प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को मणिपुर का दौरा करेंगे। यह दौरा ऐसे समय पर हो रहा है जब दो साल पहले मीतई और कुकी जनजातियों के बीच भड़की हिंसा के बाद राज्य की स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। विपक्ष लगातार प्रधानमंत्री की चुप्पी और अनुपस्थिति पर सवाल उठाता रहा है। इस दौरे के दौरान पीएम मोदी इम्फाल और चुराचांदपुर में हिंसा प्रभावित लोगों से मुलाकात करेंगे और कई विकास परियोजनाओं की शुरुआत करेंगे। राज्य के मुख्य सचिव पुनीत कुमार गोयल ने कहा कि शांति केवल हिंसा की अनुपस्थिति नहीं, बल्कि आपसी विश्वास, मेल-मिलाप और सद्भाव से भी आती है। यही कारण है कि प्रधानमंत्री का यह दौरा मणिपुर में सामान्य स्थिति की बहाली और विकास की नई राह खोलने में अहम माना जा रहा है।
चुराचांदपुर से होगा दौरे की शुरुआत
प्रधानमंत्री मोदी सुबह करीब 11:30 बजे कुकी-ज़ो बहुल चुराचांदपुर जिले के मुख्यालय पहुंचेंगे। यहां वे हिंसा से प्रभावित लोगों से संवाद करेंगे और कई परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। इसके बाद दोपहर 2 बजे वे मणिपुर की राजधानी इम्फाल पहुंचेंगे, जहां मीतई बहुल घाटी क्षेत्र में विस्थापित परिवारों से मिलेंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे। पीएम का यह कार्यक्रम सांत्वना, भरोसा और विकास का संदेश देने वाला माना जा रहा है।
7,300 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास
चुराचांदपुर में प्रधानमंत्री मोदी 7,300 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। इसमें 3,600 करोड़ रुपये की मणिपुर अर्बन रोड्स और ड्रेनेज प्रोजेक्ट, 2,500 करोड़ रुपये से अधिक की 5 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं, मणिपुर इन्फोटेक डेवलपमेंट (MIND) प्रोजेक्ट और 9 स्थानों पर कार्यरत महिलाओं के लिए छात्रावास शामिल हैं। ये परियोजनाएं राज्य में कनेक्टिविटी और शहरी विकास की नई दिशा देने वाली होंगी।
इम्फाल में 1,200 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन
इम्फाल में पीएम मोदी 1,200 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। इनमें मणिपुर सिविल सचिवालय, आईटी स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन बिल्डिंग, नया पुलिस मुख्यालय, दिल्ली और कोलकाता में मणिपुर भवन और 4 जिलों में प्रसिद्ध ‘इमा मार्केट्स’ शामिल हैं। खास बात यह है कि इमा मार्केट पूरी तरह महिलाओं द्वारा संचालित है और इसे मणिपुर की पहचान माना जाता है।
कांग्रेस ने उठाए सवाल, दौरे को बताया प्रतीकात्मक
कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी के इस दौरे पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि मणिपुर में प्रधानमंत्री का महज़ तीन घंटे का ठहराव शांति और सौहार्द को मजबूत नहीं करेगा, बल्कि यह पूरा कार्यक्रम राजनीतिक नाटक बनकर रह जाएगा। मणिपुर कांग्रेस अध्यक्ष ने भी इस दौरे को ‘सिर्फ प्रतीकात्मक’ बताया और कहा कि इससे न न्याय मिलेगा और न स्थायी समाधान। हालांकि, स्थानीय लोगों और विभिन्न संगठनों में इसे लेकर मिला-जुला उत्साह देखा जा रहा है।
लोगों में उत्साह और उम्मीद
राज्यसभा सांसद लईशेम्बा संजाओबा ने इसे मणिपुर के लिए सौभाग्यशाली पल बताया। वहीं, कुकी-ज़ो संगठनों ने इस दौरे का स्वागत किया है और इसे ऐतिहासिक और दुर्लभ अवसर करार दिया है। अब देखना यह होगा कि प्रधानमंत्री का यह दौरा मणिपुर में स्थायी शांति और विकास की दिशा में कितना कारगर साबित होता है।





