रांची के निवारणपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले की जांच में पाकिस्तान कनेक्शन सामने आया है। जांच एजेंसियों के सूत्रों के मुताबिक, हमले में शामिल तीनों आरोपी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के संपर्क में थे और उन्हें सोशल मीडिया के जरिए भर्ती किया गया था।
पेट्रोल बम से रांची राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कार्यालय पर हमला
तीनों आरोपी ISI के संपर्क में होने का दावा
सोशल मीडिया के जरिए हुई थी भर्ती
बिहार के गया स्टेशन से हुई गिरफ्तार
UAPA की धाराएं जोड़ी गईं
शहजाद भट्टी मॉड्यूल से संबंधों की जांच
कई राज्यों में जांच और छापेमारी जारी
गया स्टेशन से दबोचे गए आरोपी
घटना को अंजाम देने के बाद फरार हो रहे तीनों आरोपियों को बिहार के गया जंक्शन से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ और तकनीकी जांच में एजेंसियों को कई अहम सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर आतंकवाद निरोधी कानून UAPA की धाराएं भी जोड़ी गई हैं।
झारखंड के ही रहने वाले हैं तीनों आरोपी
जांच में सामने आया है कि तीनों आरोपी झारखंड के निवासी हैं। इनमें एक आरोपी रांची का रहने वाला है, जबकि दो आरोपी लोहरदगा जिले से जुड़े बताए जा रहे हैं। फिलहाल सुरक्षा कारणों से उनकी पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।
रेकी के बाद फेंके गए थे पेट्रोल बम
वारदात से पहले तैयार किया गया विस्फोटक
जांच एजेंसियों का कहना है कि हमले में इस्तेमाल किए गए पेट्रोल बमों को आरोपियों ने वारदात से ठीक पहले असेंबल किया था। इससे संकेत मिलता है कि पूरी कार्रवाई सुनियोजित थी और इसके पीछे संगठित नेटवर्क सक्रिय था। ISI लिंक सामने आने के बाद जांच एजेंसियां इस हमले के तार कथित शहजाद भट्टी मॉड्यूल से भी जोड़कर देख रही हैं। हाल ही में विभिन्न राज्यों में संयुक्त अभियान चलाकर इस मॉड्यूल से जुड़े 12 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया था। एजेंसियों को आशंका है कि देश के कई शहरों में अस्थिरता फैलाने की साजिश रची जा रही थी।
जांच जारी, कई जगह छापेमारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय और राज्य एजेंसियां लगातार छापेमारी कर रही हैं। डिजिटल सबूत, सोशल मीडिया संपर्क और वित्तीय लेन-देन की भी जांच की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।