ऑपरेशन सिदूंर Opretion Sindoor पर भारत का पक्ष रखने और पाकिस्तान को बेनकाब करने के लिए देश के सांसदों का दल विदेश जा रहा है। इसी तरह के एक दल का प्रतिनिधित्व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर कर रहे हैं। शशि थरूर Shashi Tharoor अपने डेलीगेशन के साथ अमेरिका पहुंचे । अमेरिका में थरूर से पूछा गया कि भारत की सेना ने इस ऑपरेशन का नाम ऑपरेशन सिंदूर क्यों रखा । तब उन्होंने वहां के नेताओं और स्थानीय लोगों को इसका मतलब और मकसद दोनो ही समझाया।
ऑपरेशन सिंदूर नाम पर क्या कहा थरूर ने
जब शशि थरूर से पूछा कि फारतीय सेना ने इस ऑपरेशन का नाम सिदूंर क्यों रखा। इस पर शशि थरूर ने जवाब दिया कि –भारत ने ये ऑपरेशन पहलगाम के आंतकी हमले के बाद चलाया। इस हमले में आतंकवादियों ने धर्म पूछकर निर्दोष लोंगो को मारा और हमले में महिलाओं के पतियों को मारा और उनको अकेला छोड़ दिया। हिंदू परंपरा में विवाहित महिलाऐं अपने माथे पर सिंदूर लगाती है। पहलगाम के हमले में महिलाओं के सामने ही उनके पति को मार डाला, जिससे उनका सिदूंर उड़ गया।
इसलिए सेना ने ऑपरेशन का नाम ऑपरेशन सिंदूर रखा। सिदूंर का बदला आंतकियों के खून से लिया। शशि शरूर ने बताया कि ये केवल एक सैन्य कारवाई नहीं थी ब्लकि आंतरवाद के खिलाफ प्रतीकात्मक जवाब भी था।
ट्रंप की मध्यस्थता पर भी ले थरूर
शशि थरूर से अमेरिका में ट्रंप की मध्यस्थता पर भी सवाल किया गया। थरूर ने साफ किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच सीज फायर मे किसी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं है। थरूर ने साफ किया कि भारत पहले ही ये कह चुका था कि पाकिस्तान से बात होगी तो सीधे ही होगी ऐसे में ट्रंप या किसी भी तीसरे पक्ष के बीच मे होने का सवाल नही है। थरूर ने बताया कि 10 मई तो पाकिस्तान ने भारत से गुहार लगाई कि वो अपने सैन्य कारवाई रोक दे क्योंकि पाकिस्तान का इन हमलों में बहुत नुकसान हो चुका है। उसके बाद भारत ने सीज फायर के लिए तैयार हुआ।





