UPI पेमेंट में PhonePe का दबदबा कायम, Google Pay दूसरे नंबर पर; जानिए Paytm समेत सभी ऐप्स की मार्केट हिस्सेदारी

डिजिटल पेमेंट आज लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। सब्जी खरीदने से लेकर शॉपिंग और बिजली का बिल भरने तक, लोग UPI के जरिए आसानी से भुगतान कर रहे हैं। इस बाजार में PhonePe, Google Pay और Paytm जैसे ऐप्स के बीच मुकाबला जारी है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, PhonePe 45.6 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी के साथ पहले स्थान पर है, जबकि Google Pay 32.3 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ दूसरे नंबर पर है। वहीं Paytm की हिस्सेदारी 8 प्रतिशत है। PhonePe और Google Pay की संयुक्त हिस्सेदारी करीब 77.9 प्रतिशत बताई गई है।

PhonePe ने UPI बाजार में बनाई सबसे मजबूत पकड़, Google Pay दूसरे स्थान पर

दिए गए आंकड़ों के अनुसार, PhonePe 45.6 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ सबसे आगे है। Google Pay 32.3 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर है। दोनों ऐप्स मिलकर UPI बाजार के बड़े हिस्से पर अपनी पकड़ बनाए हुए हैं। हालांकि, इन आंकड़ों की सही तुलना के लिए यह जानना जरूरी है कि बाजार हिस्सेदारी किस अवधि और किस मापदंड के आधार पर निकाली गई है।

Paytm तीसरे नंबर पर, Navi और Supermoney भी सूची में शामिल

Paytm की बाजार हिस्सेदारी 8 प्रतिशत बताई गई है। इसके बाद Navi 4.4 प्रतिशत और Supermoney 1.7 प्रतिशत के साथ सूची में हैं। BHIM की हिस्सेदारी 1 प्रतिशत, FamApp की 0.9 प्रतिशत और WhatsApp Pay की 0.7 प्रतिशत है। वहीं CRED और Axis Bank App दोनों की हिस्सेदारी 0.6 प्रतिशत बताई गई है। इन आंकड़ों से पता चलता है कि UPI भुगतान के बाजार में कई ऐप्स मौजूद हैं, लेकिन प्रमुख हिस्सेदारी कुछ बड़े प्लेटफॉर्म के पास है।

UPI ऐप चुनते समय सुरक्षा और सुविधाओं पर दें ध्यान

किसी ऐप की बाजार हिस्सेदारी ज्यादा होने का मतलब यह नहीं कि वह हर व्यक्ति के लिए सबसे अच्छा विकल्प है। UPI ऐप चुनते समय सुरक्षा, भुगतान की सफलता, बैंक खाते से जुड़ने की सुविधा और शिकायत समाधान की प्रक्रिया पर ध्यान देना चाहिए। किसी के साथ अपना UPI PIN साझा न करें और भुगतान करने से पहले प्राप्तकर्ता का नाम तथा रकम जरूर जांच लें। पैसे प्राप्त करने के लिए आमतौर पर UPI PIN डालने की जरूरत नहीं होती।

₹2,000 से अधिक के चुनिंदा UPI भुगतानों पर MDR का प्रस्ताव

UPI से जुड़े मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को लेकर भी चर्चा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, चुनिंदा व्यापारी भुगतानों पर शुल्क लागू करने की प्रस्तावित तारीख 15 अक्टूबर से आगे बढ़ाकर दिवाली के बाद तक टाल दी गई थी। प्रस्ताव में ₹2,000 से अधिक के पात्र मर्चेंट भुगतान पर 0.4 प्रतिशत शुल्क और प्रति लेनदेन अधिकतम ₹300 की सीमा का उल्लेख था। यह शुल्क व्यापारियों से संबंधित है; इसे सभी सामान्य UPI भुगतानों पर लागू मानना सही नहीं होगा। अंतिम नियमों के लिए NPCI की आधिकारिक घोषणा देखना जरूरी है।

₹2,000 से ऊपर के भुगतान पर क्या आम ग्राहकों को शुल्क देना होगा?

प्रस्तावित MDR व्यवस्था का उद्देश्य चुनिंदा व्यापारी लेनदेन से जुड़ा है। सामान्य व्यक्ति-से-व्यक्ति UPI ट्रांसफर को इससे अलग समझना चाहिए। शुल्क का वास्तविक प्रभाव लागू नियमों और लेनदेन की श्रेणी पर निर्भर करेगा। इसलिए किसी भी नए शुल्क को लेकर आधिकारिक जानकारी की पुष्टि करें।

 

 

 

 

 

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