़ा सियासी बदलाव? राज्यसभा में Nitish Kumar, नए CM को लेकर तेज हुई चर्चा

बिहार में बड़ा सियासी बदलाव? राज्यसभा में Nitish Kumar, नए CM को लेकर तेज हुई चर्चा

बिहार

RSS Unknown Feed

  • Contact

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

No Result
View All Result
  • Home
  • मुख्य समाचार
  • शहर और राज्य
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • संपादक की पसंद
  • मनोरंजन
  • स्टार्टअप
  • धर्म
  • कृषि

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

Go to mobile version