Election 2024: लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर सभी पार्टियों ने अपना अभियान अभी से ही शुरू कर दिया है। एनडीए यानी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन जहां नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हैट्रिक के लिए जोर लगा रहा है, तो बीजेपी के विजय रथ को रोकने के लिए विपक्षी लामबंदी तेज हो गई है। हालांकि, विपक्षी एकता की राह आसान नहीं है। राहुल गांधी के भारत जोड़ो यात्रा से लेकर अभी हाल ही में नीतीश कुमार का बयान भी कुछ ऐसा ही दिख रहा है।
- राजनीति गजब दिलचस्प चीज है
- पटना में चल रहे सीपीआई-एमएल के राष्ट्रीय कन्वेंशन में गजब नजारा सामने आया
- यहां सीपीआई-एमएल का राष्ट्रीय कनवेंशन चलने के दौरान ही मंच पर जेडीयू के मुखिया नीतीश कुमार बोलने को आए और इस मंच से विपक्षी एकजुटता को लेकर बड़ा बयान दिया
- नीतीश कुमार ने कहा कि अगर वे सभी (यानी विपक्षी दल) मिल जाएं तो बीजेपी 100 से भी कम सीट पर सिमट जाएगी
- नीतीश ने यह भी कहा कि उन्होंने दिल्ली जाकर सोनिया गांधी और राहुल से मुलाकात की थी और अब कांग्रेस को फैसला लेना है, उसे देरी नहीं करनी चाहिए
नीतीश कुमार के इस बयान के साथ ही एक सवाल भी खड़ा होता है कि आखिर कांग्रेस क्यों विपक्ष को एकजुट करने में देरी कर रही है? हालांकि, इसका जवाब इसी मंच पर तेजस्वी यादव ने अपने भाषण से दे दिया।
ड्राइवर कौन, इस पर बवाल
सीपीआई-एमएल के राष्ट्रीय कन्वेंशन में आरजेडी नेता और बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने भी संबोधन दिया। इस दौरान तेजस्वी यादव ने सलाह दी कि कांग्रेस को क्षेत्रीय पार्टियों को ड्राइविंग सीट पर आने देना चाहिए और जहां वह सीधे मुकाबले में है, वहां वह टक्कर ले।
- तेजस्वी के ड्राइविंग सीट वाले इस बयान के कई मायने हैं
- कांग्रेस इस समय सबसे बुरे दौर में है और विपक्ष में पीएम पद के लिए कई दावेदार खड़े हो रहे हैं, इनमें एक प्रमुख नाम नीतीश कुमार का है
- आरजेडी और जेडीयू नीतीश कुमार का नाम पीएम पद के लिए आगे करना चाहते हैं और इसीलिए राहुल गांधी पर दबाव बनाया जा रहा है
- हालांकि, नीतीश कुमार ने कहा है, “मेरी प्रधानमंत्री पद को लेकर कोई व्यक्तिगत इच्छा नहीं है’
- राहुल भी अपनी भारत जोड़ो यात्रा के दौरान मेकओवर करते दिखे, उन्होंने दो दर्जन के करीब विपक्षी नेताओं को यात्रा के अंतिम दिन बुलाया था, लेकिन केवल 9 नेता ही पहुंचे
नीतीश की परेशानी अलग
पेंच सिर्फ पीएम पद को लेकर ही नहीं है, बल्कि नेताओं की अधिकता भी एक समस्या है। बिहार में महागठबंधन की सहयोगी आरजेडी के नेता और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की थी। यह सब समय का ही तो फेर है, एक समय अरविंद केजरीवाल लालू के साथ से भी बचते थे। बहरहाल, तेजस्वी यादव और अरविंद केजरीवाल दोनों ने इसे बहुत ही उपयोगी मुलाकात बताया था।
- अरविंद केजरीवाल भी राष्ट्रीय परिदृश्य पर आने के लिए पूरी मेहनत कर रहे हैं
- नीतीश कुमार कांग्रेस को एकजुटता का संदेश दे रहे हैं, वहीं सरकार में उनके सहयोगी दल के नेता ‘आप’ के साथ मुलाकात कर रहे हैं
- ये कुछ ऐसी बाते हैं जो एकजुटता पर सवाल उठा रहे हैं, इससे पहले नीतीश कुमार ने राहुल गांधी की अगुआई वाली कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा से भी खुद को दूर ही रखा था
विपक्ष में जितने दल हैं, उतने ही नेता और सबकी महत्वाकांक्षा सीधा पीएम बनने की ही है। ऐसे में राहुल गांधी और कांग्रेस के लिए परेशानी केवल बढ़सकती है।
