PM Kisan Yojana: उत्तर प्रदेश के किसानों को मिला सबसे ज्यादा लाभ, करोड़ों रुपये सीधे खातों में ट्रांसफर
देश के करोड़ों किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना एक बड़ी आर्थिक सहायता बनकर उभरी है। केंद्र सरकार ने 13 मार्च को इस योजना की 22वीं किस्त जारी करते हुए किसानों के खातों में सीधे हजारों करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। इस किस्त के तहत 9 करोड़ से अधिक किसान परिवारों को लाभ मिला है। योजना के तहत किसानों को साल में तीन बार यानी हर चार महीने में दो-दो हजार रुपये की सहायता दी जाती है, जिससे उन्हें खेती से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलती है। इस बार भी सबसे अधिक लाभ उत्तर प्रदेश के किसानों को मिला है। देश के कुल लाभार्थियों में लगभग 23 प्रतिशत किसान अकेले उत्तर प्रदेश से हैं। इससे साफ है कि यह राज्य इस योजना का सबसे बड़ा लाभार्थी बना हुआ है।
पीएम किसान योजना की नई जानकारी
Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi के तहत सबसे अधिक लाभार्थी Uttar Pradesh से हैं। योजना के कुल किसानों में करीब 23 प्रतिशत लाभार्थी इसी राज्य के बताए जा रहे हैं।
उत्तर प्रदेश को मिला सबसे बड़ा हिस्सा
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त में उत्तर प्रदेश को सबसे ज्यादा राशि प्राप्त हुई है। राज्य के 2.15 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में सीधे पैसे भेजे गए। कुल मिलाकर उत्तर प्रदेश के किसानों को 4,335.11 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की गई। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस उपलब्धि की जानकारी साझा करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की यह योजना किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे छोटे और सीमांत किसानों को खेती के खर्चों में काफी राहत मिलती है।
बिहार के किसानों को भी मिली बड़ी राहत
प्रधानमंत्री किसान योजना के तहत बिहार भी लाभ पाने वाले बड़े राज्यों में शामिल है। इस बार राज्य के लगभग 73 लाख किसानों को इस योजना का लाभ मिला है। बिहार के किसानों के खातों में कुल मिलाकर 1,467 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए हैं। यह राशि किसानों को बीज, खाद और अन्य कृषि आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करती है। राज्य सरकार का कहना है कि डिजिटल भुगतान के कारण किसानों तक सीधे और पारदर्शी तरीके से सहायता पहुंच रही है।
राजस्थान के लाखों किसान लाभान्वित
राजस्थान में भी इस योजना के तहत बड़ी संख्या में किसानों को फायदा हुआ है। राज्य के 66 लाख 76 हजार किसानों के खातों में पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त भेजी गई। राज्य के किसानों को इस किस्त के तहत 1,355 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्राप्त हुई है। जयपुर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनके सम्मान के लिए यह योजना बेहद महत्वपूर्ण है।
मध्य प्रदेश में भी बड़ी संख्या में लाभार्थी
मध्य प्रदेश में भी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत बड़ी संख्या में किसान लाभान्वित हो रहे हैं। राज्य में करीब 80 लाख किसान इस योजना से जुड़े हुए हैं। इन किसानों को साल भर में कुल 6,000 रुपये की सहायता तीन किस्तों में मिलती है। इससे प्रदेश के छोटे किसानों को खेती की लागत का कुछ हिस्सा वहन करने में सहायता मिलती है।
छत्तीसगढ़ के किसानों को भी मिला फायदा
छत्तीसगढ़ में भी पीएम किसान योजना के तहत किसानों को बड़ी राहत मिली है। राज्य के 24.71 लाख किसानों के खातों में इस बार 498.83 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की गई। राज्य के कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह राशि छोटे किसानों के लिए खेती के शुरुआती खर्चों को पूरा करने में काफी उपयोगी साबित होती है।
सीधे खातों में पैसा पहुंचाने की व्यवस्था
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें किसानों को सीधे बैंक खातों में पैसा भेजा जाता है। इससे बिचौलियों की भूमिका खत्म हो जाती है और पारदर्शिता बनी रहती है। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर प्रणाली के कारण किसानों को समय पर आर्थिक सहायता मिलती है। सरकार का दावा है कि इस योजना के जरिए अब तक लाखों करोड़ रुपये किसानों के खातों में ट्रांसफर किए जा चुके हैं।
छोटे-सीमांत किसान…बड़ी मदद
भारत में अधिकांश किसान छोटे और सीमांत श्रेणी के हैं। खेती की लागत बढ़ने और मौसम की अनिश्चितता के कारण किसानों की आर्थिक स्थिति कई बार कमजोर हो जाती है। ऐसे में पीएम किसान योजना उनके लिए एक स्थायी आर्थिक सहारा बनकर सामने आई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इस योजना को और व्यापक बनाया जाए और कृषि सुधारों के साथ जोड़ा जाए तो इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और मजबूती मिल सकती है।
योजना का व्यापक प्रभाव
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का प्रभाव केवल किसानों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर ग्रामीण बाजारों पर भी देखने को मिलता है। जब किसानों के पास नकदी उपलब्ध होती है तो वे कृषि उपकरण, बीज, खाद और अन्य जरूरतों पर खर्च करते हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में गतिविधियां बढ़ती हैं। इसी कारण यह योजना देश के कृषि क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण आर्थिक समर्थन प्रणाली के रूप में देखी जा रही है।
कुल मिलाकर, पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त ने एक बार फिर यह साबित किया है कि यह योजना किसानों के लिए सीधे आर्थिक सहायता पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन चुकी है। उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान जैसे बड़े राज्यों में इसका व्यापक प्रभाव दिखाई दे रहा है और आने वाले समय में इसके दायरे को और बढ़ाने की संभावना भी जताई जा रही है।





