असम दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि आजादी के बाद लंबे समय तक असम को अशांति, हिंसा और अलगाववाद की आग में झोंकने के लिए कांग्रेस जिम्मेदार रही। उन्होंने कहा कि एक समय था जब असम बम धमाकों, बंद और कर्फ्यू की चपेट में रहता था, लेकिन अब वही असम शांति और विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहा है।
कांग्रेस पर अशांति के आरोप
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने दशकों तक असम को वोट बैंक की राजनीति के तहत देखा। उनके मुताबिक, कांग्रेस की नीतियों ने राज्य को स्थिरता नहीं दी बल्कि अस्थिरता को बढ़ावा दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि आजादी के बाद से असम लगातार बम, बंदूक और ब्लॉकेड की राजनीति से जूझता रहा और इसकी बड़ी वजह कांग्रेस की गलत नीतियां थीं। पीएम ने कहा कि भाजपा और एनडीए सरकार शांति बहाली और तेज विकास के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है।
तुष्टीकरण और वोट बैंक राजनीति
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस की तुष्टीकरण की नीति को उसके कुशासन की सबसे बड़ी वजह बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा असम को वोट के चश्मे से देखा और ऐसे फैसले लिए जिनसे केवल एक खास वर्ग को साधने की कोशिश की गई। मोदी ने कहा कि जिन योजनाओं से असम का विकास हो सकता था, उन्हें वर्षों तक रोके रखा गया। वहीं भाजपा सरकार ने पूर्वोत्तर के विकास को प्राथमिकता दी और योजनाओं को तेजी से जमीन पर उतारा।
राष्ट्रविरोधी ताकतों का समर्थन
पीएम मोदी ने कहा कि आज की कांग्रेस उन विचारों और तत्वों के साथ खड़ी दिखती है जो देश के हित में नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग देश को तोड़ने की बात करते हैं या पूर्वोत्तर को अलग करने के नारे लगाते हैं, उन्हें कांग्रेस महत्व देती है। उन्होंने कांग्रेस को “एमएमसी” बताते हुए कहा कि जनता को ऐसी राजनीति से सावधान रहना चाहिए जो देश की एकता और अखंडता को कमजोर करती हो।
सेना के हथियार और घोटाले
प्रधानमंत्री ने रक्षा सौदों के मुद्दे पर भी कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के समय सेना के लिए हथियार खरीद का मतलब बड़े घोटाले होते थे, जबकि आज देश अपनी सेनाओं को आधुनिक और सशक्त बना रहा है। मोदी ने कहा कि सीमाओं पर हाईवे, सुरंगें और ऊंचे पुल बनाए जा रहे हैं ताकि देश की सुरक्षा और मजबूत हो सके। उन्होंने दावा किया कि भारत की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत होते देख कांग्रेस बौखलाई हुई है।
कठिन फैसलों की ताकत
मोदी ने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस में कभी देशहित में कठोर फैसले लेने की क्षमता थी? उन्होंने कहा कि कांग्रेस केवल बयानबाजी तक सीमित रही, जबकि मौजूदा सरकार ने जमीनी स्तर पर बदलाव किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग भारत को राष्ट्र मानने में हिचकते हैं या ‘मां भारती’ के नाम से परहेज करते हैं, वे देशहित की राजनीति नहीं कर सकते। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
सुरक्षा के लिए तैयार नया भारत
प्रधानमंत्री ने असम में बनी इमरजेंसी लैंडिंग स्ट्रिप का जिक्र करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक हवाई पट्टी नहीं, बल्कि नए भारत की तैयारी का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज भारत अपनी सीमाओं को सशक्त कर रहा है और जरूरत पड़ने पर दुश्मनों को उनके घर में घुसकर जवाब देने की क्षमता रखता है। यह बुनियादी ढांचा देश की सामरिक शक्ति को और मजबूत करेगा।
पुलवामा के शहीदों को नमन
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने पुलवामा हमले की बरसी का उल्लेख करते हुए शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि देश उन वीर सपूतों के बलिदान को कभी नहीं भूलेगा। मोदी ने कहा कि पुलवामा हमले के बाद भारत ने आतंकियों को सख्त जवाब दिया, जिसे पूरी दुनिया ने देखा। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की सैन्य शक्ति का प्रदर्शन हाल के अभियानों में भी देखने को मिला है और देश अब आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक रुख अपना चुका है।
विकास और सुरक्षा का दोहरा एजेंडा
असम की धरती से प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का फोकस विकास और सुरक्षा दोनों पर समान रूप से है। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर अब देश के विकास का नया इंजन बन रहा है। बेहतर कनेक्टिविटी, निवेश, उद्योग और शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से काम हो रहा है। मोदी ने विश्वास जताया कि असम शांति, स्थिरता और समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ता रहेगा और देश के विकास में अहम भूमिका निभाएगा।