प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘सेवा संकल्प यात्रा’ से जुड़े युवाओं को सेवा, संवेदना और देश को करीब से समझने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी विकसित भारत की निर्माता भी है और उसकी बड़ी लाभार्थी भी होगी। ऐसे में युवाओं के लिए जरूरी है कि वे सिर्फ किताबों से नहीं, बल्कि जमीन पर जाकर भारत को समझें।
1. विकसित भारत के युवा निर्माता
पीएम मोदी ने कहा कि युवाओं को देश की बारीकियों को जानना और समझना होगा। अलग-अलग क्षेत्रों और सामाजिक वर्गों के लोगों से मिलकर उनके सपनों और आकांक्षाओं को समझना जरूरी है। उनके मुताबिक, सेवा संकल्प यात्रा युवाओं को यह अनुभव हासिल करने का अवसर देगी।
2. सेवा से योजनाओं तक का संदेश
प्रधानमंत्री ने सेवा भाव को जनकल्याण से जोड़ते हुए कहा कि जब सेवा की भावना से काम होता है, तब जरूरतमंदों तक मुफ्त अनाज जैसी योजनाओं का लाभ पहुंचता है और आयुष्मान योजना जैसी पहल जन्म लेती है। यानी सेवा को उन्होंने सिर्फ सामाजिक गतिविधि नहीं, बल्कि जनकल्याण का माध्यम बताया।
3. वडनगर से काशी तक जुड़ी कहानी
पीएम मोदी ने वडनगर और वाराणसी को पुरातन और जीवंत शहर बताते हुए कहा कि एक उनकी जन्मभूमि है और दूसरी कर्मभूमि। इस संदर्भ में सेवा यात्रा को व्यक्तिगत जुड़ाव और व्यापक राष्ट्रीय अनुभव से जोड़ते हुए उन्होंने युवाओं से देश के अलग-अलग हिस्सों को करीब से देखने की अपील की।
4. उपदेश नहीं, अनुभव से सेवा
प्रधानमंत्री का सबसे अहम संदेश रहा कि सेवा करते हुए सेवा का संदेश देना है, लेकिन उपदेश नहीं देना है। यानी सेवा का उद्देश्य केवल अपनी बात बताना नहीं, बल्कि लोगों के बीच जाकर उनकी जरूरतों को समझना और उनके साथ खड़े होना होना चाहिए।
5. युवा शक्ति और सेवा का संगम
पूरे संदेश का केंद्र युवा शक्ति, जनभागीदारी और सेवाभाव रहा। पीएम मोदी ने यात्रा में शामिल युवाओं का अभिनंदन करते हुए उनसे अपना ध्यान रखने की भी अपील की। व्यापक अर्थ में यह यात्रा युवाओं को भारत के सामाजिक और क्षेत्रीय विविधता वाले अनुभवों से जोड़ने की पहल के रूप में सामने रखी गई है।





