बांग्लादेश में हिन्दू ही नहीं ईसाई समुदाय के लोग भी सुरक्षित नहीं हैं। यहां क्रिसमस के त्यौहार से एक दिन पहले ईसाई समुदाय पर जमकर कहर बरपाया गया। खबर है कि इस समुदाय से जुड़े लोगों के 17 घरों को आग के हवाले कर दिया गया। यह घटना बंदरबन जिले के चटगांव पहाड़ी इलाके की बताई जा रही है।पीड़ित ईसाई समुदाय के लोगों का दावा है कि जब वे क्रिसमस के मौके पर प्रभु ईशु की प्रार्थना करने के लिए चर्च गए थे उस समय मौके का फायदा उठाकर उनके घरों को आग के हवाले कर दिया गया।
- नवंबर में मिली थी धमकियां
- शिकायत के बाद भी नहीं की पुलिस ने कार्रवाई
- अब घर जल जाने की वजह से खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर
- पीड़ितों का दर्द,घर के साथ जलकर खाक हो चुका है
ईसाई समुदाय के लोगों का कहना है आगजनी की इस घटना में उनका करीब 15 लाख टका (बांग्लादेशी करंसी) से अधिक का नुकसान हुआ है। आगजनी की घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने तत्काल घटनास्थल का दौरा किया। पुलिस की ओर से जानकारी देते हुए बताया गया कि बुधवार दोपहर तक आगजनी को लेकर कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं की गई है। हालांकि शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
कई दिनों से रह रहे थे ईसाई-समुदाय के लोग
बता दें पश्चिम बंगाल में त्रिपुरा समुदाय के 19 परिवार बंदरबन चटगांव पहाड़ी इलाका के लामा सराय के एसपी गार्डन में निवास करते थे। यह गार्डन हसीना सरकार के समय बड़े अधिकारी रहे बेनजीर अहमद का बताया जाता है। हालांकि 5 अगस्त के बाद से ही बेनजीर अहमद और उनके परिवार के सदस्य यह इलाका छोड़कर कहीं दूसरी जगह चले गए थे। इसके बाद यहां त्रिपुरा समुदाय के यह 19 परिवार आकर निवास करने लगे। इस बीच यह सभी लोग जब क्रिसमस के मौके पर प्रार्थना करने पड़ोस में बने चर्च में गए तो उपद्रवियों ने उनके सूने घरों को निशाना बनाया और घरों को जला दिया। ईसाई समुदाय के लोगों का कहना है यह उनकी ही जमीन है। पहले इस क्षेत्र को तंगझिरी पारा के नाम से जाना जाता था। इस जमीन पर बेनजीर अहमद के लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा था। बाद में यहां का नाम बदलकर एसपी गार्डन कर दिया था।
(प्रकाश कुमार पांडेय)