पीएम नरेंद्र मोदी भी आज बुधवार 5 फरवरी को महाकुंभ में सबसे बड़ी मानव जुटान का हिस्सा बनने जा रहे हैं। पीएम की संगम में आस्था की डुबकी लगाएंगे। पीएम मोदी आज प्रयागराज प्रवास पर रहेंगे। यहां महाकुंभ में शामिल होकर पवित्र त्रिवेणी संगम में पीएम स्नान करेंगे। पीएम मोदी आज बुधवार को महाकुंभ मेला क्षेत्र में करीब 2 घंटे रहेंगे। इससे पहले केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी त्रिवेणी संगम पर स्नान कर चुके हैं।
- पीएम मोदी आज जाएंगे प्रयागराज
- लगाएंगे महाकुंभ में आस्था की डुबकी
- मां गंगा की करेंगे आरती
पीएम मोदी करीब 11 बजे प्रयागराज पहुंचेंगे। वे 13 जनवरी से चल रहे महाकुंभ में शामिल होंगे और पवित्र त्रिवेणी संगम के जल में स्नान करेंगे। पीएम का महाकुंभ मेला में 11 बजे पहुंचने का कार्यक्रम है। पीएम मोदी के पहुंचने से पहले प्रयागराज में सुरक्षा पूरी तरह से चाक चौबंद कर दी गई है। पीएम के महाकुंभ के पहुंचने को लेकर पांच सेक्टर मजिस्ट्रटों को तैनात किया गया है।
इससे पहले पहले पीएम मोदी 13 दिसंबर को प्रयागराज पहुंचे थे। उन्होंने करीब 5500 करोड़ रुपये की 167 विभिन्न परियोजनाओं की सौगात प्रयागराज को दी थी। पीएम मोदी का प्रयागराज दौरा आज इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि आज बुधवार पांच फरवरी को दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए मतदान किया जा रहा है। लिहाजा माना जा रहा है कि पीएम प्रयाग से ‘इंद्रप्रस्थ’ को साधने की कोशिश भी करेंगे।
- पीएम मोदी आज प्रयागराज में महाकुंभ में शामिल होंगे
- 11 बजे त्रिवेणी संगम में पीएम मोदी का स्नान कार्यक्रम
- प्रयागराज में अब तक 37.54 करोड़ श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं
पांच फरवरी की तिथि पर बहुत खास होने वाला है। ऐसे खास मौके को लेकर लोगों के मन में अब सवाल उठता नजर आ रहा है। सवाल उठ रहा है कि आखिर पीएम नरेन्द्र मोदी ने महाकुंभ में अमृत स्नान की तिथि को न चुनकर पांच फरवरी की ही तारीख को महाकुंभ स्नान के लिए क्यों चुना है। दरअसल पीएम ने महाकुंभ में स्नान के लिए 5 फरवरी को ही क्यों चुना यह भी कम रोचक नहीं है।
आज माघ मास की गुप्त नवरात्रि अष्टमी तिथि
144 साल बाद आए महाकुंभ स्नान में शामिल होने के लिए देश ही नहीं विदेशों से भी श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। हर कोई महाकुंभ में स्नान को लेकर उत्साहित है। हर दिन आम श्रद्धालु से लेकर खास वीवीआईपी भी गंगा, जमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम के तट पर पवित्र स्नान के लिए पहुंच रहे हैं। सभी श्रद्धालुओं का एक ही मकसद है आत्मिक शुद्धि और मोक्ष की प्राप्ति करना। इस बीच देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी महाकुंभ में स्नान के लिए जाने वाले हैं।
5 फरवरी को पीएम मोदी महाकुंभ में स्नान के लिए प्रयागराज स्थित त्रिवेणी संगम पर पहुंच रहे हैं। पीएम के कार्यक्रम को लेकर तैयारियां पूरी की जा चुकी हैं। ऐसे में आमजन के मन में बड़ा सवाल यह उठ रहता नजर आ रहा है कि आखिर पीएम नरेन्द्र मोदी ने अमृत स्नान की खास तिथि को न चुनकर 5 फरवरी का ही दिन महाकुंभ स्नान के लिए क्यों चुना।
महाकुंभ में स्नान के लिए क्यों खास है 5 फरवरी का दिन
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने माघ पूर्णिमा और बसंत पंचमी के पावन दिन महाकुंभ में स्नान न करने के बजाए 5 फरवरी को स्नान तय करना इसलिए भी चुना क्योंकि इस खास दिन माघ मास की गुप्त नवरात्रि की अष्टमी तिथि है। यह तिथि धार्मिक दृष्टि से बहुत पावन और महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस दिन स्नान और ध्यान के साथ तप करने से विशेष पुण्य मिलता है। धर्मग्रंथों में भी गुप्त नवरात्रि की यह तिथि पूजा और अनुष्ठान के लिए बहुत अच्छी मानी गई है।
धर्म शास्त्रों में उल्लेखित है कि माघ माह की अष्टमी तिथि के दिन पवित्र नदी के जल में स्नान करने के बाद पितरों को जल, तिल और अक्षत के साथ फल अर्पित करने से माना जाता है कि पितरों को सद्गति प्राप्त होती है। इसके साथ ही जातक के मोक्ष का मार्ग भी आसान हो जाता है। यही वजह है कि माघ मास की गुप्त नवरात्रि की इस अष्टमी तिथि शुभ माना जाता है।
प्रकाश कुमार पांडेय





