एक लीटर पेट्रोल पर कंपनियों का मुनाफा जानकर उड़ जाएंगे होश, डीजल पर भी भारी कमाई

भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगातार ऊंची बनी हुई हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम लगातार गिर रहे हैं। आमतौर पर निवेशक और आम लोग मानते हैं कि जब क्रूड ऑयल सस्ता होता है, तो पेट्रोल और डीजल के दामों में गिरावट आती है। लेकिन वित्त वर्ष 2025 की रिपोर्ट के अनुसार देश की पेट्रोलियम कंपनियां हर लीटर पेट्रोल पर 11.2 रुपए और डीजल पर 8.1 रुपए का मुनाफा कमा रही हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतें 70 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई हैं, लेकिन भारत में यह लाभ सीधे आम जनता तक नहीं पहुंचा।

कच्चे तेल की कीमत और अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य
अमेरिका और रूस से जुड़ी खबरों के बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल महंगे हैं। अमेरिकी क्रूड ऑयल के दाम जुलाई के अंत में 69 डॉलर से गिरकर अब 63.13 डॉलर प्रति बैरल हो गए हैं। इसके बावजूद देश में तेल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। पिछले साल 2024 में भी केवल 2-3 रुपए की मामूली कटौती हुई थी, जो आम लोगों की जेब पर असर डालने के लिए पर्याप्त नहीं थी।

कंपनियों का लाभ और जनता की स्थिति
तेल कंपनियों के लिए यह समय बेहद लाभकारी साबित हुआ है। पेट्रोल और डीजल की बिक्री से उन्हें भारी मुनाफा हो रहा है। कच्चे तेल के सस्ते होने के बावजूद आम उपभोक्ता को कोई राहत नहीं मिली। विशेषज्ञ मानते हैं कि पेट्रोलियम कंपनियों के मार्जिन और वितरण लागत में अंतर के कारण आम जनता को लाभ नहीं मिल पाता।

आगे की राह और संभावित बदलाव
विशेषज्ञों का सुझाव है कि सरकार को अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतों और घरेलू कीमतों के बीच असंतुलन को देखते हुए कदम उठाने चाहिए। यदि तेल सस्ता हो रहा है, तो इसका फायदा सीधे पेट्रोल और डीजल की दरों में दिखाना चाहिए। फिलहाल कंपनियों का मुनाफा और जनता का बोझ दोनों ही जारी हैं।

 

 

 

 

 

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