अटल जी की जयंती आज…लखनऊ में ऐतिहासिक आयोजन…पीएम मोदी करेंगे ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ का उद्घाटन…यूपी को देंगे पीएम बड़ी सौगात
लखनऊ उत्तरप्रदेश। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की आज 101वीं जयंती है। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक ऐतिहासिक और भव्य आयोजन होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज लखनऊ दौरे पर रहेंगे और देश को एक बड़ी सौगात देते हुए ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ का उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही प्रधानमंत्री एक विशाल जनसभा को भी संबोधित करेंगे। यह आयोजन न केवल अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि है, बल्कि देश की वैचारिक और राजनीतिक विरासत को सहेजने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
- अटल जयंती पर भव्य आयोजन
- लखनऊ को मिलेगी बड़ी सौगात
- राष्ट्र प्रेरणा स्थल का शुभारंभ
- पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन
- लखनऊ के लिए ऐतिहासिक दिन
- वैचारिक विरासत को नया मंच
- युवाओं के लिए प्रेरणा केंद्र
- 65 एकड़ में भव्य परिसर
- राष्ट्रभक्ति का जीवंत प्रतीक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दोपहर 1 बजकर 50 मिनट पर लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट पहुंचेंगे। यहां से वे हेलीकॉप्टर के माध्यम से वसंत कुंज इलाके में बने कार्यक्रम स्थल के लिए रवाना होंगे। दोपहर करीब 2 बजकर 30 मिनट पर प्रधानमंत्री ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। उद्घाटन के बाद पीएम मोदी जनसभा को संबोधित करेंगे, जहां वे अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान, उनके विचारों और देश के विकास में उनकी भूमिका पर प्रकाश डालेंगे।
अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर विकसित किया गया ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ देश के महान नेताओं की स्मृति और विचारधारा को समर्पित एक विशेष परिसर है। इस स्थल का उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्र निर्माण, सेवा, सुशासन और राष्ट्रभक्ति के मूल्यों से प्रेरित करना है। लखनऊ, जो अटल बिहारी वाजपेयी की कर्मभूमि भी रहा है, को इस ऐतिहासिक परियोजना के माध्यम से एक नई पहचान मिलने जा रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर को लेकर सोशल मीडिया पर भी अपनी भावनाएं साझा की हैं। उन्होंने लिखा कि उनकी सरकार देश की महान विभूतियों की विरासत को सम्मान देने और संरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है। पीएम मोदी ने कहा कि लखनऊ में ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ के उद्घाटन का अवसर मिलेगा, जहां अटल बिहारी वाजपेयी के साथ-साथ डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय की भव्य कांस्य प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। इसके साथ ही यहां एक आधुनिक और अत्याधुनिक डिजिटल संग्रहालय भी बनाया गया है, जो इन महान नेताओं के विचारों, संघर्षों और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को दर्शाता है।
करीब 65 एकड़ क्षेत्र में विकसित किए गए ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ पर लगभग 230 करोड़ रुपये की लागत आई है। यह विशाल परिसर अपने आप में वास्तुकला और आधुनिक तकनीक का अनूठा उदाहरण है। यहां अटल बिहारी वाजपेयी, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 65 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं, जो दूर से ही लोगों को आकर्षित करती हैं। ये प्रतिमाएं न केवल इन नेताओं की स्मृति को जीवंत रखती हैं, बल्कि उनके विचारों और आदर्शों का प्रतीक भी हैं।
परिसर में बनाया गया डिजिटल संग्रहालय इस परियोजना का एक प्रमुख आकर्षण है। संग्रहालय में अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से इन नेताओं के जीवन, संघर्ष, राजनीतिक यात्रा और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को प्रदर्शित किया गया है। ऑडियो-विजुअल माध्यमों, डिजिटल डिस्प्ले और इंटरएक्टिव गैलरी के जरिए आगंतुकों को देश के इतिहास और वैचारिक परंपरा से जोड़ा गया है। यह संग्रहालय विशेष रूप से युवाओं और विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा।
‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ को भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। यहां आने वाले लोग नेतृत्व, सेवा, समर्पण, राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक चेतना के मूल्यों को करीब से महसूस कर सकेंगे। यह स्थल न केवल एक स्मारक है, बल्कि एक वैचारिक मंच भी है, जहां से राष्ट्र निर्माण की भावना को आगे बढ़ाया जाएगा।
अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर इस भव्य परियोजना का उद्घाटन लखनऊ और उत्तर प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। अटल जी का जीवन लोकतंत्र, संवाद और सहमति की राजनीति का प्रतीक रहा है। उनके नाम पर बना यह प्रेरणा स्थल उनके आदर्शों को जीवंत रखने का प्रयास है। अटल जयंती के अवसर पर लखनऊ से देश को मिलने जा रही यह ऐतिहासिक सौगात आने वाले वर्षों में राष्ट्रीय चेतना और प्रेरणा का केंद्र बनेगी।