देशभर के करोड़ों किसानों को Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi की 22वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार है। जनवरी बीत चुका है और फरवरी भी खत्म होने को है, लेकिन अब तक सरकार की ओर से किस्त जारी करने की आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है। ऐसे में किसानों के मन में सवाल है कि 2,000 रुपये की सम्मान राशि आखिर कब खाते में आएगी। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि यह राशि 24 फरवरी या होली से पहले ट्रांसफर हो सकती है, हालांकि कृषि मंत्रालय ने अभी इन तारीखों की पुष्टि नहीं की है।
कब आ सकती है 22वीं किस्त? संभावित तारीख पर नजर
फिलहाल 22वीं किस्त को लेकर केवल संभावित तारीखों की चर्चा है। कई रिपोर्ट्स के अनुसार 24 फरवरी को किसानों के खातों में पैसे भेजे जा सकते हैं। वहीं यह भी कहा जा रहा है कि केंद्र सरकार होली से पहले किसानों को यह तोहफा दे सकती है।
लेकिन जब तक आधिकारिक घोषणा नहीं होती, तब तक इन खबरों को अनुमान ही माना जाएगा। किसानों को सलाह है कि वे केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।
क्यों अटक जाती है किस्त? जानिए जरूरी कागजी प्रक्रिया
अक्सर देखा गया है कि छोटी-सी गलती या अधूरी जानकारी के कारण किस्त रुक जाती है। अगर आपका स्टेटस “Pending” दिख रहा है, तो इसका मतलब है कि आपके आवेदन में कोई कमी है।
योजना का लाभ लेने के लिए जरूरी है कि:
आपका आधार कार्ड बैंक खाते से लिंक हो।
पैन कार्ड का वेरिफिकेशन पूरा हो।
बैंक खाते से जुड़ी कोई तकनीकी समस्या न हो।
e-KYC प्रक्रिया पूरी हो।
इनमें से कोई भी प्रक्रिया अधूरी होने पर 2,000 रुपये की किस्त अटक सकती है। इसलिए समय रहते सभी दस्तावेज अपडेट करा लें।
घर बैठे ऐसे करें 22वीं किस्त का स्टेटस चेक
किसान आसानी से ऑनलाइन अपनी किस्त की स्थिति देख सकते हैं। इसके लिए:
आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in खोलें।
होमपेज पर “Farmers Corner” सेक्शन में जाएं।
“Know Your Status” विकल्प पर क्लिक करें।
अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और स्क्रीन पर दिख रहा सिक्योरिटी कोड दर्ज करें।
रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए OTP को भरें।
OTP सबमिट करते ही आपकी 22वीं किस्त का पूरा स्टेटस स्क्रीन पर दिखाई देगा।
किसानों के लिए क्यों जरूरी है यह 2000 रुपये?
पीएम किसान योजना के तहत हर साल किसानों को 6,000 रुपये तीन किस्तों में दिए जाते हैं। यह राशि बीज, खाद, सिंचाई और अन्य खेती से जुड़े खर्चों में बड़ी मदद करती है। कई छोटे और सीमांत किसान इसी राशि पर निर्भर रहते हैं।
इसलिए किस्त में देरी को लेकर चिंता स्वाभाविक है।
जब तक सरकार आधिकारिक तारीख घोषित नहीं करती, तब तक किसानों को धैर्य रखने की जरूरत है और अपने दस्तावेजों को अपडेट रखना चाहिए।





