Parliament Monsoon Session : संसद में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर बहस… लेकिन कांग्रेस के दिग्गज गायब! उठने लगे बड़े सवाल
संसद में ऑपरेशन सिंदूर पर बहस चल रही है। इस बहस में विपक्ष सरकार के घेरने की कोई कसर नहीं छोड़ रहा। लेकिन मजेदार बात ये है कि संसद में कांग्रेस की ओर से बोलने वालों में अच्छे वक्ताओं को नाम नहीं। कह सकते है कि उन सांसदों के नाम नहीं है जो आज से पहले कांग्रेस का पक्ष रखा करते थे। दऱअसल ये वो सांसद है जो ऑपरेशन सिंदूर डेलीगेशन का हिस्सा बनकर गए थे। इस ऑपरेशन में मुख्य रूप से शशि थरूर, मनीष तिवारी और सलमान खुर्शीद के नाम शामिल है।
कांग्रेस पर खड़े हो रहे है सवाल
ऑपरेशन सिंदूर में बहस के दौरान मनीष तिवारी, शशि थरूर और सलमान खुर्शीद का नाम न होना कई सवाल खड़े कर रहा है। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने एक न्यूज की कटिंग डालकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। इस पोस्ट में उन्होंने पूरब पश्चिम के गीत है प्रीत जहां की रीत सदा मैं गीत वहीं के गाता हूं पोस्ट किया। कांग्रेस पर उठे सवालों के बाद मनीष तिवारी ने पोस्ट किया जिसके चर्चे सियासी हल्कों में हो रहे हैं।
ऑपरेशन सिंदूर Opretion Sindoor के डेलीगेशन का हिस्सा थे ये सभी
ये तीनों ही सांसद पिछले दिनों ऑपरेशन सिंदूर के डेलीगेशन का हिस्सा बनकर पाकिस्तान के मंसूबों को दुनिया को बता रहे थे। ये डेलीगेशन अलग अलग हिस्सों में जाकर पाकिस्तान की पोल खोल रहा था। तभी से इन सासंदों को लेकर कांग्रेस में कई तरह कि टिप्प्णी होने लगी थी। कांग्रेस Congress नेताओं ने तो शशि थरूर को बीजेपी का सुपर प्रवक्ता तक बता डाला । वही सलमान खुर्शीद Salman Khurshid पर जब कांग्रेस ने तंज कसा तो उन्होंने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था कि देशभक्त होने कितना कठिन है।
नाम नहीं देने की क्या वजह थी
दरअसल डेलीगेशन से लौटने के बाद भी इन सांसदो को कांग्रेस में वो जगह नहीं मिल पाई जो पहले थी। उल्टा सांसदों और कांग्रेस के बीच की तनातनी खुलकर सामने आ गई। साफ दिखने लगा कि कांग्रेस के साथ इनके मतभेद हैं।
यही कारण है कि कांग्रेस इन सांसदो को मौका नही देना चाहती। कांग्रेस को लगता है कि ये अब केंद्र सरकार के पक्ष में ज्यादा है इसलिए कांग्रेस का पक्ष सदन मे बेहतर तरीके से नहीं रख सकेंगे।





