पेट्रोल-डीजल कीमत 26 सितंबर: भोपाल में डीजल फिर ₹99.64, पेट्रोल ₹114.54
भोपाल में 26 सितंबर 2026 को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ा बदलाव नहीं दिख रहा है। उपलब्ध ताजा आंकड़ों के मुताबिक पेट्रोल ₹114.54 प्रति लीटर और डीजल ₹99.64 प्रति लीटर के आसपास है। 25 सितंबर के आंकड़ों में भी यही स्तर दर्ज है।
1. डीजल में मामूली उतार-चढ़ाव
सितंबर में भोपाल का डीजल लगातार ₹99 से ₹100 के दायरे में घूम रहा है। 23 सितंबर को यह ₹99.48 के महीने के निचले स्तर तक आया, जबकि 25 सितंबर को बढ़कर ₹99.64 पहुंच गया। यानी महीने की शुरुआत ₹99.55 से हुई थी और अब कीमत लगभग 9 पैसे ऊपर है।
2. पेट्रोल भी ₹114 के पार स्थिर
भोपाल में पेट्रोल की कीमत 1 सितंबर को ₹114.45 थी। 7 सितंबर को यह महीने के उच्च स्तर ₹115.23 तक पहुंची, जबकि 23 सितंबर को ₹114.36 के निचले स्तर पर आई। 25 सितंबर को फिर ₹114.54 दर्ज किया गया। यानी पूरे महीने में बड़े उछाल के बजाय सीमित उतार-चढ़ाव देखने को मिला।
3. रोज बदलने वाली कीमत, लेकिन सीमित असर
तेल कंपनियां पेट्रोल-डीजल की कीमतों को रोज सुबह 6 बजे संशोधित करने की व्यवस्था रखती हैं। लेकिन रोजाना संशोधन की व्यवस्था का मतलब यह नहीं कि हर दिन कीमत बदले ही। हाल के आंकड़ों में भोपाल में कुछ दिनों तक कीमत स्थिर रही और फिर 9 पैसे जैसी छोटी बढ़ोतरी या कमी देखने को मिली।
4. अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की अहम भूमिका
पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमत पर अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमत, रुपये-डॉलर विनिमय दर, रिफाइनिंग लागत, आपूर्ति और कर जैसे कई कारकों का असर पड़ता है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में हलचल होने के बावजूद उसका असर भारतीय पंप कीमतों में उसी दिन और उसी अनुपात में दिखाई देना जरूरी नहीं है।
5. अगस्त के मुकाबले सितंबर में राहत
भोपाल में अगस्त की शुरुआत में डीजल ₹100.47 था और 27 अगस्त को यह ₹102.15 तक पहुंचा था। सितंबर में कीमतें उस स्तर से नीचे बनी हुई हैं। अगस्त की शुरुआत में पेट्रोल ₹115.44 था और 24 अगस्त को ₹116.03 तक गया था, जबकि सितंबर के अधिकांश दिनों में पेट्रोल ₹114–₹115 के दायरे में रहा।
26 सितंबर की तस्वीर यह है कि भोपाल में पेट्रोल करीब ₹114.54 और डीजल ₹99.64 प्रति लीटर पर है। सितंबर में दोनों ईंधनों में बड़े बदलाव के बजाय छोटी-छोटी दैनिक हलचल रही है। डीजल अगस्त के ऊंचे स्तर से नीचे है, जबकि पेट्रोल भी अगस्त के मुकाबले अपेक्षाकृत निचले दायरे में बना हुआ है। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल और रुपये की चाल के साथ घरेलू कर एवं तेल कंपनियों के मूल्य निर्धारण पर नजर रहेगी।





