PM मोदी ने दी पश्चिम बंगाल को अंडरवाटर मेट्रो की सौगात, देश की पहली अंडरवाटर मेट्रो में है ये खासियत

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लोकसभा चुनाव के तारीखों की घोषणा से पहले पीएम नरेन्द्र मोदी के दौरे तेज हो गए हैं। इसी क्रम में पीएम मोदी ने आज बुधवार को कोलकाता में राज्य की जनता को बड़ी सौगात दी है। पीएम यहां करीब 15,400 करोड़ रुपये की लागत से तैयार मेट्रो से जुड़ी कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस परियोजना की शुरुआत साल 2010 में की गई थी।

इस तरह देश को आज बुधवार 6 मार्च को अपनी पहली अंडर वाटर मेट्रो मिल गई। पीएम मोदी ने कोलकाता में इस मेट्रो का उद्घाटन किया। इसके अलावा पीएम नरेन्द्र मोदी ने वि​कास की कई अन्य परियोजनाओं का भी शिलान्यास और उद्घाटन किया। इस तरह पीएम मोदी ने लोकसभा चुनाव से पहले बंगाल 15400 करोड़ रुपये की सौगात दी है। बता दें कि कोलकाता की अंडरवाटर मेट्रो का निर्माण हुगली नदी के नीचे कराया गया है। यह अंडरवॉटर मेट्रो रेल नदी हावड़ा को कोलकाता शहर को जोड़ेगी। अंडरवाटर मेट्रो के उदघाटन के अलावा पीएम नरेन्द्र मोदी ने तारातला-माजेरहाट मेट्रो खंड और कवि सुभाष-हेमंत मुखोपाध्याय मेट्रो खंड का भी उद्घाटन किया।

32 मीटर गहराई में बनाई है मेट्रो

बता दें कि देश की इस पहली अंडर वॉटर मेट्रो का निर्माण कोलकाता की हुगली नदी के नीचे किया गया है। जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज किया हैं। इस अंडर वाटर मेट्रो के माध्यम से हावड़ा मैदान और एस्प्लेनेड के बीच की दूरी तय की जाएगी। कोलकाता मं अंडर वॉटर मेट्रो टनल हावड़ा मैदान और एस्प्लेनेड सेक्शन के बीच में दौड़ती नजर आएगी। इस मेट्रो टनल को हुगली नदी के तल से करीब 32 मीटर की गहराई में नीचे बनाया गया है। बताया जाता है कि कोलकाता मेट्रो हावड़ा मैदान और एस्प्लेनेड टनल भारत में किसी भी नदी की गहराई में बनाया जाने वाली पहली ट्रांसपोर्ट सुरंग है। माना जा रहा है कि यह अंडरग्राउंड मेट्रो करीब 45 सेकेंड में हुगली नदी के नीचे लगभग 520 मीटर की दूरी तय करेगी।

अंडरवॉटर मेट्रो स्टेशन भी बनाए गए

हावड़ा मैदान से एस्प्लेनेड तक करीब 4.8 किलो मीटर का मार्ग बनकर पूरी तरह से तैयार हो गया है। इस मार्ग में चार अंडरग्राउंड स्टेशन भी तैयार किये गये हैं। जिनमें हावड़ा मैदान के साथ महाकरण,हावड़ा स्टेशन और एस्प्लेनेड हावड़ा स्टेशन शामिल हैं। यह मेट्रो स्टेशन भी नदी में जमीन से 30 किलोमीटर नीचे गहराई में बने हुए हैं। यह दुनिया में सबसे गहरे पानी में बनाया गया मेट्रो स्टेशन है। इससे पहले पेरिस के साथ लंदन में ही इस तरह के पानी के नीचे मेट्रो रूट बनाए गए हैं। कोलकाता मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के डायरेक्टर की माने तो साल 2010 में टनल बनाने के लिए एफकॉन्स कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट दिया गया था। एफकॉन्स कंपनी की ओर से अंडर वॉटर मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए जर्मन की कंपनी हेरेनकनेक्ट सेल बोरिंग मशीन आयात की थी। इस तरह की मशीनों के नाम अब प्रेरणा और रचना रखे गये हैं। दरअसल यह नाम एफकॉन्स के एक कर्मचारी की बेटियों के नाम पर रखे गये हैं। इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी दो चुनौतियां थीं। वो यह थी कि खुदाई के लिए सही मिट्टी का चयन कैसे हो और दूसरा टीबीएम की सुरक्षा कोलकाता में हर पचास मीटर की दूरी पर अलग-अलग तरह की मिट्टी मिलती है। ऐसे में टनल के लिए सही जगह के चयन के लिए मिट्टी के सर्वे में ही करीब 5 से 6 महीने का समय गुजर गया था। आखिरकार 3 से 4 बार के सर्वे के बाद ही तय किया गया कि हावड़ा ब्रिज से हुगली नदी के तल से करीब 13 मीटर नीचे गहराई में मिट्टी पर टनल बनाई जा सकती है।

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