PM Modi ने हंसाया और दोहे-शेर भी सुनाए, विपक्ष को कड़ी नसीहत भी दी और आईना भी दिखाया

2014 का दशक लॉस्ट डेकेट के तौर पर जाना जाएगा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

नई दिल्ली। वह आए, उन्होंने देखा और जीत लिया…He came, He saw and He conquered प्रधानमंत्री मोदी आए, लोकसभा में बोले और जमकर बरसे। उन्होंने चुटकुला सुनाया, शेरोशायरी की, दोहे सुनाए और विपक्ष की धुलाई भी की। वह खासकर कांग्रेस के प्रति काफी हमलावर नजर आए।

राहुल गांधी को इशारों में कहा कम समझ वाला

पीएम मोदी ने कहा कि यहां चर्चा में हर किसी ने अपने-अपने आंकड़े और तर्क दिए। अपनी रुचि, प्रवृति और प्रकृति के अनुसार अपनी बातें रखीं। हम जब इन बातों को समझने का प्रयास करते हैं तो यह भी ध्यान में आता है कि किसकी कितनी क्षमता, योग्यता और इरादा है। हालांकि, देश इन सभी का मूल्यांकन करता है। यहां सबने अपनी प्रवृत्ति के अनुसार यहां विचार रखे, जिसे सुनने पर पता चलता है किसकी कितनी समझ है और किसका क्या इरादा है? इन पंक्तियों के पीछे राहुल गांधी का नाम भले न हो, लेकिन इशारा उसी तरफ ही था, ऐसा समझा जाता है।

पाकिस्तान का नाम लिए बिना अपना डंका बजाया

पीएम मोदी ने अपने अभिभाषण में पाकिस्तान का नाम लिए बिना उसके हालात का जिक्र करते हुए कहा, ‘जब दुनिया में युद्ध से संकट है, अड़ोस-पड़ोस में भी अर्थव्यवस्था का संकट है तो ऐसे में भारत 5वें स्थान पर है। ऐसे में कौन हिंदुस्तानी गर्व नहीं करेगा?

सुनाए शेर और चुटकुले

प्रधानमंत्री मोदी ने काका हाथरसी, जिगर मुरादाबादी, दुष्यंत कुमार के शेर सुनाए तो चुटकुलों के जरिए भी तंज कसा। उन्होंने राहुल गांधी पर जिगर मुरादाबादी का शेर सुनायाः-

ये कह कह के हम दिल को बहला रहे हैं,

वो अब चल चुके हैं वो अब आ रहे हैं।।

इसी तरह उन्होंने कांग्रेस के ऊपर तंज कसते हुए काका हाथरसी का यह दोहा सुनाया-

आगा-पाछा देखकर क्यों होता गमगीन, जिसका जैसा चाहिए उसका वैसा सीन।।

2004 से 2014 का काल द लॉस्ट डिकेड का

पीएम ने कहा- निराशा का कारण है। वह कारण तो जनता का हुकुम है। बार-बार हुकुम।  के पीछे जो बात है, वह सोने नहीं देती। 2004 से 2014 में अर्थव्यवस्था खस्ताहाल रही।

इसके साथ ही पीएम ने एक चुटकुला भी सुनाया। उन्होने कहा कि दो युवक शिकार करने गए, तो पता चला कि जंगल पहुंचते ही उनको बाघ मिल गया। अब बाघ को बंदूक का लाइसेंस दिखाया, दो नौजवानों ने। बाघ का शिकार करने गए थे। तो, शिकार के समय लाइसेंस दिखाया जा रहा था।

पीएम ने कहा- सबसे अधिक घोटालों का दशक 2004-14 है। कश्मीर से कन्याकुमारी तक आतंक का राज था। हरेक जगह हिंसा और आतंक का राज था। केवल बम की महक आती थी। उन 10 साल में भारत की आवाज ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर इतनी कमजोर थी कि दुनिया सुनने को तैयार नहीं थी। देश पर इतने आतंकी हमले हुए। 2008 में हुए आतंकी हमले को कोई भूल नहीं सकता। पूरे देश में 10 साल तक खून बहता रहा। 2004 से 2014 का जो दशक था वो द लॉस्ट डिकेड के रूप में जाना जाएगा। 2020-2030 का जो दशक है वो पूरे विश्व में इंडियाज डिकेड के तौर पर जाना जाता है।

इनकी निराशा का कारण ये भी है कि आज जब देश की क्षमता का परिचय हो रहा है, 140 करोड़ देशवासियों का सामर्थ्य खुल कर आ रहा है, पहले भी था, लेकिन 2004 से 14 तक उन्होंने गंवा दिया। य़ूपीए ने हरेक मौके को मुसीबत में पलट दिया।

आलोचना नहीं, आरोपों में गंवा दिए 9 साल

चुनाव हार जाओ तो ईवीएम खराब। चुनाव आयोग को गाली दे दो। कोर्ट में फैसला पक्ष में नहीं आया, तो सुप्रीम कोर्ट की आलोचना कर दो। पीएम मोदी ने कहा कि कुछ लोगों को यहां हार्वड स्टडी का बड़ा क्रेज है। कोरोना में ऐसा ही कहा गया था। कांग्रेस ने कहा था कि हार्वड में भारत की बर्बादी पर चर्चा होगी। कल फिर हार्वर्ड स्टडी का नाम लिया गया। बीते वर्षों में हार्वड में एक बहुत बढिया स्टडी हुई है, विषय है The Rise & Decline of India’s Congress Party

ईडी का धन्यवाद दे विपक्ष 

जो काम देश के मतदाता नहीं कर पाए, वह काम ईडी ने कर दिया है। उसने इनको एक मंच पर ला दिया है। कांग्रेस की बर्बादी पर हार्वर्ड में स्टडी हो चुका है। इनलोगों पर भी होगा। पीएम ने यहां दुष्यंत कुमार का शेर सुनाया-

तुम्हारे पांव के नीचे कोई जमीं नहीं,

कमाल ये है कि तुम्हें यकीन नहीं।।

मोदी ने कहा कि उनको उम्मीद थी कि लोग सच्ची आलोचना करेंगे, क्योंकि लोकतंत्र की यही ताकत है। कोई भी सच्ची आलोचना नहीं किया, बल्कि झूठे आरोप लगाए। पीएम मोदी ने कहा कि कुछ लोग अपने लिए अपने परिवार के लिए बहुत कुछ तबाह करने पर लगे हुए हैं। मोदी तो 140 करोड के परिवार के साथ जी रहा है, 140 करोड़ का आशीर्वाद मोदी के साथ है झूठ के शस्त्रों से इस विश्वास के कवच को कभी भेद नहीं सकते हो।

मोदी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर भाषण का समापन 2047 के संकल्प के साथ किया।

 

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