पीएम ने एमवाय को दिया नया नाम…एमवाय मतलब महिला और यूथ…बिहार चुनाव चुने गए 11 मुस्लिम विधायक
बिहार में एनडीए को एतिहासिक जनादेश मिला है। एनडीए की जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय जनता पार्टी के हेडक्वार्टर पर कार्यकर्ताओं को संबोधित किया था। जिसमें में पीएम नरेन्द्र मोदी ने एक नया MY फॉर्मूला बताया था। पीएम मोदी ने इसे बिहार के युवाओं के साथ महिलाओं से जोड़नें के साथ ही चुनावी नतीजों के लिए उनके प्रति धन्यवाद भी जताया।
विपक्ष के फॉर्मूले को बताया था तुष्टिकरण वाला
पीएम मोदी ने कहा था कि साथियों एक पुरानी कहावत है कि लोहा लोहे को काटता है। बिहार में कुछ दलों की ओर से तुष्टिकरण वाला MY फॉर्मूला बनाया था। लेकिन बिहार की जीत ने एक नया सकारात्मक एमवाय माय फॉर्म्युला सामने पेश किया है। जिसमें महिला और यूथ को शामिल किया।
दरअसल बिहार विधानसभा चुनाव 2025 ने कई राजनीतिक समीकरणों को बदलकर रख दिया है। दो चरणों में हुए इस चुनाव में राज्य ने 66.91% मतदान दर्ज किया, जो 1951 में हुए पहले विधानसभा चुनाव के बाद सबसे अधिक है। इस बार एनडीए गठबंधन ने 202 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया। इनमें 89 सीटों के साथ भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। लेकिन इस जीत के बीच सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बना है—मुस्लिम प्रतिनिधित्व में आई भारी गिरावट।
2025 में सिर्फ 11 मुस्लिम विधायक — प्रतिनिधित्व 8 सीट कम
नई बिहार विधानसभा में इस बार केवल 11 मुस्लिम विधायक चुने गए हैं। यह संख्या पिछले चुनावों की तुलना में काफी कम है।
2015 में मुस्लिम विधायकों की संख्या: 24
2020 में मुस्लिम विधायकों की संख्या: 19
2025 में संख्या घटकर रह गई: 11
यह गिरावट बिहार की राजनीतिक संरचना में हो रहे बदलावों को दर्शाती है, जहां मुस्लिम वोट अब एकजुट न होकर कई दलों में विभाजित होते दिख रहे हैं।
किन पार्टियों से चुने गए मुस्लिम विधायक?
चुनाव परिणाम बताते हैं कि मुस्लिम उम्मीदवारों को सबसे अधिक सफलता AIMIM के टिकट से मिली है। अलग-अलग दलों में मुस्लिम विधायकों का वितरण इस प्रकार है
AIMIM (5 सीटें)
असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने 23 मुस्लिम उम्मीदवार उतारे थे, जिनमें से 5 ने जीत दर्ज की। अधिकांश सीटें मुस्लिम बहुल इलाकों से हैं।
RJD (3 सीटें)
राष्ट्रीय जनता दल ने 18 मुस्लिम उम्मीदवार मैदान में उतारे, लेकिन केवल 3 ही विजयी रहे।
कांग्रेस (2 सीटें)
कांग्रेस ने 10 मुस्लिम उम्मीदवार उतारे, जिनमें से 2 सीटें मिलीं।