T20 वर्ल्ड कप 2026 पर पाकिस्तान का सस्पेंस: PCB चीफ के बयान से मचा हड़कंप, बांग्लादेश को मिल सकता है बड़ा मौका

T20 वर्ल्ड कप 2026 पर पाकिस्तान का सस्पेंस: PCB चीफ के बयान से मचा हड़कंप, बांग्लादेश को मिल सकता है बड़ा मौका

PCB चीफ के बयान से बढ़ी हलचल
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने T20 वर्ल्ड कप को लेकर बड़ा बयान देकर क्रिकेट जगत में सनसनी फैला दी है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की भागीदारी पर अंतिम फैसला अभी टाल दिया गया है। नकवी ने इस मुद्दे पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात कर सलाह लेने की बात भी सार्वजनिक की।

कब आएगा अंतिम फैसला?
PCB चीफ ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान के खेलने या न खेलने को लेकर अंतिम निर्णय या तो शुक्रवार को या फिर अगले सोमवार तक लिया जाएगा। हैरानी की बात यह है कि टूर्नामेंट शुरू होने में अब महज डेढ़ सप्ताह का समय बचा है, ऐसे में अनिश्चितता और गहरा गई है।

पूरे टूर्नामेंट से हटना मुश्किल!
एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से आई रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के पूरे टूर्नामेंट से हटने की संभावना बेहद कम है। वजह साफ है—अगर पाकिस्तान पीछे हटता है तो आईसीसी उसकी जगह बांग्लादेश को मौका दे सकता है, जिससे पाकिस्तान को कूटनीतिक और खेल दोनों स्तरों पर नुकसान हो सकता है।

बांग्लादेश को कैसे मिलेगा फायदा?
अगर पाकिस्तान टूर्नामेंट से बाहर होता है तो बांग्लादेश को ग्रुप A में शामिल किया जा सकता है। बांग्लादेश अपने सभी मुकाबले श्रीलंका में खेल पाएगा, जिससे लॉजिस्टिक परेशानियां भी कम होंगी। इसके साथ ही आईसीसी पर सुरक्षा कारणों को लेकर कोई सीधा आरोप भी नहीं आएगा।

स्कॉटलैंड की एंट्री का पुराना फैसला
गौरतलब है कि 24 जनवरी को आईसीसी ने ग्रुप C में बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया था। उस फैसले के बाद से ही शेड्यूल को लेकर कई बदलाव किए जा चुके हैं, जिससे अब अंतिम समय पर फेरबदल बेहद मुश्किल माना जा रहा है।

पाकिस्तान के पास क्या विकल्प बचे हैं?
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, PCB के पास एक बड़ा लेकिन जोखिम भरा विकल्प है—
15 फरवरी को कोलंबो में भारत के खिलाफ ग्रुप A मैच का बहिष्कार करना और अंक गंवाने के लिए तैयार रहना। हालांकि, ऐसा करने से ब्रॉडकास्टर और स्पॉन्सर्स को भारी नुकसान हो सकता है।

ICC को देना होगा जवाब
अगर पाकिस्तान किसी मैच का बहिष्कार करता है, तो उसे इसके पीछे ठोस वजह बतानी होगी। इसके बाद ही आईसीसी कोई अंतिम फैसला लेगी। याद दिला दें कि हाइब्रिड मॉडल भी पाकिस्तान की मांग पर ही लागू किया गया था, ऐसे में इससे पीछे हटना समझौते का उल्लंघन माना जा सकता है।

काले आर्मबैंड पर भी विचार
सूत्रों के अनुसार, PCB विरोध दर्ज कराने के लिए एक और रास्ता तलाश रहा है। पाकिस्तान टीम काले आर्मबैंड पहनकर मैच खेलने के विकल्प पर भी विचार कर रही है, ताकि बिना मुकाबला छोड़े अपना विरोध जता सके।

BCCI का पलटवार, बांग्लादेश को भड़काने का आरोप
इस पूरे विवाद पर BCCI के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने सख्त प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि भारत बांग्लादेश को खेलने के लिए तैयार था और पूरी सुरक्षा का भरोसा भी दिया गया था। लेकिन उनके फैसले के बाद आखिरी समय में शेड्यूल बदलना संभव नहीं था।

‘पाकिस्तान बेवजह दखल दे रहा’
राजीव शुक्ला ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान बिना किसी ठोस वजह के इस मामले में हस्तक्षेप कर बांग्लादेश को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि पाकिस्तान ने बांग्लादेश के साथ कैसा व्यवहार किया है, और अब वही देश उन्हें भड़काने का प्रयास कर रहा है।

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