भारत के तकनीकी भविष्य की दिशा में एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को गुजरात के सानंद में माइक्रोन सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की अत्याधुनिक ATMP यूनिट का उद्घाटन किया। इस मौके के साथ ही भारत में बने सेमीकंडक्टर मेमोरी मॉड्यूल्स का व्यावसायिक उत्पादन और शिपमेंट भी औपचारिक रूप से शुरू हो गया, जिसे देश के इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक्नोलॉजी सेक्टर के लिए मील का पत्थर माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री के उद्घाटन के साथ भारत ने सेमीकंडक्टर निर्माण के नए दौर में रखा निर्णायक कदम
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, यह संयंत्र भारत के सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग मिशन का अहम स्तंभ बनकर उभरेगा। इस यूनिट से न केवल घरेलू जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी, बल्कि भारत अब वैश्विक सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में भी एक मजबूत खिलाड़ी के रूप में अपनी पहचान बनाने की ओर बढ़ रहा है। इस पहल को ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ विज़न से जोड़कर देखा जा रहा है।
सितंबर 2023 में रखी गई थी नींव, 22,500 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश ने बदली तस्वीर
इस मेगा प्रोजेक्ट की आधारशिला सितंबर 2023 में रखी गई थी और यह India Semiconductor Mission के तहत स्वीकृत होने वाला पहला प्रस्ताव था। कुल 22,500 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के साथ इस परियोजना पर तेजी से काम शुरू किया गया। मंजूरी मिलने के तुरंत बाद निर्माण कार्य आरंभ कर दिया गया, जो भारत की नीतिगत प्रतिबद्धता और तेज़ क्रियान्वयन क्षमता को दर्शाता है।
500,000 स्क्वायर फीट का क्लीनरूम, दुनिया की सबसे बड़ी सुविधाओं में होगा शामिल
पूरी तरह चालू होने के बाद सानंद स्थित यह प्लांट लगभग 5 लाख वर्ग फीट का विशाल क्लीनरूम स्पेस प्रदान करेगा। यह इसे दुनिया के सबसे बड़े ‘रेज़्ड-फ्लोर क्लीनरूम’ में से एक बनाता है। इस सुविधा को खास तौर पर वैश्विक बाजारों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है, ताकि मेमोरी और स्टोरेज से जुड़ी बढ़ती अंतरराष्ट्रीय मांग को पूरा किया जा सके।
AI और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग की मांग को मिलेगा सीधा फायदा
इस ATMP यूनिट में माइक्रोन के वैश्विक नेटवर्क से लाए गए एडवांस DRAM और NAND सेमीकंडक्टर वेफर्स को प्रोसेस कर फाइनल मेमोरी और स्टोरेज प्रोडक्ट्स में बदला जाएगा। खास बात यह है कि इन उत्पादों की मांग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर्स और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग जैसे उभरते क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रही है, जिससे भारत को टेक्नोलॉजी हब के रूप में बड़ा लाभ मिलेगा।
सेमीकंडक्टर हब बनने की ओर भारत, आत्मनिर्भर टेक इकोसिस्टम को मिलेगी मजबूती
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, इस यूनिट का संचालन भारत को सेमीकंडक्टर निर्माण के लिए एक भरोसेमंद और प्रतिस्पर्धी गंतव्य के रूप में स्थापित करता है। साथ ही, यह पहल देश में एक मजबूत, सुरक्षित और आत्मनिर्भर टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। आने वाले वर्षों में इससे रोजगार, नवाचार और निवेश के नए अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है।





