Thursday, October 1, 2026
  • Contact
India News
  • मुख्य समाचार
  • राजनीति
  • संपादक की पसंद
  • शहर और राज्य
    • उत्तर प्रदेश
      • आगरा
      • कानपुर
      • लखनऊ
      • मेरठ
    • छत्तीसगढ
      • जगदलपुर
      • बिलासपुर
      • भिलाई
      • रायपुर
    • दिल्ली
    • बिहार
      • पटना
    • मध्य प्रदेश
      • इंदौर
      • ग्वालियर
      • जबलपुर
      • भोपाल
    • महाराष्ट्र
      • नागपुर
      • नासिको
      • पुणे
      • मुंबई
    • राजस्थान
      • अजमेर
      • कोटा
      • जयपुर
      • जैसलमेर
      • जोधपुर
  • स्टार्टअप
  • कृषि
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • धर्म
  • ऑटो
  • सरकारी नौकरी
  • वीडियो
No Result
View All Result
India News
Home धर्म

Pitru Paksha: पितृ पक्ष में इन गलतियों से बचें, मान्यता है पितरों की कृपा बनी रहती है…

DigitalDesk by DigitalDesk
October 1, 2026
in धर्म, स्पेशल
0
Pitru Paksha
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterWhatsapp

Related posts

Neerja in 1986 Smit Machar in 2026 when humanity is in danger it is an Indian who steps forward

1986 में नीरजा, 2026 में स्मित मच्छार…जब इंसानियत खतरे में हो तो भारतीय ही आगे आता है…

October 1, 2026
Diwali 2026

दिवाली कब? धनतेरस से भाई दूज तक पूरा कैलेंडर…8 नवंबर को दीपावली और लक्ष्मी पूजा होगी

October 1, 2026

पितृ पक्ष को सनातन परंपरा में अपने पूर्वजों के स्मरण, तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध के लिए विशेष समय माना गया है। इस दौरान परिवार अपने दिवंगत पूर्वजों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करता है और उनकी स्मृति में दान-पुण्य करता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितृ पक्ष में किए गए श्राद्ध और तर्पण से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

पितृ पक्ष में भूलकर भी ये न करें ये गलती

ऊँ पितृभ्यो नम: पितृ पक्ष की शुरुआत

मंत्र-जाप के साथ घाटों और घरों में तर्पण

इसी वजह से इस अवधि में खान-पान से लेकर दैनिक व्यवहार तक कई तरह की सावधानियां बरतने की परंपरा है। हालांकि, इनमें से कई बातें धार्मिक मान्यताओं और लोक-परंपराओं पर आधारित हैं, वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नियम नहीं हैं।

लोहे और नई चीजों की खरीदारी को लेकर मान्यता

पितृ पक्ष के दौरान लोहे का सामान या नई वस्तुएं खरीदने से बचने की मान्यता कई जगहों पर प्रचलित है। इसी तरह नए कपड़े खरीदने को लेकर भी कुछ परिवारों में परहेज किया जाता है। धार्मिक परंपरा में इस अवधि को उत्सव या भौतिक खरीदारी के बजाय पूर्वजों के स्मरण और सेवा के लिए समर्पित माना जाता है। खास बात यह है कि नए वस्त्र खरीदना अपने आप में सार्वभौमिक धार्मिक निषेध नहीं है। अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में इसकी परंपराएं अलग हो सकती हैं।

मांस-मदिरा से दूरी की परंपरा

पितृ पक्ष में सात्त्विक भोजन करने और मांस-मदिरा से दूर रहने की परंपरा भी व्यापक है। इसका उद्देश्य इस अवधि को संयम, श्रद्धा और आत्मिक अनुशासन के साथ बिताना माना जाता है। धार्मिक मान्यता में कहा जाता है कि इस दौरान व्यक्ति को क्रोध, विवाद, नशे और अनावश्यक भोग-विलास से बचना चाहिए। इसलिए पितृ पक्ष का संदेश केवल कुछ चीजें न खरीदने या न खाने तक सीमित नहीं है, बल्कि पूर्वजों का सम्मान, संयम और दान-पुण्य भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है।

सबसे जरूरी बात क्या?

पितृ पक्ष को डर या भय का विषय बनाने के बजाय इसे अपने पूर्वजों को याद करने और परिवार की परंपराओं को निभाने के अवसर के रूप में देखा जाता है। तर्पण, श्राद्ध, जरूरतमंदों को भोजन कराना और दान-पुण्य जैसी परंपराएं इसी भावना से जुड़ी हैं। यानी पितृ पक्ष में सबसे बड़ी सावधानी यह है कि श्रद्धा और परंपरा का पालन करते हुए परिवार अपनी मान्यताओं के अनुसार कर्म करे, लेकिन किसी धार्मिक मान्यता को वैज्ञानिक तथ्य समझकर प्रस्तुत न किया जाए।

गरुड़ पुराण की मानें तो पितृपक्ष में पितृ धरती लोक पर आते हैं। धार्मिक मान्यता यह है कि पितृ पक्ष में पितरों की पूजा करने से व्यक्ति को मृत्यु लोक में ही सभी प्रकार के सुखों की प्राप्ति होती है। साथ ही पितरों का आशीर्वाद भी मिलता है जिससे आय और सौभाग्य में वृद्धि होती है। पितृ के नाराज रहने पर जातक को जीवन में कई सारी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। आर्थिक स्थिति तो बदहाल होती ही है। अकस्मात अनहोनी का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐेसे में पितरों को प्रसन्न करना चाहिए। आप भी अपने पितरों का आशीर्वाद हासिल करना चाहते हैं, तो इस बार पितृ पक्ष के दौरान मंत्रों का जाप अवश्य करें।

श्राद्ध करने से पूर्वज होते हैं प्रसन्न

पितृ पक्ष जिसे कनागत या श्राद्ध पक्ष भी कहते हैं। ये 15 दिन पितरों को समर्पित होते हैं। इन 15 दिनों के दौरान पितरों की शांति और उन्हें प्रसन्न करने के लिए दान, श्राद्ध कर्म, गरीबों को भोजन कराया जाता है। कहते हैं ऐसा करने से पितरों की आत्माएं प्रसन्न होती हैं। वहीं पितृ पक्ष के समय पितरों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध भी किया जाता है। हिंदू पंचांग में उललेख मिलता है कि पितृ पक्ष के ये 15 दिन भाद्रपद मास की पूर्णिमा तिथि से प्रारंभ होते हैं। यह आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की स्थापना तिथि को समाप्त होते हैं। हिंदू धर्म में पितृपक्ष यानी श्राद्ध का अपना विशेष महत्व होता है। पितृ पक्ष के दिनों में पूर्वजों को श्रद्धापूर्वक याद कर उनका श्राद्ध कर्म किया जाता है।

पितरों के प्रसन्न होने से वंशजों का भी होता है कल्याण

पितृ पक्ष के दौरान पितरों के लिए तर्पण और श्राद्ध कर्म करने वालों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि इस दौरान न केवल पितरों की मुक्ति के लिए उनका श्राद्ध किया जाता है। बल्कि इस तरह पितरों के प्रति सम्मान भी व्यक्त किया जाता है। ज्योतिषिविद के अनुसार पितृ पक्ष की प्रमुख तिथि और उनका क्या महत्व होता है। पितृ पक्ष के दौरान हर तिथि का अगल महत्व होता है। पितृ पक्ष के प्रारंभ होने से लेकर समापन तक प्रत्येक दिन अलग अलग महत्व है। पितृ पक्ष की तिथि के अनुसार ही श्राद्ध करने का नियम शास्त्रों में वर्णित है। इसे इस तरह समझा जा सकता है कि इस साल द्वितीया श्राद्ध की ति​थि 30 सितंबर को है। यानी पितृ पक्ष में श्राद्ध की द्वितीया तिथि 30 सितंबर मानी गई है। जिन लोगों के पूर्वजों का देहांत किसी भी माह की द्वितीया तिथि को होती है, तो वे पितृ पक्ष के दूसरे दिन अपने पूर्वजों का श्राद्ध कर सकते हैं। इसी प्रकार पूर्वजों की मृत्यु भी माह और पक्ष की नवमी तिथि को होती है तो वे पितृ पक्ष की नवमी श्राद्ध के लिए तर्पण और पिंडदान कर सकते हैं।

Tags: #Pitru Paksha #Avoid these mistakes during Pitru Paksha # believed that the blessings of the ancestors remain with you
LIVE India News

लाइव इंडिया न्यूज 2016 से आप तक खबरें पंहुचा रहा है। लाइव इंडिया वेबसाइट का मकसद ब्रेकिंग, नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, बिजनेस और अर्थतंत्र से जुड़े हर अपडेट्स सही समय पर देना है। देश के हिंदी भाषी राज्यों से रोजमर्रा की खबरों से लेकर राजनीति नेशनल व इंटरनेशनल मुद्दों से जुडी खबरें और उनके पीछे छुपे सवालों को बेधड़क सामने लाना, देश-विदेश के राजनैतिक, आर्थिक और सामाजिक मुद्दों का विश्लेषण बेबाकी से करना हमारा मकसद है।

Vihan Limelite Event & Entertainment Pvt Ltd
Regd Office Flat No 1
Mig 3 E 6
Arera Colony Bhopal

Branch Office
Main Road. Tikraparaa
Raipur CG

Director Deepti Chaurasia
Mobile No 7725016291

Email id - liveindianewsandviews@gmail.com

Currently Playing

मोदी-योगी की सवा घंटे की मुलाकात, यूपी में चुनावी गणित और संगठन की अगली चाल

Modi Yogi 75 minute meeting

मोदी-योगी की सवा घंटे की मुलाकात, यूपी में चुनावी गणित और संगठन की अगली चाल

उत्तर प्रदेश
अजीत अगरकर के बाद कौन बनेगा टीम इंडिया का नया चीफ सेलेक्टर?

अजीत अगरकर के बाद कौन बनेगा टीम इंडिया का नया चीफ सेलेक्टर?

मनोरंजन
हलफनामे में 3.82 करोड़ की संपत्ति, रोल्स रॉयस की कीमत 13 करोड़, मैथिली ठाकुर पर क्यों उठे सवाल?

हलफनामे में 3.82 करोड़ की संपत्ति, रोल्स रॉयस की कीमत 13 करोड़, मैथिली ठाकुर पर क्यों उठे सवाल?

स्पेशल

RSS feed: Unknown Feed Unknown Feed

  • Contact

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

No Result
View All Result
  • Home
  • मुख्य समाचार
  • शहर और राज्य
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • संपादक की पसंद
  • मनोरंजन
  • स्टार्टअप
  • धर्म
  • कृषि

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

Go to mobile version