नवरात्र में भूतों का मेला!..बिहार का अनोखा धार्मिक स्थल…लाखों श्रद्धालुओं की उमड़ती भीड़
नवरात्रि के दौरान पूरे देश में आस्था का सैलाब दिखाई देता है। बिहार के कैमूर जिले के चैनपुर स्थित हरसू ब्रह्म स्थान मंदिर में यह आस्था कुछ खास रूप ले लेती है। यहां नवरात्र के समय लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ती है। भीड़ इतनी अधिक होती है कि लोगों को मंदिर तक पहुंचने के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता है। फिर भी लोग धैर्यपूर्वक बाबा के दर्शन करने आते हैं। मान्यता है कि यहां पूजा करने से भूत-प्रेत और पिशाच जैसी बाधाओं से मुक्ति मिलती है।
भूत-पिसाच का सुप्रीम कोर्ट
हरसू ब्रह्म स्थान मंदिर को लोग भूत-पिसाच का सुप्रीम कोर्ट कहते हैं। इसका कारण यह है कि यहां कितने भी शक्तिशाली भूत-प्रेत या बाधाएं क्यों न हों, बाबा के दरबार में आने के बाद शांत हो जाते हैं। मान्यता है कि यहां की गई प्रार्थना से व्यक्ति पर लगे सभी नकारात्मक प्रभाव समाप्त हो जाते हैं। यही वजह है कि यहां नवरात्रि के दिनों में न केवल बिहार, बल्कि उत्तर प्रदेश, झारखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
मंदिर की ऐतिहासिक मान्यता
स्थानीय किंवदंतियों के अनुसार, हरसू ब्रह्म स्थान सदियों पुराना धार्मिक स्थल है। यहां साधु-संतों ने वर्षों तक तपस्या की और अलौकिक शक्तियों को साधा। तभी से इस मंदिर को भूत-प्रेत मुक्ति स्थल माना जाने लगा। ग्रामीणों का कहना है कि जिन लोगों को भूत-प्रेत की बाधा होती है, वे यहां आकर पूजा-अर्चना करते हैं और राहत पाते हैं। मंदिर के पुजारी बताते हैं कि यह परंपरा न केवल वर्षों से चली आ रही है, बल्कि पीढ़ी-दर-पीढ़ी आस्था का केंद्र बनी हुई है।
नवरात्रि पर खास आयोजन
नवरात्रि के दिनों में हरसू ब्रह्म स्थान पर विशेष पूजा-अर्चना और अनुष्ठान होते हैं। मंदिर परिसर में बड़े स्तर पर भजन-कीर्तन और हवन का आयोजन किया जाता है। इस दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर परिसर से लेकर आसपास के गांवों तक फैल जाती है। कई श्रद्धालु यहां रात्रि भर रुककर साधना करते हैं। लोगों की मान्यता है कि नवरात्रि में बाबा हरसू ब्रह्म की विशेष कृपा होती है और इस दौरान की गई पूजा तुरंत फल देती है।
प्रशासन की सख्त व्यवस्थाएं
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन हर साल यहां विशेष इंतजाम करता है। पुलिस और प्रशासन की टीमें सुरक्षा और व्यवस्थाओं को संभालती हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग और मेडिकल कैंप लगाए जाते हैं। प्रशासन का कहना है कि लाखों की भीड़ के बावजूद अब तक यहां किसी बड़े हादसे की खबर नहीं आई है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह भी बाबा की ही कृपा है कि इतनी भारी भीड़ के बावजूद माहौल शांतिपूर्ण और सकारात्मक रहता है। बिहार का कैमूर जिला नवरात्रि के दौरान देशभर के श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बन जाता है। हरसू ब्रह्म स्थान मंदिर न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि भूत-प्रेत बाधा से मुक्ति दिलाने वाला स्थल भी माना जाता है। भूत-पिसाच का सुप्रीम कोर्ट कहलाने वाला यह मंदिर आज भी लोकआस्था और परंपरा का जीवंत उदाहरण है। (प्रकाश कुमार पांडेय)