Agnivesh Agarwal Death: ‘बहुत ही दुखद…’ वेदांता ग्रुप चेयरमैन अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश के निधन पर पीएम मोदी ने जताया शोक

PM Modi expressed condolences on the death of Agnivesh son of Vedanta Group Chairman Anil Agarwal

Agnivesh Agarwal Death: ‘बहुत ही दुखद…’ वेदांता ग्रुप चेयरमैन अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश के निधन पर पीएम मोदी ने जताया शोक

नई दिल्ली। देश के प्रमुख उद्योगपति और वेदांता ग्रुप के फाउंडर व चेयरमैन अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश अग्रवाल के असमय निधन की खबर ने देश-विदेश में शोक की लहर दौड़ा दी है। बुधवार को अमेरिका में इलाज के दौरान कार्डियक अरेस्ट से उनका निधन हो गया। वह 49 वर्ष के थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत राजनीति, उद्योग और समाज के कई प्रतिष्ठित लोगों ने इस दुखद घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की है।

अमेरिका में हादसा, इलाज के दौरान थम गई सांस

जानकारी के मुताबिक, अग्निवेश अग्रवाल अमेरिका में स्कीइंग के दौरान एक दुर्घटना का शिकार हो गए थे। हादसे के बाद उन्हें न्यूयॉर्क के प्रतिष्ठित माउंट साइनाई अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों के अनुसार, उनकी हालत में लगातार सुधार हो रहा था और ऐसा लग रहा था कि खतरे का दौर गुजर चुका है। लेकिन अचानक आए दिल के दौरे ने सब कुछ बदल दिया और परिवार ने अपना सबसे बड़ा सहारा खो दिया। इस दुखद खबर की पुष्टि खुद अनिल अग्रवाल ने सोशल मीडिया के जरिए की। उनका भावुक संदेश पढ़कर हर किसी की आंखें नम हो गईं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताया शोक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अग्निवेश अग्रवाल के निधन पर गहरा दुख जताया। पीएम मोदी ने लिखा “अग्निवेश अग्रवाल का असमय निधन बेहद दुखद और चौंकाने वाला है। आपके शब्दों में आपके दुख की गहराई साफ झलकती है। ईश्वर से प्रार्थना है कि आपको और आपके परिवार को इस अपार पीड़ा को सहने की शक्ति और हिम्मत मिले। ओम् शांति।” प्रधानमंत्री की यह संवेदना न केवल एक औपचारिक संदेश थी, बल्कि एक पिता के दर्द को समझने की मानवीय अभिव्यक्ति भी मानी जा रही है।

केंद्रीय मंत्री और दिग्गजों की श्रद्धांजलि

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भी इस अपूरणीय क्षति पर शोक जताया। उन्होंने लिखा “अनिल अग्रवाल, आपके इस अपूरणीय नुकसान के बारे में जानकर दिल टूट गया। एक माता-पिता होने के नाते आपके दर्द को महसूस कर सकता हूं। ईश्वर आपको और आपके परिवार को इस कठिन समय में शक्ति दे।” उद्योग जगत की जानी-मानी हस्ती किरण मजूमदार शॉ ने लिखा कि अनिल अग्रवाल के शब्दों में उनका दर्द साफ झलकता है और यह क्षति शब्दों से परे है।
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने भी इसे बेहद दुखद घटना बताते हुए कहा कि किसी अपने को खोने का दर्द असहनीय होता है।शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने लिखा कि यह खबर दिल तोड़ने वाली है और भगवान परिवार को यह दुख सहने की शक्ति दें।

कौन थे अग्निवेश अग्रवाल?

अग्निवेश अग्रवाल का जन्म 3 जून 1976 को पटना में हुआ था। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई मेयो कॉलेज, अजमेर से की। शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने कॉर्पोरेट जगत में अपनी अलग पहचान बनाई। वे फुजैराह गोल्ड के फाउंडर थे और इसके बाद हिंदुस्तान जिंक के चेयरमैन बने। इसके साथ-साथ वह वेदांता ग्रुप की कंपनी तलवंडी साबो पावर लिमिटेड (TSPL) के चेयरमैन भी थे। वेदांता लिमिटेड की कई सब्सिडियरी और एसोसिएटेड कंपनियों के बोर्ड में उनकी अहम भूमिका रही। लगभग दो दशकों के कॉर्पोरेट अनुभव के साथ अग्निवेश को बिजनेस ऑपरेशंस और बड़े प्रोजेक्ट्स को संभालने में दक्ष माना जाता था। उद्योग जगत में उन्हें एक दूरदर्शी, शांत और जमीन से जुड़ा लीडर माना जाता था।

पिता अनिल अग्रवाल का भावुक संदेश

अपने बेटे को खोने के बाद अनिल अग्रवाल ने एक बेहद भावुक पोस्ट साझा की। उन्होंने लिखा “आज मेरी ज़िंदगी का सबसे अंधेरा दिन है। मेरे प्यारे बेटे अग्निवेश हमें बहुत जल्दी छोड़कर चले गए। वह सिर्फ 49 साल का था—स्वस्थ, ज़िंदगी से भरा और बड़े सपने देखने वाला। उन्होंने आगे लिखा कि एक माता-पिता के लिए अपने बच्चे को खोने का दर्द शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। “एक बेटा अपने पिता से पहले नहीं जाना चाहिए। इस नुकसान ने हमें पूरी तरह तोड़ दिया है,” — ये शब्द हर माता-पिता के दिल को झकझोर देने वाले हैं।

एक संवेदनशील इंसान, सिर्फ कारोबारी नहीं

अनिल अग्रवाल ने बताया कि अग्निवेश सिर्फ एक सफल बिजनेसमैन नहीं, बल्कि एक खिलाड़ी, संगीत प्रेमी और संवेदनशील इंसान भी थे। उन्होंने जिनके साथ भी काम किया, उनका सम्मान जीता। ऊंचाइयों पर पहुंचने के बावजूद वह हमेशा सरल और इंसानियत से जुड़े रहे। अपने बेटे के साथ साझा किए गए सपनों का जिक्र करते हुए अनिल अग्रवाल ने लिखा “हम दोनों का सपना था कि कोई बच्चा भूखा न सोए, किसी बच्चे की पढ़ाई न रुके, हर महिला आत्मनिर्भर बने और हर युवा को सम्मानजनक रोजगार मिले। उन्होंने यह भी दोहराया कि वे अपनी कमाई का 75 प्रतिशत से अधिक हिस्सा समाज को लौटाने के संकल्प पर पहले से भी ज्यादा मजबूती से कायम रहेंगे।

अग्निवेश अग्रवाल का निधन न सिर्फ एक परिवार के लिए, बल्कि भारतीय उद्योग जगत के लिए भी बड़ी क्षति है। उनकी सोच, नेतृत्व और सामाजिक प्रतिबद्धता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेगी। इस दुखद क्षण में पूरा देश अनिल अग्रवाल और उनके परिवार के साथ खड़ा है—प्रार्थना यही है कि उन्हें इस अपार दुख को सहने की शक्ति मिले।

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