प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति ब्लामिदिर पुतिन को खासतौर पर श्रीमदभगवद गीता भेंट की। गीता की प्रति का रूसी अनुवाद राष्ट्रपति पुतिन को भेटं किया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने इसके बाद अपने सोशळ मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि -गीता के उपदेश दुनिया भर में लाखों लोगों को प्रेरणा देते हैं।
गुरूवार को रूसी राष्ट्रपति ब्लामिदिर पुतिन का भआरत में गर्मजोशी से स्वागत हुआ।
रूसी राष्ट्रपति के भारत आते ही प्रधानमंत्रू मोदी खुद उनके स्वागत के लिए एयरोपोर्ट पर मौजूद थे। दोनो मित्रों ग्रमजोशी से मिले औऱ पुतिन ने प्रोटोकाल को तोड़ते हुए पीएम मोदी को गले लगाया औऱ फिर दोनों एक ही गाड़ी में एयरपोर्ट ने निकल पड़े।
कभी गीता पर रूस में लग रहा था बैन
प्रधानमंत्री मोदी ने रूसी राष्ट्रपति को गीता गिफ्ट की। इसके साथ ही एक पुराना वाकया सभी को याद आ गया। गीता सनातन रा धआर्मिक ग्रंथ है और एक समय में गीता को बैन करने की मांग रूस में की जा रही थी. इसके लिए बकायदा अदालत की शऱण भी ली गई थी। मामला 2011 का है। साइबेरिया के शङर टाम्स्क में गीता के एक संस्करण को बैन करने की मांग की जा रही थी। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक साइबेरिया शहर के अभियोजकों ने गीता के एक संस्करण को उग्रवादी घोषित करने की मांग की।
अगर अदातल इसे मानती तो ‘गीता’ को हिटलर की Mein Kampf जैसी श्रेणी में डाल दिया जाता। हांलाकि इस मामले में फिर रूसी विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि जांच का केंद्र धार्मिक ग्रंथ मतलब की श्रीमद भगवत गीता नहीं, बल्कि उसकी व्याख्या थी।हांलाकि जब ये मामला अदालत में चल रहा था तब भऱात ने रूस के राजदूत से इश मामले में अपनी आपत्ति जताई थी। भारत के तत्कालीन विदेश मंत्री एस एस कृष्णा ने कहा था कि भगवद गीता हिंदुओ का सबसे लोकप्रिय आ पूजनीय ग्रंथ है। फिर उस समय अदालती फैसले ने किसी तरह का बैन गीता पर हीं लगाया।
महत्तवपूर्ण है पुतिन का ये दौरा
रूसी राष्ट्रपति ब्लामिदिर पुतिन दो दिन के भारत के दौरे परहै। इस दौरान वो पी एम मोदी के साथ बैठकों के साथ साथ रक्षा सौदों पर भी डील करेंगे। पुतिन का ये दौरा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा और महत्तवपूर्ण है। ये दौरा उस समय हो रहा है जब अमेरिकी राष्ट्रपति पुतिन पर यूक्रेन के साथ युद्द रोकने की कोशिश कर रहे हैं। वही अमेरिका भारत पर भी कई तरह के व्यापारिक दबवा बना रहा है ऐसे में अमेरिका के दवाबों में न आकर दोनो देश आपसी समझ का दायरा और बढ़ाकर व्यापारिक और राजनयिक सभी स्तर पर दोस्ती को प्रगाढ़ कर रहे हैं।