PM Kisan – कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि योजना: 19 नवंबर को आएगी 21वीं किस्त, बिहार के किसानों को अब 9000 रुपये सालाना

PM Kisan Karpoori Thakur Kisan Samman Nidhi Yojana

PM Kisan – कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि योजना: 19 नवंबर को आएगी 21वीं किस्त, बिहार के किसानों को अब 9000 रुपये सालाना

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के करोड़ों पंजीकृत किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी है। केंद्र सरकार ने आधिकारिक रूप से घोषणा कर दी है कि PM Kisan Yojana की 21वीं किस्त 19 नवंबर को पूरे देश के किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। पीएम किसान पोर्टल पर इसकी पुष्टि हो चुकी है। इस बार लगभग 9 करोड़ किसानों को कुल 18,000 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के तहत भेजी जाएगी।

हालांकि, किस समय बैंक खाते में पैसे पहुंचेंगे, इसकी सटीक जानकारी अभी जारी नहीं की गई है, लेकिन यह साफ है कि 19 नवंबर को किसानों के खातों में 2000 रुपये की किस्त पहुँच जाएगी।

क्या है कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि योजना?

बिहार में एनडीए की शानदार जीत के बाद सरकार चुनाव से पहले किए गए अपने एक बड़े वादे को पूरा करने की ओर बढ़ रही है। यह वादा था— कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि योजना लागू करने का। यह योजना पूरी तरह प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की तर्ज पर बनाई गई है, लेकिन इसमें किसानों को अतिरिक्त लाभ मिलेंगे।

योजना का मुख्य लाभ
पीएम किसान के लाभार्थी किसानों को अब राज्य सरकार की ओर से 3 किस्तों में अतिरिक्त 1000-1000 रुपये दिए जाएंगे। यानी प्रधानमंत्री किसान योजना के तहत मिलने वाले 6000 रुपये के साथ, बिहार के किसानों को अब कुल 9000 रुपये सालाना प्राप्त होंगे।
राज्य सरकार की ओर से मिलने वाली यह अतिरिक्त 3000 रुपये की सहायता किसानों को बड़ा आर्थिक सहारा देगी। सरकार का मानना है कि इससे बिहार के छोटे और सीमांत किसान अपनी खेती के लिए बीज, खाद और अन्य कृषि सामग्री को और बेहतर तरीके से खरीद सकेंगे।

कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि योजना क्यों लाई जा रही है?

एनडीए ने चुनाव से पहले जारी अपने संकल्प पत्र में वादा किया था कि नई सरकार किसानों की आय बढ़ाने और खेती को आसान बनाने के लिए इस नई योजना की शुरुआत करेगी। बिहार में एक बार फिर नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री बनने जा रहे है, इसकी संभावना बढ़ने के बाद इस योजना को तेजी से लागू करने की तैयारी चल रही है।

नई योजना के प्रमुख बिंदु

मौजूदा PM Kisan के तहत किसानों को 2000 रुपये की 3 किस्तें, कुल 6000 रुपये सालाना मिलते हैं। नई योजना में प्रत्येक किसान को अतिरिक्त 1000 रुपये की 3 किस्तें मिलेंगी। यानी PM Kisan (₹6000) + State Top-Up (₹3000) = ₹9000 सालाना सहायता। राज्य सरकार जल्द ही इसके लिए औपचारिक अधिसूचना जारी करेगी। बिहार में लगभग 73 लाख किसान PM Kisan योजना से जुड़े हुए हैं, और ये सभी किसान इस अतिरिक्त लाभ के पात्र होंगे।

किन किसानों को मिलेगा 9000 रुपये सालाना?

केवल वही किसान पात्र होंगे जो पहले से PM किसान सम्मान निधि योजना में रजिस्टर्ड हैं। जिन किसानों के खाते में नियमित रूप से PM Kisan की किस्त आती है, उन्हें ही 3000 रुपये अतिरिक्त लाभ मिलेगा। इसका भुगतान भी साल में तीन किस्तों में किया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य किसानों की आय को बढ़ाना, खेती में सहूलियत देना और कृषि खर्च का बोझ घटाना है।

PM Kisan की 21वीं किस्त: कब और कैसे आएगा पैसा?

केंद्र सरकार ने आधिकारिक रूप से स्पष्ट किया है कि 21वीं किस्त 19 नवंबर को जारी होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह किस्त जारी करेंगे। देशभर के 9 करोड़ किसानों को 2000 रुपये सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर होंगे। किस्त किस राज्य से लॉन्च होगी, इसकी जानकारी फिलहाल उपलब्ध नहीं है। PM Kisan पोर्टल से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, सरकार लगातार सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी पात्र किसान इस लाभ से वंचित न रहे।

किसानों को क्या करना चाहिए?
किस्त आने से पहले किसानों को कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना चाहिए— आधार कार्ड बैंक खाते से लिंक हो। EKYC पूरी हो चुकी हो। बैंक खाता सक्रिय होना चाहिए। भूमि विवरण सही-सही दर्ज हो। यदि इन दस्तावेज़ों में कोई कमी है, तो किस्त रुक सकती है।

किसानों की आय में बड़ा इजाफा

PM Kisan की 21वीं किस्त और कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि योजना, दोनों मिलकर बिहार के किसानों को आर्थिक रूप से एक बड़ी मजबूती देंगी।

सरकार का दावा है कि यह योजना कृषि उत्पादन बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में मदद करेगी। 19 नवंबर 2025 बिहार और देशभर के किसानों के लिए बेहद खास दिन होगा। PM Kisan की 21वीं किस्त जहां उनकी रोजमर्रा की खेती में मदद करेगी, वहीं नई कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि योजना किसानों को अतिरिक्त सुरक्षा और आर्थिक सहारा देगी। इस संयुक्त सहायता से लाखों किसान परिवारों को राहत मिलेगी और बिहार में कृषि क्षेत्र को नया संबल मिलेगा।

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